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हॉस्टल के तीन कमरों पर था अच्युतानंद का कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Fri, 02 Nov 2018 02:20 AM IST
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प्रयागराज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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छात्र नेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला का पीसीबी हॉस्टल के तीन कमरों पर कब्जा था। पिछले साल हुए हॉस्टल वॉश आउट के बावजूद इन तीनों पर कमरों पर अच्युतानंद का कब्जा बरकरार रहा। वॉशआउट के बाद तीनों कमरे नए छात्रों को आवंटित कर दिए गए लेकिन, तीनों कमरों पर लगे ताले तोड़ने की हिम्मत किसी की नहीं हुई। अच्युतानंद और उसके साथी जब भी हॉस्टल आते तो इन्हीं कमरों में रुकते। हॉस्टल के अधिकारियों को भी यह बात मालूम रहीं होगी लेकिन किसी ने भी इस पर आपत्ति नहीं की।
यही हाल अन्य इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अन्य हॉस्टलों का भी है, जहां साल भर पहले वॉशआउट के तहत हॉस्टल पूरी तरह से खाली कराए गए लेकिन हॉस्टलों को अराजकतत्वों से मुक्त नहीं कराया जा सका। इस बार जब वॉशआउट की योजना बनी तो फिर बवाल हो गया और विश्वविद्यालय प्रशासन को वॉशआउट की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक छात्र नेता अच्युतानंद का हॉस्टल में कमरा नंबर-83, 84 और 85 पर कब्जा था। अच्युतानंद ने वर्ष 2007 में जब विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया था, उस वक्त पीसीबी हॉस्टल में उसे कमरा आवंटित किया गया था। वर्ष 2013 तक उसने हॉस्टल की फीस जमा की लेकिन इसके बाद कोई शुल्क जमा नहीं किया लेकिन वह और उसके साथियों का तीन कमरों पर अवैध कब्जा बराकरार रहा। अच्युतानंद और उसके साथी जब भी हॉस्टल में आते, इन्हीं कमरों में रुकते। अक्सर पार्टी भी किया करते थे। बुधवार देर रात भी वहां पार्टी चल रही थी, जिस दौरान अच्युतानंद की हत्या की गई।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पीसीबी हॉस्टल में छात्र नेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला की हत्या के बाद कुलपति के निर्देश पर हॉस्टल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही मामले में विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्लयू, सुरक्षा अधिकारी और हॉस्टल के वार्डन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
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कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के आदेश के पर रजिस्ट्रार की ओर से हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. विवेक पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे में वाब मांगा गया है। पूछ गया है कि हॉस्टल में यह अप्रिय घटना क्यों घटी। हॉस्टल में पहले से सुरक्षा के समुचित प्रबंध क्यों नहीं किए गए थे। नोटिस में कहा गया है कि अगर उन्होंने जवाब नहीं दिया तो विश्वविद्यालय प्रशासन नियमों के हिसाब से कार्रवाई करेगा। हॉस्टल के वार्डन से भी मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। हालांकि वार्डन का चार्ज (अधिष्ठाता छात्र कल्याण) डीएसडब्लयू प्रो. हर्ष कुमार के पास ही है। उन्हें बतौर डीएसडब्ल्यू भी रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके अलावा चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे और सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह से भी इस पूरे घटनाक्रम पर रिपोर्ट मांगी गई है। इन सभी को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट देनी है। हालांकि बृहस्पतिवार शाम चीफ प्रॉक्टर ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
पीसीबी हॉस्टल में छात्र नेता की हत्या के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने जल्द ही हॉस्टलों में शिफ्टिंग शुरू करने का निर्णय लिया है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में बृहस्पतिवार सुबह सभी पुरुष हॉस्टलों के अधीक्षकों की आकस्मिक बैठक में निर्देश जारी किए गए कि तत्काल वैध-अवैध छात्रों की एक सूची तैयार कर ली जाए ताकि हॉस्टल से ताकि शिफ्टिंग की प्रक्रिया के तहत अवैध छात्रों को हॉस्टल से बाहर कर वैध छात्रों को कमरों पर कब्जा दिलाया जा सके। यह बात इविवि प्रशासन भी मान रहा है कि हॉस्टलों में अवैध कब्जे के कारण जिन नए छात्रों को कमरे आवंटित किए गए हैं, उन्हें कब्जा नहीं मिल पा रहा है। हॉस्टलों में अराजकतत्व हावी हैं। इसी के मद्देनजर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर हॉस्टल एवं इविवि परिसर के लिए सुरक्षा मांगी है। पत्र में उन्होंने पीसीबी की घटना का हवाला देते हुए कहा है कि हॉस्टल में पूर्व छात्र की हत्या से सभी हॉस्टलों में भय की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने अराजकतत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा है।
