इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने स्थित उप्र के महाधिवक्ता कार्यालय में रविवार को भीषण आग लग गई। इसमें वहां रखीं लगभग एक लाख फाइलें जलकर राख हो गईं। इन फाइलों में हाईकोर्ट में लंबित मुकदमों से संबंधित दस्तावेज थे। आग इस कदर भयावह थी कि इसे काबू पाने में सुबह से शाम हो गई। घटना की भयावहता इसी से पता चलती है कि फायरब्रिगेड सुबह 5.30 बजे भड़की आग पर पूरी तरह शाम लगभग सात बजे काबू पा सकी। आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है। उधर राहत कार्य के दौरान फायरब्रिगेड के कुछ जवान जख्मी भी हुए।
प्रयागराज : हाईकोर्ट के सामने महाधिवक्ता कार्यालय में लगी भीषण आग, एक लाख फाइलें राख, करोड़ों का नुकसान (तस्वीरें)
सिविल लाइंस में हाईकोर्ट के ठीक सामने स्थित नौमंजिला डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में महाधिवक्ता, उप्र का कार्यालय है। सुबह 5.30 बजे के करीब हाईकोर्ट के पास से गुजर रहे राहगीर दीपक दुबे ने बिल्डिंग से धुआं निकलते देखा तो गार्ड को जानकारी दी। गार्ड ने कार्यालय के एक कर्मचारी के साथ ही 100 नंबर पर सूचना दी जिस पर फायर ब्रिगेड पहुंच गई।
उधर आग फैलती ही जा रही थी और कुछ ही देर में पांचवें तल पर रखी फाइलें इसकी चपेट में आ गईं जिससे लपटें उठने लगीं। फायरकर्मियों ने पानी की बौछार से आग बुझानी चाही लेकिन ऊंचाई ज्यादा होने के चलते नाकाम रहे। बगल स्थित एक बहुमंजिला बिल्डिंग के साथ ही ओवरब्रिज से भी पानी फेंका गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद क्रेन मंगवाई गई और फिर भीतर पानी की बौछारें छोड़ी गईं लेकिन देखते ही देखते आग सातवें, आठवें और नवें तल तक फैल गई।
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इसके बाद फायरब्रिगेड के साथ ही थलसेना, वायुसेना व एनटीपीसी के भी फायर टेंडर बुलाए गए। जिनमें से प्रत्येक को दर्जनों राउंड लगाने पड़े। कड़ी मशक्कत के बाद शाम सात बजे के करीब आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। लेकिन तब तक यहां रखी लगभग एक लाख फाइलें जलकर राख हो गईं थीं। मौके पर डीजी फायर सर्विस अविनाश चंद्रा, एडीजी प्रेमप्रकाश, आईजी डॉ. राकेश सिंह समेत तमाम अफसर मौजूद रहे।
थाना सिविल लाइन्स क्षेत्रान्तर्गत माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद के डा0 भीमराव अम्बेडकर बिल्डिंग में आग की घटना के सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रयागराज @ShaileshP_IPS द्वारा दी गयी बाइटः-@Uppolice @ADGZonPrayagraj @igrangealld @DM_PRAYAGRAJ pic.twitter.com/K6ANLLOGDg
इन सेक्शनों की फाइलें जलीं
महाधिवक्ता कार्यालय में लगी आग में कई महत्वपूर्ण सेक्शनों की फाइलें जलीं। इनमें कंटेम्प्ट, बेल, क्रिमिनल अपील, क्रिमिनल रिवीजन और सिविल सेक्शन शामिल हैं। दरअसल नीचे की पांच मंजिलों तक कार्यालय व अधिक्ताओं के चैंबर हैं। इसके बाद छठे से आठवें तल को बतौर रिकॉड रूम इस्तेमाल किया जाता है। नौवें तल के एक हिस्से में कॉन्फ्रेंस रूम के साथ ही अन्य स्थान पर भी कुछ फाइलें रखी गईं थीं।
सीएम ने जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेठी गठित की
उधर इस प्रकरण को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच के आदेश दे दिए हैं। इसमें एसपी सिटी, एडीएम सिटी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, एडिशनल एलआर प्रयागराज व उपनिदेशक विद्युत सुरक्षा को शामिल किया गया है। कमेटी को निर्देशित किया गया है कि डीएम व एसएसपी के मार्गदर्शन में आग लगने के कारणों की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित की जाए। ताकि जिम्मेदारी निर्धारित कर दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।
छतें चिटकी, दीवारों में आई दरार
घटों लपटों से घिरी रहने के चलते महाधिवक्ता कार्यालय की बिल्डिंग को भी काफी नुकसान पहुंचा है। हाल यह रहा कि छठें से लेकर नौवीं मंजिल तक की छतें कई जगहों से चिटक गईं। साथ ही दीवारों पर भी दरारें पड़ गईं। यहां रखे लाखों रुपये के फर्नीचर भी जलकर राख हो गए। हाल यह रहा कि आग बुझाए जाने के बाद भी दीवारें धधकती रहीं। कहा जा रहा है कि घटना में करोड़ों का नुकसान हुआ है।
कोई जनहानि नहीं हुई है। वेंटिलेशन के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़ने के दौरान कुछ फायरकर्मियों के हाथ में चोट आई, जिस पर अस्पताल भेजकर उनका इलाज कराया गया है। आग कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है। - डॉ. राजीव पांडेय, सीएफओ