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Aligarh News: दिल्ली से चल रहा था थानेदारों को ठगने का धंधा
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पिछले एक माह में यूपी पुलिस के सौ कोतवालों को ठगने वाले रैकेट का धंधा दिल्ली के एक किराये मकान से चल रहा था। दिल्ली से ही इस रैकेट ने अलीगढ़ से लेकर सहारनपुर और बाराबंकी जिलेे के पुलिस कोतवालों से मुखबिरी के नाम पर रुपये ऐंठ लिए। अलीगढ़ के चार कोतवालों से रुपये ऐंठे गए। यह रैकेट पुलिस महकमे में सुर्खियों में आ गया था। इसी बीच जवां कोतवाल से रुपये मांगे। इस पर इन्हें जाल बिछाकर अलीगढ़ बुलाया और पकड़ा गया।
इस रैकेट के विषय में पुलिस की अब तक की जांच से पता चला कि बहराइच के मुकदमे में जेल से छूटकर आने के बाद मुख्य आरोपी निखिल उर्फ नितिन ने रुपये जुटाने के लिए पुराने धंधे को शुरू करने का प्लान बनाया। इस प्लान के लिए उसने इस बार दिल्ली को ठिकाना बनाया। उम्मीद थी कि पकड़ा नहीं जाएगा।
मुकदमे में फरार रोहिणी दिल्ली के भोला ने उन्हें एक किराये पर कमरा दिलाया। जहां रहकर वे ठगी करने लगे। भोला ही इन लोगों को मजदूर किस्म के लोगों की आईडी से सिम लाकर मुहैया कराता था। हर दिन एक सिम लेकर देता था। इसके बदले भोला को दैनिक जेब खर्च मिलता था। बाकी जेल गए दोनों को भी साथ रख कर शराब व अन्य शौक पूरे कराने के खर्चे दिए जाते।
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इस दौरान इस गैंग ने अलीगढ़ से लेकर पश्चिमी यूपी के सहारनपुर तक के और पूर्वी यूपी में बाराबंकी तक के कोतवालों से रुपये ऐंठे। जिले में इगलास, देहली गेट, छर्रा व अकराबाद कोतवालों से रुपये ले लिए। सभी को बाइक चोर गिरोह पकड़वाने का लालच दिया। यह बात जिले के थानेदारों में फैल गई।
इसी बीच सबसे आखिर में जवां एसओ के पास फोन पहुंचा। बस इस बार पहले से पुलिस इन्हें पकड़ने का मन बनाकर बैठी थी। वही किया भी गया। इन्हें बातों में फंसाया और बातों में लगाकर अलीगढ़ बुलाया। इसी बीच ये पकड़े गए। सीओ प्रथम अशोक कुमार सिंह के अनुसार तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बाकी फरार भोला की तलाश चल रही है।
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इस रैकेट के विषय में पुलिस की अब तक की जांच से पता चला कि बहराइच के मुकदमे में जेल से छूटकर आने के बाद मुख्य आरोपी निखिल उर्फ नितिन ने रुपये जुटाने के लिए पुराने धंधे को शुरू करने का प्लान बनाया। इस प्लान के लिए उसने इस बार दिल्ली को ठिकाना बनाया। उम्मीद थी कि पकड़ा नहीं जाएगा।
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मुकदमे में फरार रोहिणी दिल्ली के भोला ने उन्हें एक किराये पर कमरा दिलाया। जहां रहकर वे ठगी करने लगे। भोला ही इन लोगों को मजदूर किस्म के लोगों की आईडी से सिम लाकर मुहैया कराता था। हर दिन एक सिम लेकर देता था। इसके बदले भोला को दैनिक जेब खर्च मिलता था। बाकी जेल गए दोनों को भी साथ रख कर शराब व अन्य शौक पूरे कराने के खर्चे दिए जाते।
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इस दौरान इस गैंग ने अलीगढ़ से लेकर पश्चिमी यूपी के सहारनपुर तक के और पूर्वी यूपी में बाराबंकी तक के कोतवालों से रुपये ऐंठे। जिले में इगलास, देहली गेट, छर्रा व अकराबाद कोतवालों से रुपये ले लिए। सभी को बाइक चोर गिरोह पकड़वाने का लालच दिया। यह बात जिले के थानेदारों में फैल गई।
इसी बीच सबसे आखिर में जवां एसओ के पास फोन पहुंचा। बस इस बार पहले से पुलिस इन्हें पकड़ने का मन बनाकर बैठी थी। वही किया भी गया। इन्हें बातों में फंसाया और बातों में लगाकर अलीगढ़ बुलाया। इसी बीच ये पकड़े गए। सीओ प्रथम अशोक कुमार सिंह के अनुसार तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बाकी फरार भोला की तलाश चल रही है।