{"_id":"5ee78fcb8ebc3e4313149fc2","slug":"focus-on-production-processing-and-marketing-to-increase-farmers-income-apc-city-office-news-ali2361954164","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रोडक्शन प्रोसेसिंग व मार्केटिंग पर दें ध्यान : एपीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रोडक्शन प्रोसेसिंग व मार्केटिंग पर दें ध्यान : एपीसी
विज्ञापन
मंडलीय खरीफ गोष्ठी में मौजूद मंडलायुक्त व अन्य अधिकारी।
- फोटो : CITY OFFICE
प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) एवं अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा की अध्यक्षता में मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सोमवार को हुआ। संचालन प्रमुख सचिव कृषि ने किया। अलीगढ़ मंडल से मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी एवं जनपद से जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अनुनय झा सहित विभागीय अधिकारियों व प्रगतिशील किसान भंवर पाल सिंह ने प्रतिभाग किया।
कलक्ट्रेट के एनआईसी सभागार में बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। एपीसी ने कहा कि गोष्ठी के आयोजन का उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना, उपज मूल्य दिलाना, वैज्ञानिक खेती की ओर ले जाना, संतुलित उर्वरा का प्रयोग सिखाना, कम लागत में अधिक उत्पादन लेना एवं प्रगतिशील किसानों के माध्यम से किसानों की समस्याओं एवं सुझावों को प्राप्त कर उस दिशा में सुधार करना है। उन्होंने कृषि को इंटीग्रेटेड एप्रोच की तरह सोचने को कहा। कहा कि किसानों की आय को बढ़ाने के लिये वैल्यू एडिशन करने एवं मार्केटिंग की उचित व्यवस्था करनी होगी। जिलास्तर पर योजनाएं बनाते समय प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग का पूरा ध्यान रखा जाए। कोविड-19 के दौरान मनरेगा विभिन्न योजनाओं को जोड़ने वाली कड़ी के रूप में सामने आई है, जिसका प्रयोग कर विभिन्न प्रकार के एसेट्स विकसित कर सकते हैं। प्रगतिशील किसानों से सुझाव प्राप्त करने में सीडीओ अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मंडल में छह लाख हेक्टेयर में होती है खरीफ की फसल
मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने उनको बताया कि मंडल में 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ की खेती की जाती है। बीज, उर्वरक, कृृषि रक्षा रसायन की समस्या नहीं है। कासगंज में 25-30 एकड़ कृषि फार्म विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में गेहूं खरीद में अलीगढ़ मंडल प्रथम स्थान पर रहा है, जिसमें कृषि विभाग द्वारा 6 लाख व्हाट्स एप मैसेज भेजकर किसानों को क्रय केंद्र पर बुलाया गया। एटा में मोती पालन, सीप पालन एवं झींगा पालन कराकर मत्स्य पालकों को लाभान्वित किया जा रहा है।
विज्ञापन
अलीगढ़ में खाली पद भरे जाएं : मंडलायुक्त
मंडलायुक्त ने विभिन्न समस्याओं की तरफ एपीसी का ध्यान दिलाते हुए कहा कि मंडल एवं जनपद कासगंज में स्वीकृत पदों के सापेक्ष काफी पद रिक्त रहने से काम प्रभावित हो रहा है। मंडल में गुलाब एवं चकोरी की खेती की काफी संभावना है, शासन स्तर से बढ़ावा देने की आवश्यकता है। जायद में मक्के के खरीद केंद्र खोलना किसानों के लिये फायदेमंद साबित होगा। मंडल के कुछ क्षेत्रों में खारे पानी की समस्या पर गहरे नलकूप लगाना उचित है। न्यौली शुगर मिल द्वारा गन्ने का मात्र 22 प्रतिशत भुगतान कराया गया है, इसे शत-प्रतिशत कराया जाए।
815 हेक्टेयर बंजर भूमि कृषि योग्य बनी : डीएम
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि जनपद में खरीफ में 2.14 लाख हेक्टेयर में खाद्यान्न एवं तिलहन की खेती की जाती है। कृषकों को समय से कृषि निवेश उपलब्ध कराकर उन्नत तकनीक का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बंजर भूमि में से 815 हेक्टेयर को कृषि योग्य बनाया गया है। प्रगतिशील किसान भंवर पाल सिंह ने भी जानकारी दी।
सीडीओ बनाए मनरेगा के कार्यक्रम
