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यमुना के किनारे मृत मिला कछुआ, हड़कंप
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Sat, 24 Jan 2015 01:54 AM IST
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नैनी/इलाहाबाद (ब्यूरो)। अरैल में यमुना नदी के किनारे शुक्रवार को एक बड़ा कछुआ मृत मिलने से हड़कंप मच गया। इसे देखने के लिए वहां लोगोें की भीड़ जुट गई। बताया जा रहा है कि एक कछुआ गंभीर रूप से घायल अवस्था में भी दिखा, लेकिन उसे यमुना में छोड़ दिया गया। इसकी सूचना वन विभाग के अफसरों को दी गई। कुछ देर में वन दरोगा मौके पर पहुंचे तो पोस्टमार्टम के लिए शव उन्हें सौंपा गया।
शुक्रवार सुबह माघ मेला स्थित वीआईपी घाट के ठीक सामने अरैल की ओर यमुना के किनारे लोगों की नजर एक बड़े से कछुआ पर पड़ी। तकरीबन तीन फीट लंबे कछुआ को देखने के लिए वहां लोगों का मजमा लग गया। कौतूहलवश कुछ लोगों ने उसे हिलाने का प्रयास किया, लेकिन कछुआ के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। जानकारी मिलने पर समाजसेवी कमलेश सिंह भी पहुंचे। उनकी मानें तो वहां एक कछुआ घायल हालत में भी था, जिसे यमुना में छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि गंगा की तरह यमुना का पानी भी काफी प्रदूषित हो गया है। नवंबर 2014 से अब तक संगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में मछलियां, कई साइबेरियन पक्षी और कछुओं की मौत हो चुकी है।
यह सिलसिला अब भी जारी है। उनका कहना है कि इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर शासन स्तर पर अफसरों को पत्र भी लिखा, लेकिन अफसर इसे लेकर जरा भी गंभीर नहीं हैं। उन्होंने मृत कछुआ की जानकारी वन विभाग के अफसरों को दी। कुछ देर में वन दरोगा मौके पर पहुंचे और कछुआ का शव कब्जे में लिया। सूचना पर एसडीएम करछना आरके द्विवेदी भी मौके पर पहुंचे। उनका कहना है कि कछुआ के मौत का कारण अभी पता नहीं चल सका है। इसकी जांच कराई जा रही है।
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शुक्रवार सुबह माघ मेला स्थित वीआईपी घाट के ठीक सामने अरैल की ओर यमुना के किनारे लोगों की नजर एक बड़े से कछुआ पर पड़ी। तकरीबन तीन फीट लंबे कछुआ को देखने के लिए वहां लोगों का मजमा लग गया। कौतूहलवश कुछ लोगों ने उसे हिलाने का प्रयास किया, लेकिन कछुआ के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। जानकारी मिलने पर समाजसेवी कमलेश सिंह भी पहुंचे। उनकी मानें तो वहां एक कछुआ घायल हालत में भी था, जिसे यमुना में छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि गंगा की तरह यमुना का पानी भी काफी प्रदूषित हो गया है। नवंबर 2014 से अब तक संगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में मछलियां, कई साइबेरियन पक्षी और कछुओं की मौत हो चुकी है।
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यह सिलसिला अब भी जारी है। उनका कहना है कि इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर शासन स्तर पर अफसरों को पत्र भी लिखा, लेकिन अफसर इसे लेकर जरा भी गंभीर नहीं हैं। उन्होंने मृत कछुआ की जानकारी वन विभाग के अफसरों को दी। कुछ देर में वन दरोगा मौके पर पहुंचे और कछुआ का शव कब्जे में लिया। सूचना पर एसडीएम करछना आरके द्विवेदी भी मौके पर पहुंचे। उनका कहना है कि कछुआ के मौत का कारण अभी पता नहीं चल सका है। इसकी जांच कराई जा रही है।
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