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पुलिस की लापरवाही से मरा मुखबिर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:16 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मुखबिर रवि पासी की हत्या के लिए पुलिस ही जिम्मेदार है। रवि ने पुलिस को अतीक अहमद गैंग के शार्प शूटर इनामी जुल्फिकार उर्फ तोता को गिरफ्तार कराने में पूरी मदद की। उसके बावजूद पुलिस के कुछ जयचंदों ने अतीक गैंग को बता दिया कि तोता को गिरफ्तार कराने वाला कोई और नहीं उसी का पड़ौसी रवि पासी है। यह खबर अतीक गैंग को एक महीने पहले ही पता चल गई थी। उसी के बाद से रवि की हत्या का मौका तलाशा जा रहा था।
बताते हैं कि रवि पासी अतीक गैंग के लोगों की भी जमीन बिकवाता था। कुछ महीनों पहले रवि और अतीक के लोगों के बीच जमीन बिकवाने के दौरान विवाद हुआ था। उसी के बाद से रवि ने रास्ता बदल लिया औ वह दूसरों की जमीन बिकवाने की दलाली करने लगा। अतीक के लोगों के बीच विवाद के पीछे वह शूटर तोता को जिम्मेदार मानता था। इसीलिए तोता को सबक सिखाने के लिए पुलिस से मिल गया। उसने पुलिस को गोपनीय तरीके से तोता के बारे में अहम जानकारियां दी और गिरफ्तार कराने में सफलता मिली। दूसरी ओर तोता और उसके साथी इस तलाश में थे कि गिरफ्तार कराने में मुखबिरी किसने की। हालांकि उनको शुरू से ही रवि पर शक था । पुलिस के कुछ खास लोगों से भी यह जानकारी हो गई कि रवि ने ही तोता को गिरफ्तार कराने में अहम भूमिका निभाई है। करीब एक महीने बाद उन्हें रवि को ढेर करने का मौका मिल ही गया।
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बताते हैं कि रवि पासी अतीक गैंग के लोगों की भी जमीन बिकवाता था। कुछ महीनों पहले रवि और अतीक के लोगों के बीच जमीन बिकवाने के दौरान विवाद हुआ था। उसी के बाद से रवि ने रास्ता बदल लिया औ वह दूसरों की जमीन बिकवाने की दलाली करने लगा। अतीक के लोगों के बीच विवाद के पीछे वह शूटर तोता को जिम्मेदार मानता था। इसीलिए तोता को सबक सिखाने के लिए पुलिस से मिल गया। उसने पुलिस को गोपनीय तरीके से तोता के बारे में अहम जानकारियां दी और गिरफ्तार कराने में सफलता मिली। दूसरी ओर तोता और उसके साथी इस तलाश में थे कि गिरफ्तार कराने में मुखबिरी किसने की। हालांकि उनको शुरू से ही रवि पर शक था । पुलिस के कुछ खास लोगों से भी यह जानकारी हो गई कि रवि ने ही तोता को गिरफ्तार कराने में अहम भूमिका निभाई है। करीब एक महीने बाद उन्हें रवि को ढेर करने का मौका मिल ही गया।
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