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भव्य कलश यात्रा के साथ पदुमपुर गोवर्धनपुर में शुरु हुआ 21 कुंडीय महायज्ञ
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फोटो 11, अंबेडकरनगर के राजेसुल्तानपुर गोवर्धनपुर में निकली कलश यात्रा।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
राजेसुल्तानपुर। आलापुर तहसील क्षेत्र के पदुमपुर गोवर्धनपुर में 21 कुंडीय श्री महाविद्या स्तोत्रम महायज्ञ व संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। परम पूज्य गुरुदेव श्री कर्मयोगी बाबा परमहंस स्वामी द्वारा कलश यात्रा के साथ भव्य शुभारंभ किया गया। क्षेत्र में 101 यज्ञ के संकल्प के साथ 74वें यज्ञ से पहले जईराम ब्रह्मबाबा, पदुमपुर के प्राचीन मंदिर से कलश यात्रा निकली।
इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल से कलश लेकर भ्रमण किया। इसके बाद सरयू नदी के कम्हरिया घाट से मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालु कलश में पवित्र जल लेकर फिर यज्ञ स्थल की ओर चल पड़े। शोभायात्रा में एक ओर जहां महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर चल रहीं थीं, वहीं दूसरी ओर भक्तगण संगीतमयी भजनों की धुन पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में कथा के मुख्य यजमान प्रकाशचंद्र शुक्ला पूरे परिवार के साथ सिर पर पवित्र कलश ले कर चल रहे थे। आयोजन स्थल पर पहुंचने के साथ ही विधिविधान से कलश स्थापना हुई। दोपहर में कार्यक्रम स्थल पर संगीतमयी श्री रामकथा महंत क्रोधानंद जी महाराज के मुखारबिंद से शुरू हुई। कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ पड़ी।
आयोजकों ने बताया कि श्रीराम कथा का हवन प्रतिदिन सुबह सात से नौ बजे तक होगा। कथा प्रतिदिन अपराह्न तीन से शाम छह बजे तक होगी। इस मौके पर सहायक यज्ञाचार्य श्री शांतानंदजी महाराज, ऋषिकेश, मुख्य यजमान प्रकाशचंद्र शुक्ला, गीता शुक्ला, अनिल कुमार सिंह, बिंदू सिंह, अन्नू मिश्रा, मनोज मिश्र, रणविजय सिंह, बृजेश शुक्ल, विष्णु बालक त्रिपाठी, अभय सिंह मोनू, विकास तिवारी, जगदंबा मिश्र, किरन सिंह आदि मौजूद रहे।
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इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल से कलश लेकर भ्रमण किया। इसके बाद सरयू नदी के कम्हरिया घाट से मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालु कलश में पवित्र जल लेकर फिर यज्ञ स्थल की ओर चल पड़े। शोभायात्रा में एक ओर जहां महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर चल रहीं थीं, वहीं दूसरी ओर भक्तगण संगीतमयी भजनों की धुन पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में कथा के मुख्य यजमान प्रकाशचंद्र शुक्ला पूरे परिवार के साथ सिर पर पवित्र कलश ले कर चल रहे थे। आयोजन स्थल पर पहुंचने के साथ ही विधिविधान से कलश स्थापना हुई। दोपहर में कार्यक्रम स्थल पर संगीतमयी श्री रामकथा महंत क्रोधानंद जी महाराज के मुखारबिंद से शुरू हुई। कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ पड़ी।
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आयोजकों ने बताया कि श्रीराम कथा का हवन प्रतिदिन सुबह सात से नौ बजे तक होगा। कथा प्रतिदिन अपराह्न तीन से शाम छह बजे तक होगी। इस मौके पर सहायक यज्ञाचार्य श्री शांतानंदजी महाराज, ऋषिकेश, मुख्य यजमान प्रकाशचंद्र शुक्ला, गीता शुक्ला, अनिल कुमार सिंह, बिंदू सिंह, अन्नू मिश्रा, मनोज मिश्र, रणविजय सिंह, बृजेश शुक्ल, विष्णु बालक त्रिपाठी, अभय सिंह मोनू, विकास तिवारी, जगदंबा मिश्र, किरन सिंह आदि मौजूद रहे।
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