अतीक-अशरफ हत्याकांड : तीन वर्ष बाद संगम नगरी में एक बार फिर दिखा अघोषित लॉकडाउन, शहर में रहा सन्नाटा
माफिया अतीक अहमद और उसके छोटे भाई अशरफ की हत्या के अगले दिन संगमनगरी में एक बार फिर से अघोषित लॉक डाउन जैसा नजारा दिखा। शहर के तमाम बाजार बंद रहे। जो बाजार खुले भी तो वहां ग्राहकों की आवाजाही गिनती भर रही।
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माफिया अतीक अहमद और उसके छोटे भाई अशरफ की हत्या के अगले दिन संगमनगरी में एक बार फिर से अघोषित लॉक डाउन जैसा नजारा दिखा। शहर के तमाम बाजार बंद रहे। जो बाजार खुले भी तो वहां ग्राहकों की आवाजाही गिनती भर रही। आवश्यक वस्तुओं की दुकानें बंद होने की वजह से आम लोगों को भी काफी परेशानी हुई।
शनिवार की रात अतीक-अशरफ की हत्या के बाद ही कॉल्विन अस्पताल के आसपास, नखास कोहना, चकिया, कसारी मसारी आदि क्षेत्र में दुकानों के शटर गिर गए थे। रविवार को भी इन इलाकों के साथ-साथ पूरे शहर भर सन्नाटा पसरा रहा। चौक, सिविल लाइंस आदि बाजार में रविवार को हालांकि साप्ताहिक बंदी रहती है लेकिन बड़े शोरूम, रेस्टोरेंट आदि जरूर खुलते हैं। इन बाजारों में कुछ रेस्टारेंट, शोरूम तो खुले लेकिन उसमें ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर रही।
एमजी मार्ग स्थित प्रसिद्ध मिठाई की दुकान भी दोपहर 12 बजे के बाद ही खुली। यहां केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन चौराहे के पास एक मॉल भी बंद रहा। इसी तरह कोठापार्चा बाजार रविवार को खुला तो जरूर लेकिन दिन भर यहां व्यापारी ग्राहकोंं की राह ताकते नजर आए। शहर की धड़कन कहे जाने वाले लोकनाथ बाजार की सब्जी मंडी भी सुबह बंद रही। स्थानीय नागरिक आरती मालवीय ने बताया कि लंबे समय बाद यहां सब्जी नहीं मिली। इस वजह से लोगों को परेशानी हुई।
इसी तरह साउथ मलाका, रामबाग, कीडगंज, म्योराबाद, बहादुरगंज, अल्लापुर, डांडी, झूंसी, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम, हिम्मतगंज, जानसेनगंज, विवेकानंद मार्ग, तेलियरगंज, हरवारा, धूमनगंज, रसूलाबाद, बेनीगंज, कालाडांडा, चौखंडी, तुलसीपुर, अटाला आदि मोहल्लों में भी दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। बेनीगंज की उर्वशी ने बताया कि आज उनके यहां दूध वाला भी नहीं आया।
आजाद नगर के सिद्धार्थ सौरभ ने बताया कि आज सब्जी के ठेले वाले नहीं आए। इस वजह से गऊघाट जाकर सब्जी खरीदनी पड़ी। रामबाग स्टेशन के बाहर भी चाय की कई दुकान बंद रहने की वजह से वहां आने वाले यात्रियों को दिक्कत हुई। कारोबारी सतीश केसरवानी ने कहा कि आज लोग घरों से कम निकले। इस वजह से जो दुकानें सुबह खुलीं भी, वह दोपहर तक दुकानदारों ने बंद कर दी।
कसारी मसारी में दहशत में कटी रात
माफिया अतीक अहमद व अशरफ की हत्या के बाद चकिया कसारी मसारी इलाके में लोग दहशत के कारण सारी रात जागते रहे। इलाके में चप्पे चप्पे पर पीएसी, आरएएफ, सिविल पुलिस के जवान तैनात रहे। रविवार को यहां चाय, पान तक की दुकानें तक बंद रहीं। अतीक के पुश्तैनी घर वाले मोहल्ले चकिया कसारी मसारी, राजरूपपुर, करबला, करेली, बेनीगंज व गौसनगर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा सुबह के समय कसारी मसारी इलाके के कई घरों में न तो दूध पहुंचा और न ही अखबार आया।
लोगों का सारा दिन अतीक-अशरफ की हत्या से जुड़ी खबरों को ही देखकर बीता। अपने घरों से वही लोग निकले, जिन्हें बहुत जरूरी काम था। इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण लोगों ने अपनों का हाल फोन के द्वारा जाना। चकिया कसारी मसारी के दीपक कुमार ने बताया कि उनके यहां सुबह दूध नहीं आया और न ही अखबार आया। पूरे इलाके में सिर्फ पुलिस ही पुलिस नजर आ रही है। डर और दहशत का माहौल है। आनंदपुरम के मोनू पांडेय का कहना था कि कई परिवारों ने पूरी रात जाग कर गुजारी।