उधर, हॉस्टलों के अधीक्षकों की बैठक तय हुआ कि सभी अधीक्षक हॉस्टल के वैध-अवैध छात्रों की सूची तत्काल डीएसडब्लयू और चीफ प्रॉक्टर को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही ऐसे कमरों को चिह्नित कर सूची बना ली जाए, जिन कमरों को छात्र अराजकतत्वों एवं दबंगों के भय से आवंटित नहीं कराते हैं। अगर अराजक तत्व इतने दबंग हैं कि अधीक्षक को उनसे जान का खतरा है तो गोपनीय सूचनाएं सीधे डीएसडब्लयू या चीफ प्रॉक्टर को दें। साथ ही डीएसडब्ल्यू की ओर से नए आवंटियों की जारी सूची के आधार पर कमरों पर वैध छात्रों को कब्जा दिलाने की कार्रवाई तत्काल शुरू कर दें। बैठक में डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे समेत 11 हॉस्टलों के अधीक्षक मौजूद रहे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को हिंदी विभाग के सामने खासा हंगामा हो गया। छात्र संघ भवन के सामने बड़ी संख्या में छात्र अच्युतानंद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे और सौ मीटर की दूरी पर हिंदी विभाग के सामने दिशा छात्र संगठन की ओर से कविता पाठ एवं गीत का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इससे श्रद्धांजलि देने पहुंचे छात्र भड़क गए और उन्होंने कार्यक्रम में लगे बैनर, पोस्टर आदि फाड़कर फेंक दिए। साथ ही कार्यक्रम बंद करा दिया। कार्यक्रम में शामिल कुछ कलाकारों से छात्रों की तीखी झड़प भी हुई।
छात्र नेता अच्युतानंद के निधन पर शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों ने सभा कर शोक व्यक्त किया। शोक सभा में छात्रसंघ के महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने कहा कि अच्युतानंद हमेशा सक्रिय छात्रनेता रहे और हर वक्त छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए तैयार रहते थे। उनके निधन से विश्वविद्यालय परिवार को अपूर्णीय क्षति हुई है। शोक सभा में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे, डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार, सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह, उपमंत्री सत्यम सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव, समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश सचिव अरविंद सरोज आदि मौजूद रहे।
इविवि में विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राओं की ओर से बृहस्पतिवार को संकाय में दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इस दौरान 20 हजार दीपों से विज्ञान संकाय को रोशन किया जाना था लेकिन छात्र नेता की हत्या के बाद यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। वहीं, विधि विभाग में वाद-विवाद प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण कार्यक्रम भी इस घटना के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया।
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यही हाल अन्य इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अन्य हॉस्टलों का भी है, जहां साल भर पहले वॉशआउट के तहत हॉस्टल पूरी तरह से खाली कराए गए लेकिन हॉस्टलों को अराजकतत्वों से मुक्त नहीं कराया जा सका। इस बार जब वॉशआउट की योजना बनी तो फिर बवाल हो गया और विश्वविद्यालय प्रशासन को वॉशआउट की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक छात्र नेता अच्युतानंद का हॉस्टल में कमरा नंबर-83, 84 और 85 पर कब्जा था। अच्युतानंद ने वर्ष 2007 में जब विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया था, उस वक्त पीसीबी हॉस्टल में उसे कमरा आवंटित किया गया था। वर्ष 2013 तक उसने हॉस्टल की फीस जमा की लेकिन इसके बाद कोई शुल्क जमा नहीं किया लेकिन वह और उसके साथियों का तीन कमरों पर अवैध कब्जा बराकरार रहा। अच्युतानंद और उसके साथी जब भी हॉस्टल में आते, इन्हीं कमरों में रुकते। अक्सर पार्टी भी किया करते थे। बुधवार देर रात भी वहां पार्टी चल रही थी, जिस दौरान अच्युतानंद की हत्या की गई।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पीसीबी हॉस्टल में छात्र नेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला की हत्या के बाद कुलपति के निर्देश पर हॉस्टल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही मामले में विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्लयू, सुरक्षा अधिकारी और हॉस्टल के वार्डन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
