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उम्मीदों का नया साल : संगमनगरी में विकास की नई सुबह, सड़कों-पुलों का बिछेगा जाल

Mon, 01 Jan 2024 11:34 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 01 Jan 2024 11:34 AM IST
सार

नए साल में प्रयागराज में पुलों और सड़कों का जाल बिछ जाएगा। ज्यादातर परियोजनाओं का काम आधा से ज्यादा पूरा हो गया है, जबकि कई परियोजनाएं लगभग पूरी हो गई हैं। महाकुंभ 2025 के पहले शहर के साथ ही जिले की सूरत बदलने की तैयारी चल रही है। 

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New year of expectations New dawn of development network of roads and bridges will be laid.
भारद्वाज आश्रम, प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला।

संगमनगरी की नई सुबह विकास की पुरवाई लेकर आएगी। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं से नया साल संवरने वाला है। इनर रिंगरोड, सिक्सलेन पुल के अलावा के अलावा भरद्वाज मुनि विमानन केंद्र की स्थापना इस शहर को प्राचीनता से नवीनता के नए मानकों के रूप में स्थापित करेगी। अक्षयवट को विश्व पटल पर कॉरिडोर के रूप में संवारा जाएगा। हनुमान मंदिर कॉरिडोर, त्रिवेणी बांध रोपवे परियोजना और पहली बार सात पक्के घाटों के निर्माण से संगम की सूरत भी पूरी तरह बदल जाएगी।

संगम के शहर में महाकुंभ-2025 से पहले 15 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं मूर्त रूप लेंगी। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अक्तूबर तक की तिथि निर्धारित की है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र के नेतृत्व में गठित प्रमुख सचिवों की शीर्ष समिति इसकी मॉनीटरिंग कर रही है।

इन अहम परियोजनाओं में एसआरएन में स्वीकृत कैंसर शोध संस्थान, भरद्वाज आश्रम में विमानन केंद्र, संगम पर रोपवे, वाटर स्पोर्ट्स, अक्षयवट कॉरिडोर, हनुमान मंदिर कॉरिडोर परियोजनाएं सबसे अहम हैं। इनमें दो हजार करोड़ रुपये की लागत वाले सिक्स लेन सेतु के साथ ही आठ हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इनर रिंग रोड परियोजना भी शामिल है।

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प्रयागराज जंक्शन का प्रस्तावित मॉडल। - फोटो : अमर उजाला।

10 माह में बदल जाएगी प्रयागराज जंक्शन की तस्वीर

अगले वर्ष महाकुंभ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। उसे देखते हुए संगमनगरी की परिवहन सुविधा को और बेहतर किया जा रहा है। वायु, सड़क और रेल मार्ग दुरुस्त करने के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। अगले दस माह में ही प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड की बदली हुई तस्वीर देखने को मिलेगी। प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ जंक्शन जो अमृत भारत स्टेशन योजना में चुने गए हैं उसे भव्यता दी जा रही है। वर्ष 2024 में परिवहन के क्षेत्र में प्रयागराज को बहुत कुछ मिलने जा रहा है।


960 करोड़ रुपये में हो रहा प्रयागराज जंक्शन का पुनर्विकास

विरासत भी और विकास भी थीम पर प्रयागराज जंक्शन के पुनर्विकास का कार्य दो चरणों में होगा। पहले चरण का कार्य सिविल लाइंस साइड में शुरू हो गया है। महाकुंभ के पहले यहां एक नौ तल की नई बिल्डिंग का निर्माण होगा। यह बिल्डिंग 45 मीटर ऊंची होगी। स्टेशन को सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाना है। सिविल लाइंस साइड में कांकोर्स की पायलिंग हो गई है। यहां नए स्टेशन पर 42 लिफ्ट, 39 एस्केलेटर लगाए जाएंगे।

प्रतीक्षालय, शौचालय, नि:शुल्क वाई फाई, एक स्टेशन एक उत्पाद के लिए कियोस्क, पार्किंग आदि की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके अलावा हाई लेवल प्लेटफार्म, दो कांकोर्स, 12 मीटर चौड़े पैदल यात्री पुल का निर्माण कार्य आदि प्रमुख रूप से शामिल है। स्लीपिंग पॉड का निर्माण भी इसी माह पूरा हो जाएगा। महाकुंभ के पूर्व रेल कोच रेस्टोरेंट भी खुल जाएगा। दिव्यांग फ्रेंडली होने के साथ ही स्टेशन ग्रीन बिल्डिंग भी होगा।

 

