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चादर चढ़ाने के लिए उमड़े जायरीन
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अंबेडकरनगर के दरगाह किछौछा उर्स में जायरीन ने पहुंचकर चढ़ाई चादर।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
बसखारी (अंबेडकरनगर)। महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी की विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछा में सोमवार को फोकराओं की विशेष अदालत के बाद सालाना उर्स का समापन होगा।
इससे पहले रविवार को आस्ताने पर बड़ी संख्या में जायरीन ने पहुंचकर माथा टेका। साथ ही चादर चढ़ाकर मन्नत मांगी। जायरीन की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। उधर, आस्ताने आलिया पर सुबह से ही कव्वाली का दौर शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा।
विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछा में आयोजित सालाना उर्स में रविवार को देश-विदेश से पहुंचे जायरीन ने आस्ताने आलिया पर पहुंचकर चादर चढ़ाई। सुबह से ही जायरीन का आस्ताने आलिया पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा। जायरीन ने माथा टेका और चादर चढ़ा कर मन्नत मांगी।
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इस बीच आस्ताने आलिया पर सुबह से ही कव्वाली का दौर शुरू हो गया। देश के अलग-अलग क्षेत्र से आए कव्वालों ने सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ व सै. फखरुद्दीन अशरफ की मौजूदगी में आयोजित महफिल में प्रस्तुति दी। इसमें बड़ी संख्या में जायरीन ने भागीदारी की। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। न सिर्फ जगह-जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती थी, बल्कि सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही थी।
उधर, इंतेजामिया कमेटी से जुड़े सै. मेराजुद्दीन किछौछवी ने कहा कि सोमवार को सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ व सै. फखरुद्दीन अशरफ की मौजूदगी में आस्ताने आलिया पर विशेष अदालत का आयोजन होगा।
इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए फोकरा अपनी समस्याओं को रखेंगे। दोनों सज्जादानशीन उनकी समस्याओं को मौके पर ही निस्तारित करेंगे। इसके साथ ही उर्स का औपचारिक समापन हो जाएगा। कहा कि इसके बाद विशेष वस्त्र खिरका को बॉक्स में सील कर कड़ी सुरक्षा के बीच बॉक्स सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ के बसखारी आवास में रखा जाएगा। इसकी एक चाभी बसखारी थाने में जमा होगी, जबकि दूसरी चाभी सज्जादानशीन को दे दी जाएगी।
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इससे पहले रविवार को आस्ताने पर बड़ी संख्या में जायरीन ने पहुंचकर माथा टेका। साथ ही चादर चढ़ाकर मन्नत मांगी। जायरीन की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। उधर, आस्ताने आलिया पर सुबह से ही कव्वाली का दौर शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा।
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विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछा में आयोजित सालाना उर्स में रविवार को देश-विदेश से पहुंचे जायरीन ने आस्ताने आलिया पर पहुंचकर चादर चढ़ाई। सुबह से ही जायरीन का आस्ताने आलिया पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा। जायरीन ने माथा टेका और चादर चढ़ा कर मन्नत मांगी।
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इस बीच आस्ताने आलिया पर सुबह से ही कव्वाली का दौर शुरू हो गया। देश के अलग-अलग क्षेत्र से आए कव्वालों ने सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ व सै. फखरुद्दीन अशरफ की मौजूदगी में आयोजित महफिल में प्रस्तुति दी। इसमें बड़ी संख्या में जायरीन ने भागीदारी की। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। न सिर्फ जगह-जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती थी, बल्कि सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही थी।
उधर, इंतेजामिया कमेटी से जुड़े सै. मेराजुद्दीन किछौछवी ने कहा कि सोमवार को सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ व सै. फखरुद्दीन अशरफ की मौजूदगी में आस्ताने आलिया पर विशेष अदालत का आयोजन होगा।
इसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए फोकरा अपनी समस्याओं को रखेंगे। दोनों सज्जादानशीन उनकी समस्याओं को मौके पर ही निस्तारित करेंगे। इसके साथ ही उर्स का औपचारिक समापन हो जाएगा। कहा कि इसके बाद विशेष वस्त्र खिरका को बॉक्स में सील कर कड़ी सुरक्षा के बीच बॉक्स सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ के बसखारी आवास में रखा जाएगा। इसकी एक चाभी बसखारी थाने में जमा होगी, जबकि दूसरी चाभी सज्जादानशीन को दे दी जाएगी।