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कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के आदेश के पर रजिस्ट्रार की ओर से हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. विवेक पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे में वाब मांगा गया है। पूछ गया है कि हॉस्टल में यह अप्रिय घटना क्यों घटी। हॉस्टल में पहले से सुरक्षा के समुचित प्रबंध क्यों नहीं किए गए थे। नोटिस में कहा गया है कि अगर उन्होंने जवाब नहीं दिया तो विश्वविद्यालय प्रशासन नियमों के हिसाब से कार्रवाई करेगा। हॉस्टल के वार्डन से भी मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। हालांकि वार्डन का चार्ज (अधिष्ठाता छात्र कल्याण) डीएसडब्लयू प्रो. हर्ष कुमार के पास ही है। उन्हें बतौर डीएसडब्ल्यू भी रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके अलावा चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे और सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह से भी इस पूरे घटनाक्रम पर रिपोर्ट मांगी गई है। इन सभी को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट देनी है। हालांकि बृहस्पतिवार शाम चीफ प्रॉक्टर ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
पीसीबी हॉस्टल में छात्र नेता की हत्या के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने जल्द ही हॉस्टलों में शिफ्टिंग शुरू करने का निर्णय लिया है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में बृहस्पतिवार सुबह सभी पुरुष हॉस्टलों के अधीक्षकों की आकस्मिक बैठक में निर्देश जारी किए गए कि तत्काल वैध-अवैध छात्रों की एक सूची तैयार कर ली जाए ताकि हॉस्टल से ताकि शिफ्टिंग की प्रक्रिया के तहत अवैध छात्रों को हॉस्टल से बाहर कर वैध छात्रों को कमरों पर कब्जा दिलाया जा सके। यह बात इविवि प्रशासन भी मान रहा है कि हॉस्टलों में अवैध कब्जे के कारण जिन नए छात्रों को कमरे आवंटित किए गए हैं, उन्हें कब्जा नहीं मिल पा रहा है। हॉस्टलों में अराजकतत्व हावी हैं। इसी के मद्देनजर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर हॉस्टल एवं इविवि परिसर के लिए सुरक्षा मांगी है। पत्र में उन्होंने पीसीबी की घटना का हवाला देते हुए कहा है कि हॉस्टल में पूर्व छात्र की हत्या से सभी हॉस्टलों में भय की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने अराजकतत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा है।
उधर, हॉस्टलों के अधीक्षकों की बैठक तय हुआ कि सभी अधीक्षक हॉस्टल के वैध-अवैध छात्रों की सूची तत्काल डीएसडब्लयू और चीफ प्रॉक्टर को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही ऐसे कमरों को चिह्नित कर सूची बना ली जाए, जिन कमरों को छात्र अराजकतत्वों एवं दबंगों के भय से आवंटित नहीं कराते हैं। अगर अराजक तत्व इतने दबंग हैं कि अधीक्षक को उनसे जान का खतरा है तो गोपनीय सूचनाएं सीधे डीएसडब्लयू या चीफ प्रॉक्टर को दें। साथ ही डीएसडब्ल्यू की ओर से नए आवंटियों की जारी सूची के आधार पर कमरों पर वैध छात्रों को कब्जा दिलाने की कार्रवाई तत्काल शुरू कर दें। बैठक में डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे समेत 11 हॉस्टलों के अधीक्षक मौजूद रहे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को हिंदी विभाग के सामने खासा हंगामा हो गया। छात्र संघ भवन के सामने बड़ी संख्या में छात्र अच्युतानंद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे और सौ मीटर की दूरी पर हिंदी विभाग के सामने दिशा छात्र संगठन की ओर से कविता पाठ एवं गीत का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इससे श्रद्धांजलि देने पहुंचे छात्र भड़क गए और उन्होंने कार्यक्रम में लगे बैनर, पोस्टर आदि फाड़कर फेंक दिए। साथ ही कार्यक्रम बंद करा दिया। कार्यक्रम में शामिल कुछ कलाकारों से छात्रों की तीखी झड़प भी हुई।
छात्र नेता अच्युतानंद के निधन पर शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों ने सभा कर शोक व्यक्त किया। शोक सभा में छात्रसंघ के महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने कहा कि अच्युतानंद हमेशा सक्रिय छात्रनेता रहे और हर वक्त छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए तैयार रहते थे। उनके निधन से विश्वविद्यालय परिवार को अपूर्णीय क्षति हुई है। शोक सभा में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे, डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार, सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह, उपमंत्री सत्यम सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव, समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश सचिव अरविंद सरोज आदि मौजूद रहे।
इविवि में विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राओं की ओर से बृहस्पतिवार को संकाय में दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इस दौरान 20 हजार दीपों से विज्ञान संकाय को रोशन किया जाना था लेकिन छात्र नेता की हत्या के बाद यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। वहीं, विधि विभाग में वाद-विवाद प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण कार्यक्रम भी इस घटना के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया।