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15 दिन में प्रशासनिक लापरवाही से दूसरी मौत
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सासनीगेट थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी की मासूम बिटिया की मौत को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि महेंद्रनगर में कटरा के राजीव कुमार गुप्ता की मौत की खबर ने नगरवासियों को झकझोर कर रख दिया है। दोनों मौत प्रशासनिक लापरवाही की वजह से हुई है।
बीते दिनों आवास विकास कॉलोनी की गंभीर रूप से बीमार 10 वर्षीय यशवी को सासनीगेट से जेएन मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने में ढाई घंटे से अधिक का समय लगा था। जाम की वजह से वह समय से अस्पताल नहीं पहुंची और छोटी सी उम्र में दुनिया को अलविदा कह गई थी। महेंद्रनगर के जिन गलियों के गड्ढे में गिरकर राजीव कुमार गुप्ता की जान गई है, यशवी के पिता भी जाम से बचकर बिटिया को जल्दी अस्पताल पहुंचाने के लिए उन गलियों की तरफ भागे थे।
महेंद्रनगर की विनीता वार्ष्णेय कहती है कि यहां कौन किसकी सुनता है। 20 दिन पहले सड़क पर गड्ढे खोदे गए। लोग रोज गिरकर घायल होते हैं। कई लोगों के पैर टूट चुके हैं।
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पार्षद अलका गुप्ता तो मृतक राजीव कुमार गुप्ता की पत्नी एवं बच्चों को देखकर अपनी आंसू रोक नहीं पाई। वह कहती है कि पार्षद वीरेंद्र सिंह, दिनेश गुप्ता, नरेंद्र आदि के साथ जल निगम के कार्यालय में जाकर शिकायत की थी। किसी ने ध्यान नहीं दिया। महेंद्रनगर में वह स्वयं स्कूटी से गिरकर चोटिल हो चुकी हैं। नगर निगम बोर्ड की बैठक में भी मामला उठाया था। महिला सशक्तिकरण पर नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम में कृष्णा गुप्ता ने सड़कों की खुदाई का मुद्दा उठाया था। उस समय सत्य प्रकाश पटेल नगर आयुक्त थे और उनका कहना था कि इस मुद्दे को दूसरे मौके पर उठाएंगे। अलका गुप्ता कहती हैं कि अब राजीव गुप्ता की पत्नी, दो बेटियों एवं बेटा को कौन संभालेगा। गड्ढे की वजह से एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।
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बीते दिनों आवास विकास कॉलोनी की गंभीर रूप से बीमार 10 वर्षीय यशवी को सासनीगेट से जेएन मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने में ढाई घंटे से अधिक का समय लगा था। जाम की वजह से वह समय से अस्पताल नहीं पहुंची और छोटी सी उम्र में दुनिया को अलविदा कह गई थी। महेंद्रनगर के जिन गलियों के गड्ढे में गिरकर राजीव कुमार गुप्ता की जान गई है, यशवी के पिता भी जाम से बचकर बिटिया को जल्दी अस्पताल पहुंचाने के लिए उन गलियों की तरफ भागे थे।
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महेंद्रनगर की विनीता वार्ष्णेय कहती है कि यहां कौन किसकी सुनता है। 20 दिन पहले सड़क पर गड्ढे खोदे गए। लोग रोज गिरकर घायल होते हैं। कई लोगों के पैर टूट चुके हैं।
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पार्षद अलका गुप्ता तो मृतक राजीव कुमार गुप्ता की पत्नी एवं बच्चों को देखकर अपनी आंसू रोक नहीं पाई। वह कहती है कि पार्षद वीरेंद्र सिंह, दिनेश गुप्ता, नरेंद्र आदि के साथ जल निगम के कार्यालय में जाकर शिकायत की थी। किसी ने ध्यान नहीं दिया। महेंद्रनगर में वह स्वयं स्कूटी से गिरकर चोटिल हो चुकी हैं। नगर निगम बोर्ड की बैठक में भी मामला उठाया था। महिला सशक्तिकरण पर नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम में कृष्णा गुप्ता ने सड़कों की खुदाई का मुद्दा उठाया था। उस समय सत्य प्रकाश पटेल नगर आयुक्त थे और उनका कहना था कि इस मुद्दे को दूसरे मौके पर उठाएंगे। अलका गुप्ता कहती हैं कि अब राजीव गुप्ता की पत्नी, दो बेटियों एवं बेटा को कौन संभालेगा। गड्ढे की वजह से एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया।