होलागढ़ के बरईहरख गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कुख्यात छेमार गिरोह ने की थी। गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने शुक्रवार मामले का खुलासा कर दिया। इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चापड़, कुल्हाड़ी व चाकू बरामद करने का भी दावा पुलिस ने किया है।
होलागढ़ सामूहिक हत्याकांड का खुलासा, छेमार गिरोह ने की थी एक परिवार के चार लोगों की हत्या
एसएसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि इस सनसनीखेज वारदात को रामपुर के छहमार गिरोह ने अंजाम दिया था जिसके पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरोह के सदस्य वारदात के करीब डेढ़ महीने पहले से होलागढ़ पहुंचे थे और डेरा बनाकर इधर-उधर रह रहे थे। यह गांवों में भीख मांगकर पेट पालते थे और इसी दौरान रेकी भी करते थे।
चूंकि वैद्य विमलेश का घर गांव से बाहर था, ऐसे में गिरोह ने वारदात के लिए उनके घर को चुना। दो जुलाई की रात को गिरोह के कुल छह सदस्य घर में पहुंचे और एक-एक करके चार सदस्यो ंको मौत के घाट उतार दिया। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह का सरगना मोबीन तीन दिन पहले बंदायू जनपद में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया जा चुका है जिस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था।
25 हजार नगदी भी लूट ले गए थे हत्यारे
पुलिस ने बताया कि वारदात लूट की नीयत से अंजाम दी गई और विरोध पर एक-एक कर चार सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया गया। बदमाशों ने रचना को भी मारने की कोशिश की लेकिन संयोगवश वह मरणासन्न होने के बाद बेहोश हो गई जिस पर मरा हुआ समझकर बदमाशों ने उसे छोड़ दिया। हत्यारों ने घर से 25 हजार रुपये भी लूटे थे जिनमें से गिरफ्तार सदस्यों के कब्जे से 8900 रुपये बरामद किए गए। पकड़े गए सदस्यों ने शेष रकम सरगना मोबीन के पास होने की बात बताई।
होमगार्ड साक्ष्य मिटाने के आरोप में भेजा गया जेल
घटना के बाद शक के आधार पर हिरासत में लिए गए पड़ोस के लाल का पूरा निवासी होमगार्ड सुरेंद्र यादव की संलिप्तता वारदात में सामने नहीं आई है। लेकिन जांच में यह मिला कि उसने मृतक के घर से लूटे गए मोबाइल से छेड़छाड़ कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया जिस पर उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
गिरोह कैसे करता है काम
सीओ सोरांव केवी अशोक ने बताया कि छेमार गिरोह बेहद नृशंस तरीके से वारदात को अंजाम देने के लिए कुख्ख्यात है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग शहरों मेें जाकर ग्रामीण क्षेत्रों में अपना डेरा बनाते हैं। इसके बाद दिन में घूम-घूमकर भीख मांगने के साथ रेकी करते हैं जबकि रात में आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं।गिरफ्तार
सारिक पुत्र रफीक
शाहरुख पुत्र अली
डाबर पुत्र अशरफ
वारिश खान पुत्र जफर
फरमान पुत्र आलमदीन सभी निवासी थाना पटवारी, जिला रामपुर
राजस्थान व उत्तराखंड में भी मुकदमे
- पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से तीन का आपराधिक इतिहास भी है। गिरोह ने प्रदेश के साथ ही राजस्थान व उत्तराखंड में भी वारदातें अंजाम दी। गिरेाह के सदस्यों पर दर्ज केस की बात करें तो अब तक छह मुकदमों की जानकारव्ी मिली है। जिनमें से दो बंदायू, एक राजस्थान के भरतपुर, एक उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर व एक-एक मुकदमे क्रमश: फतेहगढ़ व फर्रुखाबाद में दर्ज हैं।
- एक चापड़, एक कुल्हाड़ी, दो चाकू, मृतक विमलेश का मोबाइल व टूटा हुआ सिम और 8900 रुपये