Prayagraj : गोलीबारी से पहले हिस्ट्रीशीटर से रिश्वत लेने में प्रतापगढ़ के निलंबित इंस्पेक्टर पर एफआईआर का आदेश
प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित बिहारगंज बाजार में 17 जून को हुई गोलीबारी की घटना में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। गोपनीय जांच में सामने आया है कि तत्कालीन नगर कोतवाल जयचंद भारती ने गोलीबारी के मुख्य आरोपी से घटना से एक दिन पहले रिश्वत ली थी।
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प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित बिहारगंज बाजार में 17 जून को हुई गोलीबारी की घटना में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। गोपनीय जांच में सामने आया है कि तत्कालीन नगर कोतवाल जयचंद भारती ने गोलीबारी के मुख्य आरोपी से घटना से एक दिन पहले रिश्वत ली थी। इस खुलासे के बाद शुक्रवार को आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। वहीं घटना के बाद से ही आरोपी इंस्पेक्टर निलंबित चल रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि 16 जून की रात 9:30 बजे अंतू थाने का हिस्ट्रीशीटर और गोलीबारी का मुख्य आरोपी मस्सन नगर कोतवाली पहुंचकर आरोपी कोतवाल से मिले थे। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को कोतवाल आवास की ओर बढ़ते देखा गया। साथ ही इसमें कोतवाल को मस्सन एक पैकेट भी सौंपते हुए साफ तौर पर दिखाई दिया।
शिकायत मिलने पर उच्चाधिकारियों ने इस मामले की जांच एसपी प्रतापगढ़ डॉ. अनिल कुमार को सौंपी। विस्तृत जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कोतवाल की भूमिका संदिग्ध ही नहीं, बल्कि अपराधियों से सांठगांठ की पुष्टि करती है। एसपी प्रतापगढ़ ने यह रिपोर्ट आईजी रेंज प्रयागराज अजय कुमार मिश्रा को सौंपी और इसके बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
गोपनीय शिकायत के आधार पर एसपी प्रतागपढ़ ने पूरे मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट में शिकायत सही मिलने की बात सामने आने पर आरोपी इंस्पेक्टर पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई होगी। - अजय कुमार मिश्रा, आईजी रेंज, प्रयागराज
यह था मामला
बिहारगंज बाजार में 16 जून को हार्डवेयर दुकानदार सोनू और मिठाई कारोबारी मुकेश के बीच विवाद हुआ था। शिकायत थाने तक पहुंची लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अगले दिन यानी 17 जून को सोनू पक्ष के लोग बोलेरो और अन्य वाहनों से बाजार पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस दौरान मिठाई दुकानदार मुकेश समेत दो लोग गोली लगने से घायल हो गए जबकि दो अन्य व्यापारियों को लाठी-डंडों व असलहे की बट से बुरी तरह पीटा गया। घटना से बाजार में अफरातफरी मच गई थी।
घटना से आधे घंटे पहले भी कोतवाल से हुई थी मुख्य आरोपी की बात
सूत्रों के मुताबिक, एसपी की जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर मस्सन से घटना के आधे घंटे पहले कोतवाल से बात हुई थी। दोनों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड से इसका खुलासा हुआ है। इन तथ्यों के आधार पर माना जा रहा है कि घटनाक्रम पूर्व नियोजित थी और कोतवाल इससे अनभिज्ञ नहीं थे।