{"_id":"5b5e23f44f1c1ba61f8b5db0","slug":"solver-gang-busted-12-arrested-in-lt-grade-exam","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलटी ग्रेड परीक्षा में सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एलटी ग्रेड परीक्षा में सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 30 Jul 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उप्र लोक सेवा आयोग की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा से पहले रविवार को एसटीएफ ने सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया। टीम ने सरगना समेत गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से दर्जनों एडमिट कार्ड के साथ ही 13 मोबाइल फोन, पैन, आधार व 15 हजार नकद बरामद हुए हैं। पकड़े गए आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। एसटीएफ ने इन्हें कर्नलगंज पुलिस के हवाले कर दिया है।
उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन प्रदेश भर में किया था। परीक्षा से पहले ही एसटीएफ ने शहर पहुंचे सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ का दिया। प्रयाग स्टेशन के पास सुबह छापेमारी कर गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें सरगना ओम सहाय पुत्र अवध बिहारी निवासी लालापुर, इलाहाबाद भी शामिल है, जो मौजूदा समय में शहर के राजरूपपुर इलाके में रहता है। साथ ही कौशाम्बी निवासी उसके दो साथी भी पकड़े गए हैं। गिरफ्तार लोगों में छह सॉल्वर हैं, जो बिहार से बुलाए गए थे। इनमें एक दंपति है, जो किसी और के स्थान पर परीक्षा देने आए थे। इसके अलावा दो अभ्यर्थी और एक महिला अभ्यर्थी का पति पकड़ा गया है। महिला अभ्यर्थी के स्थान पर ही पकड़ी गई महिला सॉल्वर को परीक्षा में बैठना था। इनके पास से दर्जनों एडमिट कार्ड, 13 मोबाइल फोन, छह पैन कार्ड, दो एटीएम कार्ड के साथ ही 15 हजार नकद बरामद हुए हैं। साथ ही एक दर्जन आधार कार्ड भी मिले हैं, जिनमें छेड़छाड़ की गई थी। एसटीएफ डीएसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि पकड़े गए सभी लोगों को कर्नलगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पकड़े गए गिरोह के सदस्य
1- ओम सहाय निवासी लालापुर, इलाहाबाद (सरगना)
2- विनीत कुमार पुत्र दिलीप निवासी काटीपार मजरा, मंझनपुर, कौशाम्बी
3- जितेंद्र कुमार पुत्र संतोष कुमार निवासी काटीपार, मजरा, मंझनपुर, कौशाम्बी
सॉल्वर
1- चिंटू कुमार पुत्र लल्लन साह निवासी कुअदह थाना बिहिया भोजपुर, बिहार
2- भोला कुमार पुत्र रामआशीष निवासी अलावलपुर थाना गौरीचक पटना, बिहार
3- संजू कुमार पत्नी कन्हाई पंडित निवासी गोहरा थाना कुरथा, अरवल बिहार
4- कन्हाई पंडित पुत्र कामेश्वर निवासी लोधीपुर थाना महेन्दिया, अरवल बिहार
5- पिंटू कुमार पुत्र विनश्ेवर साहू निवासी उपहारा थाना उपहारा, औरंगाबाद, बिहार
6- सौरभ पुत्र अखिलेश शर्मा निवासी राजा बाजार, बेली रोड, पटना, बिहार
अभ्यर्थी
1- सुरेश भारतीय पुत्र राजरूप भारतीय निवासी विश्वबैंक, बर्रा कानपुर
2- अशोक कुमार पुत्र श्रीपाल निवासी उमरी थाना कोतवाली फतेहपुर
अभ्यर्थी का पति
1- अशोक यादव पुत्र बलवंत सिंह निवासी अमिलिया थाना घूरपुर इलाहाबाद
एसटीएफ की पूछताछ में सरगना ओम सहाय ने बताया है कि बिहार का रहने वाला विक्कू उसे सॉल्वर उपलब्ध कराता है। विक्कू कोचिंगों में जाकर पहले छात्र-छात्राओं से मेलजोल बढ़ाता है। फिर पैसों का लालच देकर उन्हें किसी और के स्थान पर परीक्षा देने के लिए राजी कर लेता है। सॉल्वर को एक परीक्षा में बैठने पर 25 हजार रुपये दिए जाते थे। जबकि अभ्यर्थी से इसके लिए 1.5 से दो लाख रुपये लिए जाते थे। एसटीएफ ने बताया कि विक्कू की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
एसटीएफ के मुताबिक, पकड़े गए सॉल्वर गिरोह के सरगना ओम सहाय ने पूछताछ में बताया है कि उसने अपने गिरोह के ही दो सॉल्वर कानपुर व मथुरा में भी भेजे थे। एसटीएफ डीएसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि इस सूचना पर कानपुर व आगरा एसटीएफ ने दोनों सॉल्वरों समेत चार लोगों को पकड़ा है। कानपुर में यशोदा नगर कॉलोनी स्थित शशि शिशु मंदिर में दीपेश कुमार की जगह हरेराम परीक्षा दे रहा था। जिस पर उन दोनों के साथ ही एक अन्य युवक को पकड़ लिया गया। उधर आगरा एसटीएफ ने मथुरा के कृष्णा नगर स्थित जैन इंटर कॉलेज में हरिगणेश यादव निवासी आजमगढ़ की जगह लव कुमार को परीक्षा देते पकड़ा। पकड़े गए दोनों सॉल्वर पटना के रहने वाले हैं। उधर मथुरा केंद्र पर पकड़े जाने से पहले ही हरिगणेश भाग निकला।
एसटीएफ ने बताया कि इलाहाबाद में पकड़े गए आरोपियों में से संजू कुमार और कन्हाई पंडित पति-पत्नी हैं। पैसों के लालच में दोनों सॉल्वर बनकर शहर आए थे। संजू को कविता यादव निवासी घूरपुर की जगह परीक्षा में बैठना था। हालांकि, वह इससे पहले ही दबोच ली गई। उधर, पुलिस ने अशोक यादव को भी पकड़ा है, जो उसी अभ्यर्थी कविता का पति है, जिसकी जगह सॉल्वर संजू को परीक्षा में बैठना था।
विज्ञापन
उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन प्रदेश भर में किया था। परीक्षा से पहले ही एसटीएफ ने शहर पहुंचे सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ का दिया। प्रयाग स्टेशन के पास सुबह छापेमारी कर गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें सरगना ओम सहाय पुत्र अवध बिहारी निवासी लालापुर, इलाहाबाद भी शामिल है, जो मौजूदा समय में शहर के राजरूपपुर इलाके में रहता है। साथ ही कौशाम्बी निवासी उसके दो साथी भी पकड़े गए हैं। गिरफ्तार लोगों में छह सॉल्वर हैं, जो बिहार से बुलाए गए थे। इनमें एक दंपति है, जो किसी और के स्थान पर परीक्षा देने आए थे। इसके अलावा दो अभ्यर्थी और एक महिला अभ्यर्थी का पति पकड़ा गया है। महिला अभ्यर्थी के स्थान पर ही पकड़ी गई महिला सॉल्वर को परीक्षा में बैठना था। इनके पास से दर्जनों एडमिट कार्ड, 13 मोबाइल फोन, छह पैन कार्ड, दो एटीएम कार्ड के साथ ही 15 हजार नकद बरामद हुए हैं। साथ ही एक दर्जन आधार कार्ड भी मिले हैं, जिनमें छेड़छाड़ की गई थी। एसटीएफ डीएसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि पकड़े गए सभी लोगों को कर्नलगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
विज्ञापन
पकड़े गए गिरोह के सदस्य
1- ओम सहाय निवासी लालापुर, इलाहाबाद (सरगना)
2- विनीत कुमार पुत्र दिलीप निवासी काटीपार मजरा, मंझनपुर, कौशाम्बी
3- जितेंद्र कुमार पुत्र संतोष कुमार निवासी काटीपार, मजरा, मंझनपुर, कौशाम्बी
सॉल्वर
1- चिंटू कुमार पुत्र लल्लन साह निवासी कुअदह थाना बिहिया भोजपुर, बिहार
2- भोला कुमार पुत्र रामआशीष निवासी अलावलपुर थाना गौरीचक पटना, बिहार
3- संजू कुमार पत्नी कन्हाई पंडित निवासी गोहरा थाना कुरथा, अरवल बिहार
4- कन्हाई पंडित पुत्र कामेश्वर निवासी लोधीपुर थाना महेन्दिया, अरवल बिहार
5- पिंटू कुमार पुत्र विनश्ेवर साहू निवासी उपहारा थाना उपहारा, औरंगाबाद, बिहार
6- सौरभ पुत्र अखिलेश शर्मा निवासी राजा बाजार, बेली रोड, पटना, बिहार
अभ्यर्थी
1- सुरेश भारतीय पुत्र राजरूप भारतीय निवासी विश्वबैंक, बर्रा कानपुर
2- अशोक कुमार पुत्र श्रीपाल निवासी उमरी थाना कोतवाली फतेहपुर
अभ्यर्थी का पति
1- अशोक यादव पुत्र बलवंत सिंह निवासी अमिलिया थाना घूरपुर इलाहाबाद
एसटीएफ की पूछताछ में सरगना ओम सहाय ने बताया है कि बिहार का रहने वाला विक्कू उसे सॉल्वर उपलब्ध कराता है। विक्कू कोचिंगों में जाकर पहले छात्र-छात्राओं से मेलजोल बढ़ाता है। फिर पैसों का लालच देकर उन्हें किसी और के स्थान पर परीक्षा देने के लिए राजी कर लेता है। सॉल्वर को एक परीक्षा में बैठने पर 25 हजार रुपये दिए जाते थे। जबकि अभ्यर्थी से इसके लिए 1.5 से दो लाख रुपये लिए जाते थे। एसटीएफ ने बताया कि विक्कू की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
एसटीएफ के मुताबिक, पकड़े गए सॉल्वर गिरोह के सरगना ओम सहाय ने पूछताछ में बताया है कि उसने अपने गिरोह के ही दो सॉल्वर कानपुर व मथुरा में भी भेजे थे। एसटीएफ डीएसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि इस सूचना पर कानपुर व आगरा एसटीएफ ने दोनों सॉल्वरों समेत चार लोगों को पकड़ा है। कानपुर में यशोदा नगर कॉलोनी स्थित शशि शिशु मंदिर में दीपेश कुमार की जगह हरेराम परीक्षा दे रहा था। जिस पर उन दोनों के साथ ही एक अन्य युवक को पकड़ लिया गया। उधर आगरा एसटीएफ ने मथुरा के कृष्णा नगर स्थित जैन इंटर कॉलेज में हरिगणेश यादव निवासी आजमगढ़ की जगह लव कुमार को परीक्षा देते पकड़ा। पकड़े गए दोनों सॉल्वर पटना के रहने वाले हैं। उधर मथुरा केंद्र पर पकड़े जाने से पहले ही हरिगणेश भाग निकला।
एसटीएफ ने बताया कि इलाहाबाद में पकड़े गए आरोपियों में से संजू कुमार और कन्हाई पंडित पति-पत्नी हैं। पैसों के लालच में दोनों सॉल्वर बनकर शहर आए थे। संजू को कविता यादव निवासी घूरपुर की जगह परीक्षा में बैठना था। हालांकि, वह इससे पहले ही दबोच ली गई। उधर, पुलिस ने अशोक यादव को भी पकड़ा है, जो उसी अभ्यर्थी कविता का पति है, जिसकी जगह सॉल्वर संजू को परीक्षा में बैठना था।