{"_id":"5f783a1ba98c053f5e53efa2","slug":"hathras-assault-case-family-says-we-will-not-take-ashes-as-we-have-not-seen-who-was-cremated-our-daughter-or-someone-else","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस केसः परिजनों ने किया बेटी की अस्थियां विसर्जित करने से इनकार, हमें नहीं मालूम किसे जलाया तो हम क्यों...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस केसः परिजनों ने किया बेटी की अस्थियां विसर्जित करने से इनकार, हमें नहीं मालूम किसे जलाया तो हम क्यों...
Sat, 03 Oct 2020 02:15 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 03 Oct 2020 02:15 PM IST
विज्ञापन
पीड़िता की रिश्तेदार
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस के चंदपा क्षेत्र में अनुसूचित जाति की बिटिया के साथ हुए दुष्कर्म का मामला अब पूरी तरह से तूल पकड़ चुका है। पहले जो प्रशासन पीड़िता के घर से मीडिया को दूर रख रहा था, उसने आज मीडिया के लिए पीड़िता का गांव खोल दिया है। मीडिया से बातचीत में पीड़ित परिवार ने कई बातें कही हैं। इस दौरान उन्होंने एक चौंकाने वाला बयान भी दिया है। परिवार का कहना है कि वह अस्थियां नहीं लेगा।
परिवार का अब हम अस्थियों को उठाने नहीं जाएंगे। उन सभी का कहना है कि पता नहीं किसकी अस्थियां हैं। हमें हमारी बिटिया की शक्ल तक नहीं दिखाई गई तो हम क्यों वो अस्थियां लेने जाएं।
परिजनों ने बेटी की अस्थियां विसर्जित करने से मना करते हुए कहा, जब हमें यही नहीं मालूम कि वह हमारी बेटी है या किसी और को जलाया है। प्रशासन ने बिना चेहरा दिखाए जला दिया तो क्यों हम श्मशान से उसकी अस्थियां लेकर आएं। हमें क्या पता हमारी बेटी का शव है, किसी जानवर का या किसी और का शव है। भाई का तो ये भी कहना है कि हमें तो यही पता है कि हमारी बहन अभी अस्पताल में भर्ती है।
विज्ञापन
हमें तो उसके पोस्टमार्टम के दौरान भी उसका चेहरा देखने नहीं दिया। हमें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं मिली है।
विज्ञापन
परिवार का अब हम अस्थियों को उठाने नहीं जाएंगे। उन सभी का कहना है कि पता नहीं किसकी अस्थियां हैं। हमें हमारी बिटिया की शक्ल तक नहीं दिखाई गई तो हम क्यों वो अस्थियां लेने जाएं।
विज्ञापन
परिजनों ने बेटी की अस्थियां विसर्जित करने से मना करते हुए कहा, जब हमें यही नहीं मालूम कि वह हमारी बेटी है या किसी और को जलाया है। प्रशासन ने बिना चेहरा दिखाए जला दिया तो क्यों हम श्मशान से उसकी अस्थियां लेकर आएं। हमें क्या पता हमारी बेटी का शव है, किसी जानवर का या किसी और का शव है। भाई का तो ये भी कहना है कि हमें तो यही पता है कि हमारी बहन अभी अस्पताल में भर्ती है।
विज्ञापन
हमें तो उसके पोस्टमार्टम के दौरान भी उसका चेहरा देखने नहीं दिया। हमें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं मिली है।