बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत भरी खबर है। गंगा का जलस्तर फिलहाल स्थिर है। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड की बुलेटिन के अनुसार बृहस्पतिवार को भी गंगा के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। अब यहां पर फाफामऊ में गंगा 83.64 मीटर पर बह रही हैं। छतनाग में जलस्तर 82.32 मीटर पर बह रही हैं। इसी तरह यमुना का जलस्तर भी घट रहा है। नैनी में फिलहाल जलस्तर 82.96 मीटर पर है। जनपद से गुजरने वाली ससुर खदेरी, मनसैता, टोंस, बेलन, गोरमा, लापरी, टुडियारी आदि नदियां भी उफान पर हैं। जिससे इनके किनारे के रिहायशी इलाकों में खलबली मची है। घरों में पानी भर गया है और खेतों में फसलों के ऊपर से पानी बह रहा है। सर्वाधिक नुकसान सब्जियों की खेती को हुई है। तराई इलाकों में बोई गई नेनुआ, भिंडी, तरोई, लौकी, कद्दू, खीरा, करैला आदि सब्जियों के साथ मकई, ज्वार, तिल्ली आदि फसलें बाढ़ से बर्बाद हो गई हैं।
Flood Update : गंगा और यमुना का जलस्तर स्थिर होने के बाद अब सहायक नदियां उफान पर, बाढ़ का खतरा बरकरार
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 20 Sep 2024 08:09 AM IST
सार
Prayagraj Flood Update : भारी बारिश के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों में समस्या और भी बढ़ गई है। गंगा और यमुना का जलस्तर फिलहाल स्थिर है और धीरे-धीरे जलस्तर घट रहा है लेकिन जिले की टोंस, बेलन नदी के उफान पर होने से शहर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी कम नहीं हो रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों के तमाम परिवार अब भी राहत शिविर में शरण लिए हुए हैं। बुधवार को बारिश के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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