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नवाबगंज में दो भाइयों की नृशंस हत्या, मां मरणासन्न
इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:53 PM IST
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Murder
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गंगापार के नवाबगंज थाना क्षेत्र के पसियापुर गांव में सोमवार को दिनदहाड़े दिवंगत सिपाही अशर्फी लाल के घर में घुसे बदमाशों ने उनके दो जवान बेटों को रंभा से मार डाला। इतना ही नहीं सिपाही की पत्नी को भी बुरी तरह से घायलकर दिया और उन्हें मरा समझकर बदमाश भाग निकले। घटना की सूचना शाम को उस वक्त हुई जब सिपाही की पत्नी के कराहने की आवाज आई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घर से नकदी और गहनों समेत सभी चीजें गायब हैं। घटना में पुलिस लूट और आशनाई समेत कई एंगल पर जांच कर रही है।
पसियापुर गांव के अशर्फीलाल पुलिस महकमे में सिपाही थे। उनकी मौत के बाद पत्नी सुशीला (45), बेटे सुशील (23), अनिल (19) और बेटी लक्ष्मी के साथ गांव में रहती थी। घर गांव के बाहर खेत में है। आसपास कोई और मकान नहीं है। सोमवार की शाम पांच बजे कुछ बच्चों ने घर के बाहर बकरियों को मिमियाते देखा तो दरवाजा खटखटाया और गांव वालों को बुलाया। अंदर का मंजर दिल दहला देने वाला था। सुशील और अनिल की खून से सनी लाशें बरामदे में पड़ी हुईं थीं। पास में चारपाई पर सुशीला लहूलुहान पड़ी थी। पीछे के दो दरवाजों की कुंडी टूटी हुई थी। कातिलों ने रंभा और मसाला कूटने वाले लोढ़े से खून किया था। खून से सना रंभा और लोढ़ा वहीं पड़ा था। तुरंत पड़ोस में रहने वाले सुशीला के भाई रामसूरत को खबर दी गई। पुलिस तकरीबन साढ़े छह बजे पहुंची। इसके बाद एंबुलेंस से घायल को एसआरएन अस्पताल भेजा गया। पुलिस की देरी के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। पुलिस के पहुंचने के बाद नारेबाजी भी हुई।
नवाबगंज में दो भाइयों की हत्या की गई है। मां भी गंभीर रूप से घायल है। पुलिस इस मामले में लूट समेत अन्य कई एंगल पर जांच कर रही है। अभी तक कोई पारिवारिक दुश्मनी की बात सामने नहीं आई है। आकाश कुलहरि, एसएसपी, इलाहाबाद।
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पसियापुर गांव के अशर्फीलाल पुलिस महकमे में सिपाही थे। उनकी मौत के बाद पत्नी सुशीला (45), बेटे सुशील (23), अनिल (19) और बेटी लक्ष्मी के साथ गांव में रहती थी। घर गांव के बाहर खेत में है। आसपास कोई और मकान नहीं है। सोमवार की शाम पांच बजे कुछ बच्चों ने घर के बाहर बकरियों को मिमियाते देखा तो दरवाजा खटखटाया और गांव वालों को बुलाया। अंदर का मंजर दिल दहला देने वाला था। सुशील और अनिल की खून से सनी लाशें बरामदे में पड़ी हुईं थीं। पास में चारपाई पर सुशीला लहूलुहान पड़ी थी। पीछे के दो दरवाजों की कुंडी टूटी हुई थी। कातिलों ने रंभा और मसाला कूटने वाले लोढ़े से खून किया था। खून से सना रंभा और लोढ़ा वहीं पड़ा था। तुरंत पड़ोस में रहने वाले सुशीला के भाई रामसूरत को खबर दी गई। पुलिस तकरीबन साढ़े छह बजे पहुंची। इसके बाद एंबुलेंस से घायल को एसआरएन अस्पताल भेजा गया। पुलिस की देरी के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। पुलिस के पहुंचने के बाद नारेबाजी भी हुई।
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नवाबगंज में दो भाइयों की हत्या की गई है। मां भी गंभीर रूप से घायल है। पुलिस इस मामले में लूट समेत अन्य कई एंगल पर जांच कर रही है। अभी तक कोई पारिवारिक दुश्मनी की बात सामने नहीं आई है। आकाश कुलहरि, एसएसपी, इलाहाबाद।
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