फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court : To make relation with Facebook. Refusal to quash victim's suicide case on refusal to marry

High Court : फेसबुक से संबंध बनाने. शादी से इंकार पर पीड़िता की खुदकुशी केस को रद्द करने से इंकार

Fri, 03 Mar 2023 12:12 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 03 Mar 2023 12:12 AM IST
सार

याची का यह भी कहना था कि पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट तैयार की थी। किंतु, शिकायतकर्ता की आपत्ति पर एस एस पी प्रयागराज ने फिर से विवेचना का आदेश दिया। ऐसा करने से पहले कोर्ट की अनुमति नहीं ली गई। जिसके कारण आपराधिक केस रद्द किया जाना चाहिए। जिसे कोर्ट ने नहीं माना।

विज्ञापन
High Court : To make relation with Facebook. Refusal to quash victim's suicide case on refusal to marry
court new - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फेसबुक से संबंध बनाने और बाद में शादी से इंकार करने पर जहर खाकर पीडि़त की मौत मामले में पुलिस चार्जशीट पर कोर्ट के संज्ञान के बाद आपराधिक केस खत्म करने के मामले में हस्तक्षेप से इंकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा पीडि़त को खुदकुशी के लिए याची ने उकसाया या नहीं, यह ट्रायल में देखा जायेगा। पुलिस चार्जशीट में साफ है कि याची ने पीडि़ता से कुछ समय तक संबंध बनाने के बाद शादी तय की और शादी की तारीख नजदीक आने पर इंकार कर दिया।

विज्ञापन


पीडि़ता डिप्रेशन में चली गई। परिवार के लोग मनाने प्रयागराज झूंसी स्थित याची के आवास पर आये। जहां रिश्ता टूटने पर पीडि़ता ने जहर खाया और अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने उसका मृत्यु से पहले लिखे नोट को बरामद किया है और चार्जशीट पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। याची निर्दोष होने का जो तर्क यहां दे रहा वह यही तर्क ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत कर सकता है।यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने कालिका प्रताप सिंह की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।
विज्ञापन


याची का यह भी कहना था कि पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट तैयार की थी। किंतु, शिकायतकर्ता की आपत्ति पर एस एस पी प्रयागराज ने फिर से विवेचना का आदेश दिया। ऐसा करने से पहले कोर्ट की अनुमति नहीं ली गई। जिसके कारण आपराधिक केस रद्द किया जाना चाहिए। जिसे कोर्ट ने नहीं माना।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायतकर्ता का कहना था कि याची व पीड़िता के संबंध का पता चलने पर दोनों परिवारों ने बातचीत की। शिकायतकर्ता ने मथुरा जाकर याची के चाचा वह भाई की मौजूदगी में 24 लाख, 80 हजार रुपये दिया। शादी की तिथि तय की। तिलक में स्विफ्ट डिजायर कार देना तय हुआ। कार खरीद ली गई। निमंत्रण भी बंट गया और अचानक शादी से इंकार कर दिया गया। जिस पर झंूसी थाने में एफ आई आर दर्ज की गई और ट्रायल कोर्ट में केस चल रहा है। कोर्ट ने याची के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया है। केस कार्यवाही की वैधता को चुनौती दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed