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शौचालय में बेसुध मिली कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा

Mon, 10 Sep 2018 10:32 PM IST
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:32 PM IST
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शौचालय में बेसुध मिली कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। फत्तेपुर मोहितपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के हॉस्टल में प्रसाधन कक्ष गई सातवीं की छात्रा रविवार देरशाम बेहोश हो गई। सूचना पर विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। संवेदनहीन विद्यालय प्रशासन छात्रा को अस्पताल ले जाने के बजाए उसके अभिभावक का इंतजार करता रहा। सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद डीएम के सख्त निर्देश के बाद आनन-फानन में छात्रा को नगपुर सीएचसी ले जाया गया, जहां उसका इलाज सुनिश्चित किया गया।
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय फत्तेपुर की सातवीं की 12 वर्षीय छात्रा महिमा पुत्री संजय निवासिनी खानपुर उमरन विद्यालय के ही हॉस्टल में रहती है। वह रविवार रात लगभग आठ बजे शौचालय गई थी। वहां उसकी अचानक तबियत खराब हो गई और बेहोश होकर गिर पड़ी। कुछ देर के बाद एक अन्य छात्रा शौचालय गई, तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गई। महिमा को बेहोश देख छात्रा ने शोर मचाया। उसके गुहार पर न सिर्फ छात्राएं, बल्कि शिक्षिकाएं ममता आदि भी मौके पर पहुंच गईं। महिमा को शौचालय से निकालकर उसे एक कमरे में ले जाया गया। छात्रा के इलाज की व्यवस्था करने की बजाए शिक्षिकाओं ने उसके अभिभावक को फोन कर कहा कि उसकी पुत्री की तबियत खराब हो गई, उसे आकर ले जाएं। लगभग एक घंटे तक अभिभावक का इंतजार किया जाता रहा।
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इस बीच छात्रा के बेहोश होने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस पर डीएम सुरेश कुमार ने इसका संज्ञान लिया, और अधिकारियों को मौके पर जाने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव, बीआरसी मित्रसेन व किरन चौधरी विद्यालय पहुंचे। लगभग साढ़े नौ बजे छात्रा को नगपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ। इस बीच छात्रा के अभिभावक भी ग्रामीणों के साथ अस्पताल पहुंच गए। विद्यालय प्रशासन की लापरवाही को लेकर परिवारीजनों व ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि छात्रा की तबियत खराब होने के बाद उसका इलाज सुनिश्चित करने की बजाए अभिभावक के पहुंचने का इंतजार किया जाता रहा। यदि इस बीच कोई अप्रिय घटना हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन होता। अभिभावकों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की।
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अवकाश पर चल रहीं वार्डेन
शिक्षिका ममता ने बताया कि वार्डेन कमलावती पिछले से एक सप्ताह से मेडिकल अवकाश पर चल रही हैं। कहा कि विद्यालय में कुल 83 छात्राएं पंजीकृत हैं। छात्राओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जाती है। कहा कि घटना के समय विद्यालय में वे तथा एक अन्य शिक्षिका अनामिका मौजूद थीं। यहां वार्डेन समेत कुल तीन शिक्षिकाओं की तैनाती है। कहा कि छात्रा के अभिभावक को जानकारी देने के साथ ही उसके इलाज की व्यवस्था की जा रही थी।


भविष्य में न हो ऐसी पुनरावृत्ति
ऐसे संवेदनशील मामलों में आगे इस तरह की लापरवाही न हो इसके निर्देश दिए गए हैं। छात्रा बीमार थी, तो इलाज का तत्काल प्रबंध करना चाहिए था। शिक्षिकाएं यदि स्वयं ले जाने में संभव नहीं थीं तो एंबुलेंस आदि की सुविधा लेनी चाहिए थी। कड़े निर्देश दिए गए हैं कि आगे ऐसे मामलों में कार्रवाई भी तय होगी। -सुरेश कुमार, जिलाधिकारी
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