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दो यादव एक मुस्लमान, वार्ड -43 में मचा घमासान
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अनामिका देवी वार्ड 43
- फोटो : CITY OFFICE
जिला पंचायत के चुनाव में गंगीरी का वार्ड नंबर 43 भी हॉट सीट बना है। यादव बहुल इस वार्ड में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रिश्तेदार ही मैदान में है। बदायूं सांसद धर्मेंद्र यादव के बहनोई संजय यादव की पत्नी अर्चना यादव यहां से पार्टी समर्थ्त उम्मीदवार हैं। वह पार्टी की ओर से जिपं अध्यक्ष पद की दावेदार हैं। यहां से 22 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिसमें भाजपा से रीना यादव पत्नी अरविंद यादव, बसपा से अफसाना बेगम पत्नी ताज मोहम्मद ने मुकाबले को रोचक बना दिया है।
कांग्रेस और रालोद के साथ आप का यहां पर प्रत्याशी नहीं है। ऐसे में चुनाव त्रिकोणीय होता जा रहा है, जिसमें सपा, भाजपा और बसपा के बीच में कांटे की टक्कर हो रही है। इस वार्ड के अंतर्गत आने वाले 66 गांवों में अधिकांश यादवों के हैं। लगभग 45 हजार वोटर हैं, जिसमें दूसरे धर्म और जातियों के कुछ ही लोग हैं।
सपा के लिए यहां सबसे बड़ी मुश्किल है कि कुछ अन्य निर्दलीय प्रत्याशी भी उसके झंडे बैनर का खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं। वह भी यादव हैं। ऐसे में यादवों के बीच सपा की पकड़ मजबूत करने के लिए शुक्रवार को पार्टी का पूरा संगठन वहां मौजूद रहा।
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गैरसपाई प्रत्याशियों को चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने गलत प्रचार किया तो उनके खिलाफ पार्टी स्तर से और अन्य कार्रवाई हो सकती है। जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, जिला उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडेय, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह, संजय शर्मा आदि ने ऐसे प्रत्याशियों को समझाया कि वह ऐसा न करें।
भाजपा और बसपा के लिए भी यहां मुश्किलें कम नहीं है। यादवों के बीच पकड़ बनाना, सपा से मुकाबला करने के साथ ही उनके सामने अपने ही बागियों की चुनौती है। कुल प्रत्याशियों की संख्या 22 होने के कारण जनता के बीच चुनाव चिन्ह तक याद कराना मुश्किल हो गया है। इन प्रत्याशियों में भूरा देवी, सोमवती देवी, फातिमा बेगम, ममता देवी, पुष्पा, शबनम, अनामिका देवी आदि शामिल हैं।
बसपा भी ऐसी समस्याओं से जूझ रही है। प्रत्याशियों की ज्यादा संख्या से वोटरों के बीच भी गफलत हो रही है। पूर्व में यहां पर 42 दावेदार हो गए थे, लेकिन कुछ के बैठने और नाम वापसी के बाद 22 प्रत्याशी बचे हैं। इस वार्ड में आलमपुर, नाय भाय, अचलानगला, कसेर, राजमऊ, भूड़िया, निनामई, बीसौरा, जिरौली, समेरा तातरपुर सहित 66 गांव है।
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कांग्रेस और रालोद के साथ आप का यहां पर प्रत्याशी नहीं है। ऐसे में चुनाव त्रिकोणीय होता जा रहा है, जिसमें सपा, भाजपा और बसपा के बीच में कांटे की टक्कर हो रही है। इस वार्ड के अंतर्गत आने वाले 66 गांवों में अधिकांश यादवों के हैं। लगभग 45 हजार वोटर हैं, जिसमें दूसरे धर्म और जातियों के कुछ ही लोग हैं।
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सपा के लिए यहां सबसे बड़ी मुश्किल है कि कुछ अन्य निर्दलीय प्रत्याशी भी उसके झंडे बैनर का खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं। वह भी यादव हैं। ऐसे में यादवों के बीच सपा की पकड़ मजबूत करने के लिए शुक्रवार को पार्टी का पूरा संगठन वहां मौजूद रहा।
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गैरसपाई प्रत्याशियों को चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने गलत प्रचार किया तो उनके खिलाफ पार्टी स्तर से और अन्य कार्रवाई हो सकती है। जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, जिला उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडेय, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह, संजय शर्मा आदि ने ऐसे प्रत्याशियों को समझाया कि वह ऐसा न करें।
भाजपा और बसपा के लिए भी यहां मुश्किलें कम नहीं है। यादवों के बीच पकड़ बनाना, सपा से मुकाबला करने के साथ ही उनके सामने अपने ही बागियों की चुनौती है। कुल प्रत्याशियों की संख्या 22 होने के कारण जनता के बीच चुनाव चिन्ह तक याद कराना मुश्किल हो गया है। इन प्रत्याशियों में भूरा देवी, सोमवती देवी, फातिमा बेगम, ममता देवी, पुष्पा, शबनम, अनामिका देवी आदि शामिल हैं।
बसपा भी ऐसी समस्याओं से जूझ रही है। प्रत्याशियों की ज्यादा संख्या से वोटरों के बीच भी गफलत हो रही है। पूर्व में यहां पर 42 दावेदार हो गए थे, लेकिन कुछ के बैठने और नाम वापसी के बाद 22 प्रत्याशी बचे हैं। इस वार्ड में आलमपुर, नाय भाय, अचलानगला, कसेर, राजमऊ, भूड़िया, निनामई, बीसौरा, जिरौली, समेरा तातरपुर सहित 66 गांव है।

अर्चना यादव वार्ड 43- फोटो : CITY OFFICE