झूंसी को दारागंज से जोड़ने के लिए गंगा पर बन रहा नया पुल

पुल की कुल लंबाई - 1937 मीटर

24 में से 21 स्पान लगाने का पूरा हुआ काम

पुल निर्माण की कुल लागत 377 करोड़ रुपये

पुल के निर्माण के बाद प्रयागराज से बनारस के बीच ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी।

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प्रयागराज एयरपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

एयरपोर्ट की तकरीबन चार गुनी हो जाएगी क्षमता

 

152.87 करोड़ की लागत से प्रयागराज एयरपोर्ट का चल रहा है विस्तार

6700 वर्गमीटर की जगह 20830 वर्ग मीटर में फैलेगा एयरपोर्ट

विस्तारीकरण के बाद यहां विमानों के बन जाएंगे कुल छह एरोब्रिज

540 यात्री प्रतिघंटा की जगह 2970 यात्री प्रतिघंटा की हो जाएगी क्षमता

450 कार, चार बस एवं 50 टू व्हीलर खड़ा करने की होगी पार्किंग की क्षमता

सात बड़े विमान एवं आठ छोटे विमान एक साथ हो सकेंगे खड़े

यात्रियों के लिए कार पार्किंग से टर्मिनल तक आने के लिए कवर्ड शेड की होगी व्यवस्थाअहमदाबाद, हैदराबाद, चेन्नई, नागपुर, जम्मू, जयपुर, गुवाहाटी, रायपुर, कोलकाता, नागपुर, इंदौर, अयोध्या, पटना, चित्रकूट, गोरखपुर की शुरू होगी उड़ान।

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सिविल लाइंस रोडवेज। - फोटो : अमर उजाला।

मॉडल बस स्टेशन में तब्दील होगा सिविल लाइंस बस स्टेशन

 

सिविल लाइंस बस अड्डे की बिल्डिंग को तोड़कर नए बहुमंजिला भवन को होगा निर्माण।

बस स्टेशनों पर होटल, शापिंग माल जैसी मिलेगी सुविधाएं।

149 करोड़ रुपये की लागत से बस स्टेशन का होगा पुनर्विकास।

आधुनिक पार्किंग व कंट्रोल रूम, वीआइपी वेटिंग रूम, क्लॉक रूम की मिलेगी सुविधा।

बसों के लिए प्लेटफार्म, दिव्यांग फ्रेंडली टिकट काउंटर, शोरूम, दुकान की रहेगी सुविधा


बीएस छह श्रेणी की मिलेंगी 100 बसें।

200 इलेक्ट्रिक बसों का 24 रूट पर होगा संचालन, बनेगा बस चार्जिंग स्टेशन।

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रोप-वे - फोटो : सोशल मीडिया।

251 करोड़ रुपये से संगम पर तैयार होगा रोप वे

 

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के पहले संगम पर श्रद्धालुओं और सैलानियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत रोप-वे बनना है। इसको तैयार करने के लिए शासन की तरफ से 251 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसको दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। पीडीए की तरफ से इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही है। इसके लिए दो स्टेशन तैयार किए जाएंगे। संगम की तरफ शंकर विमान मंडप के पास स्टेशन तैयार होगा और दूसरी तरफ अरैल में त्रिवेणी पुष्प के पास इसके लिए स्टेशन तैयार किया जाएगा।

 

संगम पर रोप वे

कुल लागत - 251 करोड़

निर्माण पूरा करने का लक्ष्य - दिसंबर 2024

लंबाई - 2200 मीटर


कुंभ के पहले रीवर फ्रंट टाइप रोड का होना है निर्माण

महाकुंभ के पहले गंगा और यमुना के किनारे रीवर फंट टाइप रोड का निर्माण किया जाना है। यमुना के बाईं ओर 900 मीटर स्लोप पिचिंग और चौड़ीकरण के लिए पांच करोड़ 95 हजार की राशि स्वीकृत हुई है। इसमें से दो करोड़ 50 लाख रुपये जारी हुए हैं। नागवासुकि मंदिर से दशाश्वमेध घाट गंगा तिराहे तक कटान रोकने के लिए इंटरलाॅकिंग के काम के लिए 18 करोड़ 95 लाख 90 हजार में चार करोड़ 74 लाख की पहली किस्त जारी की गई है। वहीं काली तिराहे से छतनाग तक कटान रोकने के लिए 2700 मीटर की इंटरलाॅकिंग के 39 करोड़ 51 लाख 47 हजार रुपये में से नौ करोड़ 88 लाख रुपये की राशि अवमुक्त की गई है। इसके अलावा कई अन्य कार्याें के लिए बजट जारी किया जा चुका है।

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