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आजम खां की रिहाई को लेकर एएमयू में निकाला इंसाफ मार्च
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आजम खां की रिहाई को लेकर एएमयू में मार्च निकालते एएमयू छात्र।
- फोटो : CITY OFFICE
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खां की रिहाई की मांग को लेकर सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व छात्रों और मौजूदा छात्रों ने इंसाफ मार्च निकाला। छात्रों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को सौंपा।
इससे पहले इंसाफ मार्च की शुरुआत विश्वविद्यालय के शताब्दी द्वार से हुई। वहां से छात्र इंजीनियरिंग कॉलेज, आर्ट फैकल्टी, टीचर स्टाफ क्लब होते हुए बाब-ए-सैयद पर पहुंचे। इस दौरान योगी तेरी तानाशाही, मोदी तेरी तानाशाही, नहीं चलेगी नहीं चलेगी, जैसे नारे लगाए गए। मार्च में शामिल लोगों ने आजम खां पर झूठे मुकदमे लगाए जाने और उत्पीड़न किए जाने पर प्रदेश सरकार की निंदा की। बाब-ए-सैयद पर पहुंचकर छात्र नेता कुंवर मोहम्मद अहमद ने संबोधन किया। उन्होंने कहा कि आजम खां पर प्रदेश सरकार ने जो आरोप और मुकदमे लगाए हैं वह अदालत में ठहर नहीं सकते।
छात्र नेता फरहान जुबैरी ने कहा कि एक आतंकवादी को भी खराब स्वास्थ्य के आधार पर रिहाई दे दी जाती है। लेकिन आजम खां जैसे व्यक्तियों, जो सर सैयद के मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं, उनका उत्पीड़न किया जाता है। यह अत्याचार है। छात्रों ने मौके पर पहुंचे विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली और थाना सिविल लाइन के इंस्पेक्टर रविंद्र दुबे को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि आजम खां की तत्काल रिहाई की जाए। उन पर जो मुकदमे दर्ज हैं वह वापस लिए जाएं। साथ ही जितने मुकदमे प्रदेश में चल रहे हैं, उनकी सुनवाई प्रदेश से बाहर की जाए। इस अवसर पर एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी सहित मौजूदा और पूर्व छात्र मौजूद थे।
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इससे पहले इंसाफ मार्च की शुरुआत विश्वविद्यालय के शताब्दी द्वार से हुई। वहां से छात्र इंजीनियरिंग कॉलेज, आर्ट फैकल्टी, टीचर स्टाफ क्लब होते हुए बाब-ए-सैयद पर पहुंचे। इस दौरान योगी तेरी तानाशाही, मोदी तेरी तानाशाही, नहीं चलेगी नहीं चलेगी, जैसे नारे लगाए गए। मार्च में शामिल लोगों ने आजम खां पर झूठे मुकदमे लगाए जाने और उत्पीड़न किए जाने पर प्रदेश सरकार की निंदा की। बाब-ए-सैयद पर पहुंचकर छात्र नेता कुंवर मोहम्मद अहमद ने संबोधन किया। उन्होंने कहा कि आजम खां पर प्रदेश सरकार ने जो आरोप और मुकदमे लगाए हैं वह अदालत में ठहर नहीं सकते।
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छात्र नेता फरहान जुबैरी ने कहा कि एक आतंकवादी को भी खराब स्वास्थ्य के आधार पर रिहाई दे दी जाती है। लेकिन आजम खां जैसे व्यक्तियों, जो सर सैयद के मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं, उनका उत्पीड़न किया जाता है। यह अत्याचार है। छात्रों ने मौके पर पहुंचे विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली और थाना सिविल लाइन के इंस्पेक्टर रविंद्र दुबे को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि आजम खां की तत्काल रिहाई की जाए। उन पर जो मुकदमे दर्ज हैं वह वापस लिए जाएं। साथ ही जितने मुकदमे प्रदेश में चल रहे हैं, उनकी सुनवाई प्रदेश से बाहर की जाए। इस अवसर पर एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी सहित मौजूदा और पूर्व छात्र मौजूद थे।
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