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अवैध हथियारों के साथ दबोचे गए दो तस्कर
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:42 AM IST
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इलाहाबाद
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बिहार से अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक और गिरोह को एसटीएफ ने बेनकाब किया है। एसटीएफ ने सोमवार सुबह दो तस्करों को गिरफ्तार कर पांच पिस्टल समेत छह नाजायज असलहे, मैग्जीन, कारतूस तथा नगदी जब्त की। इस तस्कर गिरोह के तार बिहार के साथ ही चंदौली और वाराणसी से जुडे हैं।
एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के इंस्पेक्टर अतुल सिंह को बुधवार सुबह सूचना मिली कि अवैध हथियारों की खेप लेकर दो लोग रामबाग रेलवे क्रासिंग से पहले पेट्रोल पंप के सामने आ रहे हैं। एसटीएफ ने जार्जटाउन थाने की पुलिस के साथ वहां घेराबंदी की और सुबह लगभग सवा नौ बजे बाइक पर आकर रुके दो लोगों को घेरकर दबोच लिया। उनके पास एक बैग था जिसकी तलाशी लेने पर प्वाइंट 32 बोर के पांच पिस्टल, 12 बोर का एक तमंचा, 10 मैगजीन, दो कारतूस, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक आधार कार्ड, मतदान पहचान पत्र, वाराणसी से इलाहाबाद का बस टिकट, वाहन स्टैंड की पर्ची और 50 हजार से ज्यादा रुपये मिले।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि बरामद अवैध पिस्टल पर मेड इन यूएसए और इटली अंकित था। गिरफ्तार लोगों में कोतवाली के नार्थ मलाका इलाके का सिराजउद्दीन उर्फ पप्पू तथा चंदौली जनपद में बलुआ इलाके के समुदपुर गांव का अशोक सिंह उर्फ टून्नू है। पूछताछ में पता चला कि सिराज करीब छह साल से अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त में लिप्त है। उसने जार्जटाउन इलाके के श्रवण राय के साथ यह गोरखधंधा शुरू किया था। फिर वह खुद वाराणसी के पांडेयपुर की दौलत नगर कॉलोनी में रहने वाले आशीष सिंह से अवैध पिस्टल मंगाकर यहां बेचने लगा। पकड़ा गया चंदौली जनपद का अशोक सिंह उर्फ टुन्नू ही वाराणसी में आशीष से असलहे लाकर यहां सिराज को सप्लाई करता रहा है। सिराज ने बताया कि आशीष बिहार के औरंगाबाद से पिस्टल मंगाकर अशोक के जरिए यहां उसके पास भेजता है। इसके बदले अशोक को हर असलहे पर दो हजार रुपये दिए जाते हैं। एसटीएफ का कहना है कि सिराज से पूछताछ में अवैध हथियारों की खेप का ताल्लुक निकाय चुनाव से जुड़ा नहीं मिला है।
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एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के इंस्पेक्टर अतुल सिंह को बुधवार सुबह सूचना मिली कि अवैध हथियारों की खेप लेकर दो लोग रामबाग रेलवे क्रासिंग से पहले पेट्रोल पंप के सामने आ रहे हैं। एसटीएफ ने जार्जटाउन थाने की पुलिस के साथ वहां घेराबंदी की और सुबह लगभग सवा नौ बजे बाइक पर आकर रुके दो लोगों को घेरकर दबोच लिया। उनके पास एक बैग था जिसकी तलाशी लेने पर प्वाइंट 32 बोर के पांच पिस्टल, 12 बोर का एक तमंचा, 10 मैगजीन, दो कारतूस, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक आधार कार्ड, मतदान पहचान पत्र, वाराणसी से इलाहाबाद का बस टिकट, वाहन स्टैंड की पर्ची और 50 हजार से ज्यादा रुपये मिले।
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एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि बरामद अवैध पिस्टल पर मेड इन यूएसए और इटली अंकित था। गिरफ्तार लोगों में कोतवाली के नार्थ मलाका इलाके का सिराजउद्दीन उर्फ पप्पू तथा चंदौली जनपद में बलुआ इलाके के समुदपुर गांव का अशोक सिंह उर्फ टून्नू है। पूछताछ में पता चला कि सिराज करीब छह साल से अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त में लिप्त है। उसने जार्जटाउन इलाके के श्रवण राय के साथ यह गोरखधंधा शुरू किया था। फिर वह खुद वाराणसी के पांडेयपुर की दौलत नगर कॉलोनी में रहने वाले आशीष सिंह से अवैध पिस्टल मंगाकर यहां बेचने लगा। पकड़ा गया चंदौली जनपद का अशोक सिंह उर्फ टुन्नू ही वाराणसी में आशीष से असलहे लाकर यहां सिराज को सप्लाई करता रहा है। सिराज ने बताया कि आशीष बिहार के औरंगाबाद से पिस्टल मंगाकर अशोक के जरिए यहां उसके पास भेजता है। इसके बदले अशोक को हर असलहे पर दो हजार रुपये दिए जाते हैं। एसटीएफ का कहना है कि सिराज से पूछताछ में अवैध हथियारों की खेप का ताल्लुक निकाय चुनाव से जुड़ा नहीं मिला है।
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