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दुनिया से अलविदा हो चुके लोग भी कर रहे बिजली इस्तेमाल
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला। ‘जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी’ यूं तो यह स्लोगन जीवन बीमा निगम का है लेकिन बिजली विभाग भी अब इसी राह पर है। दरअसल विभाग स्वर्गवासी हो चुके लोगों को लगातार आपूर्ति दे रहा है। दुनिया को अलविदा कहने वाले उपभोक्ताओं के नाम पर बदस्तूर कनेक्शन चल रहे हैं।
जिलेभर में करीब एक हजार लोगों को बिजली विभाग आज भी मरा हुआ नहीं मानता। हकीकत में ये लोग स्वर्गवासी हो गए हैं। कुछ ऐसे है जो दस से पंद्रह साल पहले दुनिया छोड़ गए। इसके बाद भी इनके नाम पर कनेक्शन चल रहे हैं। गजरौला खंड की बात करें तो यहां करीब 200 कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता ऐसे हैं जो स्वर्गवासी हो चुके हैं। यह केवल गजरौला खंड की ही बात नहीं है। जिलेभर में करीब एक हजार कनेक्शन मरे हुए लोगों के नाम पर चल रहे है। पिछले दिनों जिलाधिकारी ने सभी विभागों की समीक्षा बैठक ली थी, उसमें भी ऐसे कनेक्शन का मुद्दा उठा था। समीक्षा बैठक के दौरान खुद जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने कहा था कि ऐसे लोगों के कनेक्शन उनके आश्रितों के नाम ट्रांसफर कर दिए जाएं। वरना बिजली विभाग का करोड़ों रुपया फंस सकता है।
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गजरौला। ‘जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी’ यूं तो यह स्लोगन जीवन बीमा निगम का है लेकिन बिजली विभाग भी अब इसी राह पर है। दरअसल विभाग स्वर्गवासी हो चुके लोगों को लगातार आपूर्ति दे रहा है। दुनिया को अलविदा कहने वाले उपभोक्ताओं के नाम पर बदस्तूर कनेक्शन चल रहे हैं।
जिलेभर में करीब एक हजार लोगों को बिजली विभाग आज भी मरा हुआ नहीं मानता। हकीकत में ये लोग स्वर्गवासी हो गए हैं। कुछ ऐसे है जो दस से पंद्रह साल पहले दुनिया छोड़ गए। इसके बाद भी इनके नाम पर कनेक्शन चल रहे हैं। गजरौला खंड की बात करें तो यहां करीब 200 कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता ऐसे हैं जो स्वर्गवासी हो चुके हैं। यह केवल गजरौला खंड की ही बात नहीं है। जिलेभर में करीब एक हजार कनेक्शन मरे हुए लोगों के नाम पर चल रहे है। पिछले दिनों जिलाधिकारी ने सभी विभागों की समीक्षा बैठक ली थी, उसमें भी ऐसे कनेक्शन का मुद्दा उठा था। समीक्षा बैठक के दौरान खुद जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने कहा था कि ऐसे लोगों के कनेक्शन उनके आश्रितों के नाम ट्रांसफर कर दिए जाएं। वरना बिजली विभाग का करोड़ों रुपया फंस सकता है।
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