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तीनों कृषि कानूनों की वापसी के लिए युवा किसानों ने उठाई आवाज
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नये कृषि कानूनों का विरोध करते युवा।
- फोटो : CITY OFFICE
खेती और किसान आंदोलन में युवाओं की भागीदारी के सम्मान में शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गांव सुखरावली में युवा किसान दिवस मनाया गया। इस मौके पर मंच संचालन युवाओं द्वारा किया गया और सभी वक्ता भी युवा ही थे।
जिले में सुखरावली गांव में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त किसान मोर्चा के युवा किसान कार्यकर्ताओं का खेती-किसानी की निशानी हरे रंग का साफा पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर युवा किसान वक्ताओं ने अपने विचार भी रखे। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के स्थानीय युवा कार्यकर्ता पुष्पेंद्र चौधरी ने कहा कि हम सभी युवा खून पसीना एक कर देंगे व इस आंदोलन को सफल बनाकर रहेंगे।
संचालन करते हुए बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के युवा संयोजक गोकुल करन कश्यप ने रोजगार का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि अब हमें समझ में आ गया है कि सरकार युवाओं को खेती से निकालकर शहरों में सस्ते मजदूर के रूप में तैयार करना चाहती है। इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन स्वराज्य के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने मौजूदा सरकार को न सिर्फ किसान विरोधी कहा, बल्कि युवा विरोधी और विद्यार्थी विरोधी भी करार दिया।
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संजीव शर्मा, विजय शर्मा, दर्शन चौधरी, प्रदीप चौधरी, रामगोपाल शर्मा, पूरन सिंह, लोकेश कश्यप, दीपक यादव आदि युवा वक्ताओं ने कहा कि अब ये लड़ाई किसान के सम्मान की लड़ाई है और हम अपने बुजुर्गों की पगड़ी को नीचे नहीं होने देंगे। ये आंदोलन हमारे वजूद बचाने का आंदोलन हो गया है इसलिए देश का युवक अपने पुरखों की जमीन और जमीर को बचाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर अपने बड़ों के साथ खड़ा है। आज जो हम युवकों को सम्मान दिया है और जो उम्मीद हमसे लगाई है। जो जिम्मेदारी सौंपी है। अपनी जान पर खेलकर भी उस जिम्मेदारी को पूरा करेंगे। सभा में युवा श्रोताओं के बीच अखिल भारतीय किसान सभा से इदरीश मोहम्मद, सूरजपाल उपाध्याय व भाकियू के संगठन मंत्री गजेंद्र चौधरी वरिष्ठ किसान नेता उपस्थित रहे।
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जिले में सुखरावली गांव में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त किसान मोर्चा के युवा किसान कार्यकर्ताओं का खेती-किसानी की निशानी हरे रंग का साफा पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर युवा किसान वक्ताओं ने अपने विचार भी रखे। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के स्थानीय युवा कार्यकर्ता पुष्पेंद्र चौधरी ने कहा कि हम सभी युवा खून पसीना एक कर देंगे व इस आंदोलन को सफल बनाकर रहेंगे।
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संचालन करते हुए बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के युवा संयोजक गोकुल करन कश्यप ने रोजगार का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि अब हमें समझ में आ गया है कि सरकार युवाओं को खेती से निकालकर शहरों में सस्ते मजदूर के रूप में तैयार करना चाहती है। इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन स्वराज्य के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने मौजूदा सरकार को न सिर्फ किसान विरोधी कहा, बल्कि युवा विरोधी और विद्यार्थी विरोधी भी करार दिया।
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संजीव शर्मा, विजय शर्मा, दर्शन चौधरी, प्रदीप चौधरी, रामगोपाल शर्मा, पूरन सिंह, लोकेश कश्यप, दीपक यादव आदि युवा वक्ताओं ने कहा कि अब ये लड़ाई किसान के सम्मान की लड़ाई है और हम अपने बुजुर्गों की पगड़ी को नीचे नहीं होने देंगे। ये आंदोलन हमारे वजूद बचाने का आंदोलन हो गया है इसलिए देश का युवक अपने पुरखों की जमीन और जमीर को बचाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर अपने बड़ों के साथ खड़ा है। आज जो हम युवकों को सम्मान दिया है और जो उम्मीद हमसे लगाई है। जो जिम्मेदारी सौंपी है। अपनी जान पर खेलकर भी उस जिम्मेदारी को पूरा करेंगे। सभा में युवा श्रोताओं के बीच अखिल भारतीय किसान सभा से इदरीश मोहम्मद, सूरजपाल उपाध्याय व भाकियू के संगठन मंत्री गजेंद्र चौधरी वरिष्ठ किसान नेता उपस्थित रहे।