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नगर आयुक्त के नाम पर पार्षद को ढाई लाख चूना

Thu, 02 Jun 2016 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 02 Jun 2016 01:15 AM IST
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Municipal councilor in the name of Commissioner lime half million
money
नगर आयुक्त के नाम किसी व्यक्ति ने दारागंज के पार्षद राजेश कुमार निषाद उर्फ पप्पू सीआईडी को ढाई लाख रुपये का चूना लगा दिया। दिन में करीब तीन बजे व्यक्ति ने पार्षद के मोबाइल पर 8479894964 नंबर से फोन किया। कहा, मैं नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय बोल रहा हूं। मेरा भतीजा बिहार के सीतामढ़ी में पढ़ाई कर रहा है। उसे तत्काल ढाई लाख रुपये की जरूरत है। उसने बैंक खाता नंबर 30954191279 भी बताया। पार्षद ने नगर आयुक्त बनकर बोल रहे व्यक्ति से विदेश से लौटने के बारे में पूछा तो उधर से जवाब मिला, शहर आ गया हूं। शाम को रकम वापस कर देंगे। मामला नगर आयुक्त का होने से पार्षद ने तत्काल दारागंज स्थित एसबीआई पहुंचकर और अपने खाते से ढाई लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद नगर निगम पहुंचने पर पार्षद को सच्चाई पता चली। उन्होंने तत्काल बैंक मैनेजर को फोन किया लेकिन तब तक खाते से रकम निकाली जा चुकी थी।
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नगर आयुक्त इन दिनों नगर विकास मंत्री आजम खां के साथ जर्मनी की यात्रा पर हैं। इसका फायदा उठाते हुए किसी व्यक्ति ने पार्षद को फोन कर सीतामढ़ी के बैंक खाते में रकम जमा करा ली। मामले का खुलासा तब हुआ जब बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने के बाद पार्षद नगर निगम में नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने नगर आयुक्त के पीएस से उनके आने के बारे में पूछा। कहा, नगर आयुक्त विदेश से लौट आए, लेकिन आप ने बताया नहीं। इस पर पीएस ने बताया, वह तो अभी लौटे ही नहीं। इतना सुनते ही पार्षद भौचक रह गए। फिर उन्होंने नगर आयुक्त को फोन और बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने के बारे में बताया।
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इस दौरान पीएस ने बताया कि इसी तरह का फोन पार्षद अनीस अहमद के पास भी आया था, लेकिन उन्होंने जानकारी ले ली सो रकम नहीं ट्रांसफर की। इसके बार पार्षद ने एसबीआई के मैनेजर को फोन किया और ट्रांसफर की गई रकम के बारे में जानकारी मांगी। पता चला कि ट्रांसफर करने के कुछ देर बाद ही सीतामढ़ी में रकम खाते से निकाल ली गई। शातिराना तरीके से ठगी का शिकार हुए पार्षद ने दारागंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई। 
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‘‘किसी भी बैंक में कोई खाता बिना पहचान पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड के नहीं खोला जा सकता है। फर्जीवाड़े का शिकार व्यक्ति केवाईसी के जरिए खाता धारक के पास आसानी से पहुंच सकता है। जिस खाते में 2.50 लाख रुपये जमा हुए और कुछ समय बाद ही उसे निकाल लिया गया, यह काम एटीएम से नहीं बल्कि चेक अथवा निकासी फार्म के जरिए ही किया जा सकता है। ऐसे में उक्त व्यक्ति ने बैंक की किसी शाखा से ही रुपये निकाले होंगे। पुलिस उस व्यक्ति के पास तक आसानी से पहुंच सकती है।’’
0 संगीता सहाय अस्थाना,
सहायक महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक

‘ठगी करने वाले व्यक्ति के बैंक खाते से नाम-पता हासिल कर गिरफ्तारी की जाएगी। जांच के लिए पुलिस टीम कटिहार भी भेजी जाएगी।’
0 राजेश यादव, एसपी सिटी
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