फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ayushman card of girls getting canceled after marriage, one lakh 62 thousand 800 cards canceled so far

Prayagraj : शादी के बाद निरस्त हो रहा लड़कियों का आयुष्मान कार्ड, एक लाख 62 हजार 800 कार्ड अब तक हुए निरस्त

Sun, 25 Jun 2023 11:34 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 25 Jun 2023 11:34 AM IST
सार

2011 की जनगणना के आधार पर प्रधानमंत्री के पत्र द्वारा कई परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया था। वहीं जिन कार्डों में शादी के बाद लड़कियों का निवास व जाति बदल गया है, उन्हें इस योजना के लाभार्थी की दौड़ से बाहर कर दिया गया।

विज्ञापन
Ayushman card of girls getting canceled after marriage, one lakh 62 thousand 800 cards canceled so far
आयुष्मान कार्ड - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

2011 की जनगणना के आधार पर बनाए गए आयुष्मान कार्ड लगातार तेजी से निरस्त किए जा रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रयागराज में कुल आठ लाख 14 हजार लोगों का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य कार्ड बनाया गया है। इसमें 20 फीसदी यानी एक लाख 62 हजार 800 कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (सांची) के लिए काम कर रही विडाल हेल्थ एजेंसी ने इन कार्डों को जन्म तिथि व निवास, जाति बदलने के आधार पर किया है। इसमें सबसे अधिक कार्ड शादी-शुदा लड़कियों के शामिल हैं।

विज्ञापन


दरअसल 2011 की जनगणना के आधार पर प्रधानमंत्री के पत्र द्वारा कई परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया था। वहीं जिन कार्डों में शादी के बाद लड़कियों का निवास व जाति बदल गया है, उन्हें इस योजना के लाभार्थी की दौड़ से बाहर कर दिया गया। सांची के मुताबिक पता और जाति का मिलान न हो पाने के कारण ऐसा किया गया। वहीं कई वृद्धजन का भी आयुष्मान कार्ड कैंसिल किया गया है। जिसके पीछे उनकी जन्म तिथि का मिलान न हो पाना है। क्योंकि प्रधानमंत्री के पत्र में जाे उनकी उम्र है वह आधार में अंकित जन्म तिथि से अलग है।

विज्ञापन

इन दो प्रमुख कारणों को आधार बनाते हुए एक लाख 62 हजार 800 आयुष्मान कार्ड को निरस्त कर दिया गया। वहीं मुसीबत के समय पांच लाख के इलाज की आस लगाए बैठे गरीब आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह एक बड़ा झटका है। क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है कि उनका कार्ड निरस्त किया जा चुका है। ऐसे में जब वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, तो कई दिन या फिर कई महीनों के बाद बताया जाता है कि आपका कार्ड निरस्त कर दिया गया है।

यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही है। इसके बाद प्राइवेट अस्पताल संचालक आयुष्मान के मरीजों को भर्ती करने से कतराने लगे हैं। उनका कहना है कि पांच से छह महीने के बाद केस कैंसिल हो रहे हैं। ऐसे में वह लाखों की चोट खाकर बैठे हैं। वह इसकी भरपाई करें तो कैसेे करें।

तीन श्रेणियों के लाभार्थी

आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें 2011 की जनगणना के अनुसार बीपीएल कार्ड धारक, लाल अंत्योदय कार्ड धारक और भवन एवं सन्निर्माण के लोग शामिल हैं।

शादी-शुदा लड़कियों और वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड अधिक निरस्त हो रहा है। वहीं जानकारी के अभाव में मरीज और अस्पताल प्रशासन के बीच आए दिन मतभेद पैदा हो रहा है। प्रशासन द्वारा पत्र के माध्यम से इस समस्या के समाधान को लेकर सांची को पत्र लिखा गया है। - डॉ.राजेश सिंह, एसीएमओ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed