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जमीनी विवाद में खूनी संघर्ष, दो सगे भाइयों की मौत

Wed, 14 Feb 2018 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 14 Feb 2018 01:46 AM IST
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Bloody conflict in ground dispute, death of two brothers
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
मांडा थाना क्षेत्र केबघौरा रखासन गांव में मंगलवार को दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ। इसमें दो सगे भाइयों की मौत हो गई। हमले में गंभीर रूप से घायल दोनों भाइयों को मांडा सीएचसी से इलाहाबाद केएसआरएन अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। मामले में स्थानीय पुलिस की लापरवाही की बात भी सामने आ रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सुबह भी विवाद हुआ था जिसकी सूचना लेकर वह थाने पहुंचे थे। हालांकि पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। महज एनसीआर लिखकर दोनों पक्षों को घर भेज दिया। शाम को इसी विवाद ने खूनी रूप ले लिया। खबर लिखे जाने तक तहरीर पुलिस को नहीं मिली थी।
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    मांडा थाना क्षेत्र केबघौरा रखासन गांव में रहने वाले नचकऊ और रामनाथ सोनकर सगे भाई हैं। गांव में दोनों का घर अगल-बगल स्थित है। दशरथ( 36), राकेश(27), कामता और शिवसागर नचकऊ केचार बेटे हैं। जीतलाल और जियालाल, रामनाथ केपुत्र हैं। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 6.30 बजे शिवसागर पास में ही स्थित एक जमीन पर लगे पेड़ से बेर तोड़ने लगा। इसका जियालाल और जीतलाल ने विरोध किया। देखते ही देखते बात बढ़ी और दोनों परिवार केअन्य लोग भी जुट गए। इसकेबाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। शोरगुल सुनकर जुटे गांववालों ने किसी तरह बीच बचाव किया। मारपीट में दोनों पक्षों से लोग घायल हुए। इसकेबाद दोनों पक्ष थाने भी पहुंचे और शिकायत की।
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    शिवसागर का आरोप है कि शाम करीब साढ़े छह बजे उसका भाई दशरथ पशुओं को चराकर घर लौट रहा था। इसी दौरान जियालाल और जीतलाल ने कुछ अन्य लोगों केसाथ मिलकर दशरथ पर हमला बोल दिया। भाई की चीख सुनकर राकेश पहुंचा तो उसे भी पीटा गया। तब तक दोनों परिवार केलोग जुट गए और एक-दूसरे पर टूट पड़े। इस दौरान लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला किया गया। इसमें राकेश, दशरथ, शिवसागर और उसकी पत्नी मंजू देवी घायल हुए। दशरथ, राकेश और मंजू देवी को गंभीर चोटें आईं।
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उधर दूसरे पक्ष से जीतलाल व उसकी पत्नी सरोज कुमारी, जियालाल व उनकी मां बिटुला देवी घायल हुए। खूनी संघर्ष की सूचना मिली तो पुलिसवालों केहोश उड़े। एसओ संदीप तिवारी मौकेपर पहुंचे और घायलों को मांडा सीएचसी भेजा। वहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने दशरथ और राकेश को इलाहाबाद केएसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। खबर मिली तो घरवालों में कोहराम मच गया। आईजी रमित शर्मा, एसएसपी आकाश कुलहरि भी पहुंचे। अफसरों ने मृतकों केपरिवारवालों से बात की। आननफानन में दबिश देकर पुलिस ने आरोपी जियालाल को हिरासत में ले लिया। खबर लिखे जाने तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली थी। देर रात हालत गंभीर देख मंजू देवी को भी इलाहाबाद रेफर कर दिया गया।


बताया जा रहा है कि पुलिस ने जरा भी गंभीरता दिखाई होती तो विवाद खूनी संघर्ष का रूप न लेता। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सुबह विवाद केबाद सूचना देने के बावजूद पुलिस मौकेपर नहीं पहुंची। घायल पक्ष केलोग थाने पहुंचे और शिकायत की। फिर भी पुलिस नहीं जागी। सिर्फएनसीआर लिखकर दोनों पक्षों को घर भेज दिया। जबकि घटना केबाद से ही दोनों पक्षों में जबरदस्त तनाव था।
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