फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Sanskrit removed from classes one and two, now taught from class three, now there will be three books

बदलाव : कक्षा एक और दो से हटी संस्कृत, अब तीन से पढ़ाएंगे, अब तीन किताबें होंगी

Sun, 28 Apr 2024 05:28 PM IST
विनोद सिंह प्रमोद यादव, प्रयागराज
प्रमोद यादव, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 28 Apr 2024 05:28 PM IST
सार

नई शिक्षा नीति के अंतर्गत अब किताबों में बदलाव किया जा रहा है। इस वर्ष कक्षा एक और दो की किताबों में बदलाव किया गया है। पहले कक्षा एक और दो में कलरव किताब होती थी। एक ही किताब में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय की सामग्री होती थी।

विज्ञापन
Sanskrit removed from classes one and two, now taught from class three, now there will be three books
संस्कृत विषय। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कक्षा एक और दो से संस्कृत विषय हो हटा दिया गया है। अब संस्कृत की पढ़ाई कक्षा तीन से होगी। कक्षा एक और दो के पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए नई किताबें तैयार कर दी गई हैं। किताबों की छपाई का काम चल रहा है। अगले महीने तक किताबें बच्चों को मुहैया करा दी जाएंगी।

विज्ञापन


नई शिक्षा नीति के अंतर्गत अब किताबों में बदलाव किया जा रहा है। इस वर्ष कक्षा एक और दो की किताबों में बदलाव किया गया है। पहले कक्षा एक और दो में कलरव किताब होती थी। एक ही किताब में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय की सामग्री होती थी। इससे बच्चे पर किताब का बोझ नहीं होता था और उसे तीन भाषाओं और गणित का ज्ञान कराया जाता था।
विज्ञापन


नई शिक्षा नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों को पढ़ाया जाना है। उस किताब को उत्तर प्रदेश के परिवेश के अनुसार बदला गया है। अब हिंदी, अंग्रेजी और गणित समेत कुल तीन किताबें हो गई हैं, जबकि संस्कृत को हटा दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदी की पुस्तक का नाम तारंगी रखा गया है। इसमें अधिकतर अध्याय एनसीईआरटी के है। इसमें से दक्षिण भारत और उत्तर पूर्व से जुड़े अध्याय हटाकर प्रदेश के परिवेश के वाले पाठ जोड़े गए हैं। कुछ कविताओं के पाठ बढ़ाए गए हैं। अंग्रेजी की पुस्तक का नाम मृदंगम है। इसमें भी कुछ बदलाव किया गया है। गणित की पुस्तक का नाम आनंदम गणित है। इसमें ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है। सहायक उप शिक्षा निदेशक डॉ.दीप्ति मिश्रा ने बताया कि बच्चों की नींव मजबूत करने के उद्देश्य से बदलाव किया गया है। मई में ये किताबें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से स्कूलों में पहुंचा दी जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed