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Aligarh News: गंगा में बाढ़ का खतरा मंडराया, यमुना में जलस्तर घटा, ग्रामीणों की बढ़ रही परेशानी

Thu, 20 Jul 2023 01:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 20 Jul 2023 01:13 AM IST
सार

अलीगढ़ में यमुना के बाद अब अतरौली क्षेत्र में गंगा उफान पर है और जलस्तर खतरे के निशान के आस-पास पहुंच गया है। इससे गंगा किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासनिक अफसर भी ग्रामीणों से मिलकर उन्हें सतर्क कर रहे हैं। इस दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। टप्पल क्षेत्र में यमुना के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई।

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Flood threat looms in Ganga, water level decreases in Yamuna
गंगा घाट का निरीक्षण करते एसडीएम अनिल कटियार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलीगढ़ में यमुना के बाद अतरौली क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ चौकियों के जरिए बढ़ते जल स्तर को लेकर निगरानी की जा रही है। उधर, यमुना नदी में पानी का स्तर कम हो रहा है। हालांकि टप्पल क्षेत्र में आबादी क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यमुना किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे का संकट आ रहा है। गांवों में बीमारी बढ़ने लगी है। इसको लेकर स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग की टीम गांवों का दौरा कर रही हैं।

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जिले में यमुना के बाद अब अतरौली क्षेत्र में गंगा उफान पर है और जलस्तर खतरे के निशान के आस-पास पहुंच गया है। इससे गंगा किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासनिक अफसर भी ग्रामीणों से मिलकर उन्हें सतर्क कर रहे हैं। इस दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। टप्पल क्षेत्र में यमुना के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई।
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हालांकि जलस्तर भले ही घट गया हो, लेकिन ग्रामीणों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। संक्रामक रोगों के चपेट में आने के साथ ही पशुओं के बीमार होने की जानकारी सामने आ रही है। पशुओं को चारे का संकट बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि संपर्क मार्ग टूट जाने से प्रशासन के स्तर से स्टीमर एवं नाव चलवाने की व्यवस्था एक-दो दिन बाद ही बंद कर दी गई है। इससे ग्रामीणों को इधर-उधर जाने में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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उधर, प्रशासन का दावा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की मदद के साथ ही राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। यमुना की स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल) के 25 जवानों की टीम बाढ़ के हालातों पर नजर रखे हुए है। यमुना में बाढ़ से प्रभावित गांव महाराजगढ़, शेरपुर, पखोदना, किशनगढ़, नगला अमर सिंह मे लगातार हालत बिगड़ रहे हैं। लोगों के मौसमी बीमारियों की चपेट में आने की खबर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपचार कर दवाएं वितरित की।


बीमार पशुओं को देखने के लिए पशुपालन विभाग की टीम जुटी हुई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा ने बताया कि यमुना का जलस्तर लगातार कम हो रहा है और पानी खतरे के निशान से काफी नीचे आ गया है। संभावना है कि अगले कुछ दिन में पानी सामान्य स्थिति में आ जाएगा। उन्होंने बताया कि गंगा में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और वह खतरे के निशान तक पहुंच गई है। ऐसी स्थिति को देखते हुए गंगा किनारे वाले गांवों के ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। स्टीमर एवं नाव की भी व्यवस्था कर दी गई है। प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है।

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