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इलाहाबाद हाईकोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई की अवधि बढ़ी
Sat, 23 May 2020 12:58 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 23 May 2020 12:58 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट में फिलहाल ई फाइलिंग और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुकदमों का दाखिला और सुनवाई की व्यवस्था जारी रहेगी। अगले मई तक यही व्यवस्था जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान सिर्फ अति आवश्यक मुकदमों की ही सुनवाई होगी।
कोविड-19 महामारी व लॉकडाउन को देखते हुए अभी खुली अदालत में सुनवाई की व्यवस्था करने को उचित नहीं माना गया है। इसलिए इलाहाबाद और लखनऊ पीठ में अभी कोई व्यवस्था बदलने नहीं जा रही है। इस दौरान एक जून से कोर्ट खोलने की तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है। योजना का खाका तैयार करने के बाद इस बारे में निर्णय लिए जाने की संभावना है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति भारती सप्रू की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस समिति में न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति बी के नारायण एवं न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय शामिल है। कमेटी ने कहा कि अभी अदालत खोलने के लिए सही हालात नहीं हैं।
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समिति के आमंत्रण पर बैठक में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, अध्यक्ष राकेश पांडेय, अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, अवध बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महासचिव भी शामिल हुए। बैठक में ई-फाइलिंग के जरिए अर्जेंट केसों की सुनवाई की व्यवस्था जारी रखने की सहमति बनी। बार की ओर से ई फाइलिंग को लेकर आ रही समस्याओं को उठाया गया। वकीलों को इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कमेटी ने ई-फाइलिंग की जटिलता के सरलीकरण का आश्वासन दिया है।
इससे पहले कमेटी ने मुख्य सचिव से सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रिपोर्ट मांगी थी। मुख्य सचिव की ओर से अदालत खोले जाने पर सेनिटाइजेशन आदि की पूरी व्यवस्था और पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है। कमेटी ने कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए अभी जारी ई फाइलिंग एवं वीडियो कांफ्रेन्सिंग से सुनवाई को 31 मई तक बढ़ा दिया है। वहीं, बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय का कहना है कि खुली अदालत में सुनवाई प्रारंभ करने पर शीघ्र ही निर्णय लेना होगा क्योंकि सरकारी कामकाज शुरू हो गया है ऐसे में वादकारियों को न्याय मिल पाने में कठिनाई हो रही है।
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कोविड-19 महामारी व लॉकडाउन को देखते हुए अभी खुली अदालत में सुनवाई की व्यवस्था करने को उचित नहीं माना गया है। इसलिए इलाहाबाद और लखनऊ पीठ में अभी कोई व्यवस्था बदलने नहीं जा रही है। इस दौरान एक जून से कोर्ट खोलने की तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है। योजना का खाका तैयार करने के बाद इस बारे में निर्णय लिए जाने की संभावना है।
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वरिष्ठ न्यायमूर्ति भारती सप्रू की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस समिति में न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति बी के नारायण एवं न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय शामिल है। कमेटी ने कहा कि अभी अदालत खोलने के लिए सही हालात नहीं हैं।
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समिति के आमंत्रण पर बैठक में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, अध्यक्ष राकेश पांडेय, अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, अवध बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महासचिव भी शामिल हुए। बैठक में ई-फाइलिंग के जरिए अर्जेंट केसों की सुनवाई की व्यवस्था जारी रखने की सहमति बनी। बार की ओर से ई फाइलिंग को लेकर आ रही समस्याओं को उठाया गया। वकीलों को इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कमेटी ने ई-फाइलिंग की जटिलता के सरलीकरण का आश्वासन दिया है।
इससे पहले कमेटी ने मुख्य सचिव से सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रिपोर्ट मांगी थी। मुख्य सचिव की ओर से अदालत खोले जाने पर सेनिटाइजेशन आदि की पूरी व्यवस्था और पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है। कमेटी ने कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए अभी जारी ई फाइलिंग एवं वीडियो कांफ्रेन्सिंग से सुनवाई को 31 मई तक बढ़ा दिया है। वहीं, बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय का कहना है कि खुली अदालत में सुनवाई प्रारंभ करने पर शीघ्र ही निर्णय लेना होगा क्योंकि सरकारी कामकाज शुरू हो गया है ऐसे में वादकारियों को न्याय मिल पाने में कठिनाई हो रही है।