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Prayagraj : एमए की डिग्री के बाद बीए में दाखिला लेने पर इविवि ने छात्रा पर दर्ज कराई एफआईआर
Mon, 01 Jun 2026 07:44 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 01 Jun 2026 07:44 PM IST
सार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में बीए प्रवेश प्रक्रिया के दौरान जालसाजी और तथ्य छिपाने का मामला सामने आया है। इविवि प्रशासन ने जांच में आरोप सही पाए जाने पर करछना निवासी छात्रा सौम्या कोटार्या के खिलाफ कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय, (AU)
- फोटो : X(@UoA_Official)
विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में बीए प्रवेश प्रक्रिया के दौरान जालसाजी और तथ्य छिपाने का मामला सामने आया है। इविवि प्रशासन ने जांच में आरोप सही पाए जाने पर करछना निवासी छात्रा सौम्या कोटार्या के खिलाफ कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि छात्रा ने अपनी पूर्व शैक्षणिक योग्यता छिपाकर स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्राप्त किया।
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इविवि प्रभारी कुलानुशासक डॉ. अतुल नारायण सिंह ने पुलिस को बताया कि सौम्या कोटार्या ने सत्र 2025-26 में बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। प्रवेश से जुड़े दस्तावेजों और शैक्षणिक अभिलेखों की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वह पहले ही सत्र 2018-21 में जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज से बीए की पढ़ाई पूरी कर चुकी है। इतना ही नहीं, उसने सत्र 2021-23 में इविवि से दर्शनशास्त्र विषय में एमए की उपाधि भी प्राप्त कर ली थी।
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आरोप है कि उच्च शैक्षणिक योग्यता होने के बावजूद छात्रा ने पुनः बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश प्राप्त किया, जो इविवि की सामान्य प्रवेश नियमावली के विपरीत है। जांच समिति ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए गंभीर आपत्ति दर्ज की थी। मामले की जांच में एक और तथ्य सामने आया कि छात्रा ने प्रवेश के समय मोतीलाल नेहरू इंटर कॉलेज से जारी स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) की द्वितीय प्रति प्रस्तुत की। जबकि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, उसी संस्थान के मूल टीसी का उपयोग पहले ही उसके स्नातक प्रवेश के लिए किया जा चुका था।
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मामले में विश्वविद्यालय ने जांच समिति की रिपोर्ट, शैक्षणिक अभिलेखों की प्रतियां, प्रवेश प्रपत्र और अन्य दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराया है। कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि इविवि से प्राप्त दस्तावेजों और तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।