अपर आयुक्त मनरेगा ने बताया कि वर्तमान में 57 लाख श्रमिकों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। सीडीओ मनरेगा में अधिक से अधिक प्रस्ताव तैयार कराएं। निदेशक मत्स्य ने अधिक से अधिक तालाब आवंटन कराने एवं थाई मांगुर के उत्पादन को हतोत्साहित करने पर जोर दिया। निदेशक उद्यान ने कहा कि किसान इजराइली तकनीक अपनाकर एक एकड़ क्षेत्र में बागबानी कर सकते हैं। निदेशक पशुपालन ने कहा कि पशुपालन कृषि का महत्वपूर्ण घटक है, पशुओं को गलघोंटू से बचाने के लिये वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई है।
विज्ञापन
कलक्ट्रेट के एनआईसी सभागार में बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। एपीसी ने कहा कि गोष्ठी के आयोजन का उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना, उपज मूल्य दिलाना, वैज्ञानिक खेती की ओर ले जाना, संतुलित उर्वरा का प्रयोग सिखाना, कम लागत में अधिक उत्पादन लेना एवं प्रगतिशील किसानों के माध्यम से किसानों की समस्याओं एवं सुझावों को प्राप्त कर उस दिशा में सुधार करना है। उन्होंने कृषि को इंटीग्रेटेड एप्रोच की तरह सोचने को कहा। कहा कि किसानों की आय को बढ़ाने के लिये वैल्यू एडिशन करने एवं मार्केटिंग की उचित व्यवस्था करनी होगी। जिलास्तर पर योजनाएं बनाते समय प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग का पूरा ध्यान रखा जाए। कोविड-19 के दौरान मनरेगा विभिन्न योजनाओं को जोड़ने वाली कड़ी के रूप में सामने आई है, जिसका प्रयोग कर विभिन्न प्रकार के एसेट्स विकसित कर सकते हैं। प्रगतिशील किसानों से सुझाव प्राप्त करने में सीडीओ अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विज्ञापन
मंडल में छह लाख हेक्टेयर में होती है खरीफ की फसल
मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने उनको बताया कि मंडल में 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ की खेती की जाती है। बीज, उर्वरक, कृृषि रक्षा रसायन की समस्या नहीं है। कासगंज में 25-30 एकड़ कृषि फार्म विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में गेहूं खरीद में अलीगढ़ मंडल प्रथम स्थान पर रहा है, जिसमें कृषि विभाग द्वारा 6 लाख व्हाट्स एप मैसेज भेजकर किसानों को क्रय केंद्र पर बुलाया गया। एटा में मोती पालन, सीप पालन एवं झींगा पालन कराकर मत्स्य पालकों को लाभान्वित किया जा रहा है।
विज्ञापन
अलीगढ़ में खाली पद भरे जाएं : मंडलायुक्त
मंडलायुक्त ने विभिन्न समस्याओं की तरफ एपीसी का ध्यान दिलाते हुए कहा कि मंडल एवं जनपद कासगंज में स्वीकृत पदों के सापेक्ष काफी पद रिक्त रहने से काम प्रभावित हो रहा है। मंडल में गुलाब एवं चकोरी की खेती की काफी संभावना है, शासन स्तर से बढ़ावा देने की आवश्यकता है। जायद में मक्के के खरीद केंद्र खोलना किसानों के लिये फायदेमंद साबित होगा। मंडल के कुछ क्षेत्रों में खारे पानी की समस्या पर गहरे नलकूप लगाना उचित है। न्यौली शुगर मिल द्वारा गन्ने का मात्र 22 प्रतिशत भुगतान कराया गया है, इसे शत-प्रतिशत कराया जाए।
815 हेक्टेयर बंजर भूमि कृषि योग्य बनी : डीएम
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि जनपद में खरीफ में 2.14 लाख हेक्टेयर में खाद्यान्न एवं तिलहन की खेती की जाती है। कृषकों को समय से कृषि निवेश उपलब्ध कराकर उन्नत तकनीक का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बंजर भूमि में से 815 हेक्टेयर को कृषि योग्य बनाया गया है। प्रगतिशील किसान भंवर पाल सिंह ने भी जानकारी दी।
सीडीओ बनाए मनरेगा के कार्यक्रम
अपर आयुक्त मनरेगा ने बताया कि वर्तमान में 57 लाख श्रमिकों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। सीडीओ मनरेगा में अधिक से अधिक प्रस्ताव तैयार कराएं। निदेशक मत्स्य ने अधिक से अधिक तालाब आवंटन कराने एवं थाई मांगुर के उत्पादन को हतोत्साहित करने पर जोर दिया। निदेशक उद्यान ने कहा कि किसान इजराइली तकनीक अपनाकर एक एकड़ क्षेत्र में बागबानी कर सकते हैं। निदेशक पशुपालन ने कहा कि पशुपालन कृषि का महत्वपूर्ण घटक है, पशुओं को गलघोंटू से बचाने के लिये वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई है।