{"_id":"6ac9606487557d613e0f32b6","slug":"farmers-outraged-over-arbitrary-practices-in-paddy-procurement-gt-road-blocked-aligarh-news-c-2-gur1004-1086173-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: धान खरीद में मनमानी पर भड़के किसान, जीटी रोड जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: धान खरीद में मनमानी पर भड़के किसान, जीटी रोड जाम
Sat, 10 Oct 2026 03:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sat, 10 Oct 2026 03:15 AM IST
विज्ञापन
जीटी रोड पर जाम में फंसे वाहन।
- फोटो : samvad
आवक अधिक होने से धान बेचने के लिए किसानों को मंडियों में कई-कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है। धनीपुर और खैर मंडी में धान खरीद की अव्यवस्थाओं से नाराज किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मंडी प्रशासन को घेरकर विरोध जताया। धान से लदे वाहनों से बौनेर से एटा चुंगी जीटी रोड तक जाम लग गया।
शनिवार को मंडी खुलने से पहले ही शाम से किसानों का अपने वाहनों से धान लेकर मंडी पहुंचना शुरू हो गया। इससे बाैनरे से लेकर एटा चुंगी जीटी रोड तक कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस कर्मी देर रात तक यातायात व्यवस्था को सुचारू कराने में जुटे रहे। एसपी ट्रैफिक प्रवीण यादव ने बताया कि मंडी में अधिक धान पहुंचने से जाम जैसे हालात बन गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया जा रहा है।
किसान बोले-तीन दिन तक करना पड़ रहा इंतजार
उपनिदेशक मंडी, मंडी सचिव और तहसीलदार कोल के सामने किसान बुरी तरह भड़क गए। राष्ट्रीय सचिव डॉ. शैलेंद्रपाल सिंह ने आरोप लगाया कि धनीपुर और खैर मंडी में सप्ताह में केवल तीन दिन धान की खरीद हो रही है। इससे किसानों को उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उचित मूल्य नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि सोमवार रात धान लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन बृहस्पतिवार को उनकी उपज की बोली लगाई गई। किसान के मुताबिक, धान 3,800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिका, लेकिन 57 बोरे तौलने के बाद बाकी धान छोड़ दिया गया। व्यापारी शेष धान को 3,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की बात कह रहा था।
संगठन के तहसील अध्यक्ष देवराज सिंह ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करते हैं, लेकिन मंडियों में अव्यवस्थाओं के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने मांग की कि धान की नियमित खरीद, समय पर तौल और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था की जाए। तीन दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसानों के हित में आंदोलन किया जाएगा।
मंडी प्रशासन की ओर से किसानों को राहत देने के लिए जिले की सभी मंडियों को बुधवार को बंद रखने पर विचार किया गया। उपनिदेशक मंडी ने संगठन को आश्वासन दिया कि किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मंडी सचिव मुकेश त्रिपाठी ने बताया कि किसानों के लिए मंडी रात दो बजे से सुबह 11 बजे तक खुली रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि मंडी में धान लाने से पहले अपने व्यापारी से बात कर लें और क्षमता से अधिक धान लेकर न पहुंचें।
विज्ञापन
शनिवार को मंडी खुलने से पहले ही शाम से किसानों का अपने वाहनों से धान लेकर मंडी पहुंचना शुरू हो गया। इससे बाैनरे से लेकर एटा चुंगी जीटी रोड तक कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस कर्मी देर रात तक यातायात व्यवस्था को सुचारू कराने में जुटे रहे। एसपी ट्रैफिक प्रवीण यादव ने बताया कि मंडी में अधिक धान पहुंचने से जाम जैसे हालात बन गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया जा रहा है।
विज्ञापन
किसान बोले-तीन दिन तक करना पड़ रहा इंतजार
उपनिदेशक मंडी, मंडी सचिव और तहसीलदार कोल के सामने किसान बुरी तरह भड़क गए। राष्ट्रीय सचिव डॉ. शैलेंद्रपाल सिंह ने आरोप लगाया कि धनीपुर और खैर मंडी में सप्ताह में केवल तीन दिन धान की खरीद हो रही है। इससे किसानों को उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उचित मूल्य नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि सोमवार रात धान लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन बृहस्पतिवार को उनकी उपज की बोली लगाई गई। किसान के मुताबिक, धान 3,800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिका, लेकिन 57 बोरे तौलने के बाद बाकी धान छोड़ दिया गया। व्यापारी शेष धान को 3,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की बात कह रहा था।
संगठन के तहसील अध्यक्ष देवराज सिंह ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करते हैं, लेकिन मंडियों में अव्यवस्थाओं के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने मांग की कि धान की नियमित खरीद, समय पर तौल और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था की जाए। तीन दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसानों के हित में आंदोलन किया जाएगा।
मंडी प्रशासन की ओर से किसानों को राहत देने के लिए जिले की सभी मंडियों को बुधवार को बंद रखने पर विचार किया गया। उपनिदेशक मंडी ने संगठन को आश्वासन दिया कि किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मंडी सचिव मुकेश त्रिपाठी ने बताया कि किसानों के लिए मंडी रात दो बजे से सुबह 11 बजे तक खुली रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि मंडी में धान लाने से पहले अपने व्यापारी से बात कर लें और क्षमता से अधिक धान लेकर न पहुंचें।