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प्रयागराज : जेल भेजे गए घूस मांगने वाले डीआरएम ऑफिस के एपीओ और कार्यालय अधीक्षक

Fri, 11 Sep 2026 08:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 11 Sep 2026 08:32 PM IST
सार

Prayagraj News : रेलकर्मी से घूस मांगने के आरोप में सीबीआई द्वारा पकड़े गए मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय (डीआरएम ऑफिस) में तैनात सहायक कार्मिक अधिकारी अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र मणि त्रिपाठी शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिए गए।

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APO and Office Superintendent from the DRM office sent to jail for demanding a bribe.
सीबीआई ने डीआरएम प्रयागराज आफिस में मारा छापा। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।

विस्तार

रेलकर्मी से घूस मांगने के आरोप में सीबीआई द्वारा पकड़े गए मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय (डीआरएम ऑफिस) में तैनात सहायक कार्मिक अधिकारी अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र मणि त्रिपाठी शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिए गए। शुक्रवार को इन दोनों ही आरोपी रेलकर्मियों को सीबीआई ने लखनऊ स्थित अदालत में पेश किया। इस मामले को लेकर डीआरएम ऑफिस प्रयागराज में दिन भर अफरा तफरी का माहौल बना रहा। मुख्यालय स्तर पर दोनों आरोपी कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई चल रही है।

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प्रयागराज में तैनात मीरापुर निवासी सहायक लोको पायलट और कानपुर में तैनात उनकी पत्नी सिम्मी (जो खुद सहायक लोको पायलट हैं) ने जीवनसाथी (स्पाउस) के आधार पर प्रयागराज में तैनाती के लिए आवेदन किया था। आवेदन में हो रही देरी के बाद दंपती डीआरएम कार्यालय में एपीओ अरविंद कुमार से मिले, जिन्होंने उन्हें कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र मणि त्रिपाठी से मिलने को कहा। आरोप है कि राजेंद्र मणि ने इस काम के एवज में 70 हजार रुपये की घूस मांगी।

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सीबीआई ने रंगे हाथों दबोचा

रुपये न देने का मन बनाकर दंपती ने आठ सितंबर को सीबीआई से पूरे मामले की शिकायत कर दी। इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया। सहायक लोको पायलट इस मामले में एपीओ से मिलने के लिए डीआरएम कार्यालय पहुंचे। फोन पर लेनदेन की बात हो चुकी थी। लेकिन एपीओ ने वहां रुपये नहीं लिए और कार्यालय अधीक्षक से मिलने के लिए कहा। कार्यालय अधीक्षक ने शाम को अपने घर के पास मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही सहायक लोको पायलट ने 50 हजार रुपये की पहली किस्त सौंपी, सीबीआई ने राजेंद्र मणि त्रिपाठी को रंगे हाथ दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि यह रकम एपीओ के इशारे पर ली जा रही थी। इसके आधार पर सीबीआई ने एपीओ अरविंद कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।

आरपीएफ अफसरों की मौजूदगी में आरोपी एपीओ के कक्ष का खुलवाया गया ताला

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आधी रात तक मैराथन पूछताछ की। आरपीएफ अधिकारियों की मौजूदगी में डीआरएम कार्यालय के द्वितीय तल स्थित आरोपी एपीओ के कक्ष का ताला मध्य रात्रि के बाद खुलवाकर अहम कागजात जब्त किए। इसके बाद दोनों आरोपियों को लखनऊ ले जाया गया। वहां शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। रेलवे बोर्ड और उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के महाप्रबंधक नरेश पाल ने इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लिया है, जिसके चलते दोनों आरोपियों के खिलाफ निलंबन की विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद से प्रयागराज रेल मंडल में हड़कंप मचा हुआ है। डीआरएम ऑफिस में दिन भर एपीओ और कार्यालय अधीक्षक की तमाम विभागों में चर्चा होती रही।

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