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नवजात स्वस्थ, अपनाने को घनघना रहे फोन
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खैर के गोंदौली नहर पटरी पर तीन दिन पहले जिस नवजात को अनाथ छोड़ा गया था उसे अपनाने के लिए ममता का सैलाब उमड़ पड़ा है। खैर और अलीगढ़ शहर के अलावा दिल्ली-कानपुर तक से लोग नवजात को पाने की कोशिश में जुट गए हैं। चाइल्ड लाइन के नंबर पर फोन कर लोग गोद लेने की प्रक्रिया और आवेदन के बारे में जानकारी करने में जुट गए हैं।
उड़ान सोसाइटी की ओर से संचालित चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार नवजात के विषय में जानकारी करने के लिए अलीगढ़, कानपुर, आगरा व दिल्ली समेत अन्य प्रांतों से भी फोन आ रहे हैं। सभी नवजात को गोद लेने की प्रक्रिया जानना चाहते हैं। सभी को केंद्र सरकार की वेबसाइट ष्ड्डह्म्ड्ड.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर पंजीकरण कराकर अपने समस्त अभिलेख अपलोड करने के विषय में समझाया जा रहा है। पंजीकृत आवेदकों की होम स्टडी की जाती है। इसमें सब कुछ सही होने पर प्रतीक्षा सूची में आवेदक का नाम चला जाता है। प्रतीक्षा सूची के आधार पर ही किसी बालक को दंपती गोद ले सकते हैं।
चाइल्ड लाइन की देखरेख में नवजात
चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार एसडीएम व एसओ खैर की सूचना पर उसी दिन चाइल्ड लाइन की सदस्य नीलम सैनी ने खैर पहुंचकर नवजात को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया था जिस दिन वह गोंदौली नहर पटरी के किनारे गड्ढे में मिला था। नवजात को जिला महिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। चाइल्ड लाइन की समन्वयक शिरीन राजेंद्र ने बाल कल्याण समिति को भी फोन कर जानकारी दे दी थी। रविवार को चाइल्ड लाइन की टीम नवजात को देखने महिला चिकित्सालय भी पहुंची। निदेशक ने भी फोन पर चिकित्सकों से नवजात के बारे में जानकारी ली। बताया कि नवजात स्वस्थ है। लगभग सभी प्रकार की जांच हो चुकी है। महज कोविड-19 की जांच बची है जिसके बाद नवजात को आगरा स्थित शेल्टर होम में भेज दिया जायेगा। टीकाकरण भी कराया जाएगा। बाल कल्याण समिति के आदेश पर चाइल्ड लाइन अग्रिम कार्रवाई करेगी।
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नवजात को कौन फेंक गया जिसकी जांच में खैर पुलिस लगी है। ज्यादा संभावना किसी अन्य क्षेत्र से लाकर नवजात को गोंदौली नहर पटरी पर फेंके जाने की लग रही है। सही स्थिति तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। -संजीव दीक्षित, सीओ खैर।
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उड़ान सोसाइटी की ओर से संचालित चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार नवजात के विषय में जानकारी करने के लिए अलीगढ़, कानपुर, आगरा व दिल्ली समेत अन्य प्रांतों से भी फोन आ रहे हैं। सभी नवजात को गोद लेने की प्रक्रिया जानना चाहते हैं। सभी को केंद्र सरकार की वेबसाइट ष्ड्डह्म्ड्ड.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर पंजीकरण कराकर अपने समस्त अभिलेख अपलोड करने के विषय में समझाया जा रहा है। पंजीकृत आवेदकों की होम स्टडी की जाती है। इसमें सब कुछ सही होने पर प्रतीक्षा सूची में आवेदक का नाम चला जाता है। प्रतीक्षा सूची के आधार पर ही किसी बालक को दंपती गोद ले सकते हैं।
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चाइल्ड लाइन की देखरेख में नवजात
चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार एसडीएम व एसओ खैर की सूचना पर उसी दिन चाइल्ड लाइन की सदस्य नीलम सैनी ने खैर पहुंचकर नवजात को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया था जिस दिन वह गोंदौली नहर पटरी के किनारे गड्ढे में मिला था। नवजात को जिला महिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। चाइल्ड लाइन की समन्वयक शिरीन राजेंद्र ने बाल कल्याण समिति को भी फोन कर जानकारी दे दी थी। रविवार को चाइल्ड लाइन की टीम नवजात को देखने महिला चिकित्सालय भी पहुंची। निदेशक ने भी फोन पर चिकित्सकों से नवजात के बारे में जानकारी ली। बताया कि नवजात स्वस्थ है। लगभग सभी प्रकार की जांच हो चुकी है। महज कोविड-19 की जांच बची है जिसके बाद नवजात को आगरा स्थित शेल्टर होम में भेज दिया जायेगा। टीकाकरण भी कराया जाएगा। बाल कल्याण समिति के आदेश पर चाइल्ड लाइन अग्रिम कार्रवाई करेगी।
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नवजात को कौन फेंक गया जिसकी जांच में खैर पुलिस लगी है। ज्यादा संभावना किसी अन्य क्षेत्र से लाकर नवजात को गोंदौली नहर पटरी पर फेंके जाने की लग रही है। सही स्थिति तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। -संजीव दीक्षित, सीओ खैर।