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High Coiurt : सरकारी आवास खाली नहीं करने पर हाईकोर्ट सख्त, यह है पूरा मामला

Sun, 07 Dec 2025 04:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 Dec 2025 04:43 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी आवास खाली नहीं करने पर प्रयागराज निवासी याचिकाकर्ता गोपी चंद्र पर नाराजगी जताई है। कहा है कि सात दिसंबर तक मकान नहीं छोड़ा तो पुलिस बेदखल कराएगी।

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High Court strict on not vacating government accommodation, this is the whole matter
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी आवास खाली नहीं करने पर प्रयागराज निवासी याचिकाकर्ता गोपी चंद्र पर नाराजगी जताई है। कहा है कि सात दिसंबर तक मकान नहीं छोड़ा तो पुलिस बेदखल कराएगी। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने दिया। अब मामले की सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।

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कोर्ट ने पहले तीन दिसंबर 2025 तक सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उन्होंने तीन दिसंबर को एक आवेदन देकर आवास में रहने की अनुमति प्राप्त कर ली है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस आदेश का हवाला दिया जा रहा है, वह पिछली कार्यवाही का था।
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याचिकाकर्ता को पहले आदेश से करीब 26 लाख रुपये मिल चुके हैं। इसके बावजूद वह आदेश की अनदेखी कर रहा है। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने रविवार तक आवास खाली करने की अनुमति मांगी है। वहीं, कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि आवास खाली कराने में संबंधित अधिकारियों को पुलिस सहायता प्रदान की जाए। 

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