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उत्पातियों की गिरफ्तारी की मांग पर बाबरी मंडी बंद
अमर उजाला,अलीगढ़
Updated Thu, 03 Nov 2016 01:48 AM IST
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Drone camera monitors.
- फोटो : amar Ujala
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महानगर के अतिसंवेदनशील बाबरी मंडी में सोमवार रात हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद बेशक माहौल सामान्य है। मगर इलाके में तनाव के चलते दहशत का माहौल बना हुआ है। बुधवार को बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए लोगों ने इलाके का पूरा बाजार बंद रखा। हालांकि पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की। मगर दुकानें नहीं खुलीं।
इधर, प्रशासनिक प्रतिबंध के बाद भी कुछ भाजपाई बाबरी मंडी गए और लोगों से मिले। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर वह लोग वापस लौट गए। इधर, इस बवाल के मामले में तीन और मुकदमे कोतवाली में दर्ज हुए हैं। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
सोमवार रात गोवर्धन पूजा के लिए दाऊजी मंदिर पर जाती महिलाओं से छींटाकशी को लेकर बवाल खड़ा हो गया था। यहां दो समुदायों में जमकर पथराव हुआ था। फायरिंग भी कर दी गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस पार्टी पर पथराव फायरिंग कर दी गई थी। पुलिस और उपद्रवियों के बीच करीब एक घंटे तक फायरिंग हुई थी। इससे लोग इतनी भयभीत हो गए कि अपने घरों से भी बाहर निकलने में डर रहे हैं। हालांकि इलाके में पुलिस के अलावा पीएसी, आरएएफ व आरआरएफ तैनात है। दो दिन बाद भी लोगों में दहशत दिखी।
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स्थानीय लोगों के साथ-साथ दुकानदार भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके चलते बुधवार को किसी भी दुकानदार ने दुकानें नहीं खोलीं और सीधे-सीधे बात कही कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। तब तक बाजार नहीं खुलेंगे। बाजार बंदी के कारण इलाके में तनाव कुछ ज्यादा ही दिखाई दिया।
इधर, इस मामले में समुदाय विशेष की ओर से एक मुकदमा अनवार हैदर ने और दर्ज कराया है, जिसमें 15 नामजद और 50 के करीब अज्ञात आरोपी हिंदू पक्ष के बनाए गए हैं। इन लोगों पर आतिशबाजी करने और विरोध पर मारपीट, पथराव करने जैसे आरोप हैं। इसके अलावा नितिन की ओर से लूट की दी गई तहरीर पर भी कोतवाली में दो नामजदों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
तीसरा मुकदमा हमले का जिला अस्पताल में भर्ती घायल अमित उर्फ रिंकू की ओर से दर्ज कर लिया गया है। इन मुकदमों की पुष्टि खुद इंस्पेक्टर कोतवाली जावेद खान ने की है। वहीं दोपहर में संजीव राजा और राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ आदि भाजपाई इलाके में जायजा ले गए।
चूंकि वहां किसी बाहरी के बिना अनुमति जाने पर प्रतिबंध है। इसके चलते एसओ सासनी गेट व सीओ प्रथम ने इन लोगों से बातचीत की और उन्हें वापस भेज दिया। हालांकि यह लोग कुछ देर ही रुके।
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इधर, प्रशासनिक प्रतिबंध के बाद भी कुछ भाजपाई बाबरी मंडी गए और लोगों से मिले। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर वह लोग वापस लौट गए। इधर, इस बवाल के मामले में तीन और मुकदमे कोतवाली में दर्ज हुए हैं। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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सोमवार रात गोवर्धन पूजा के लिए दाऊजी मंदिर पर जाती महिलाओं से छींटाकशी को लेकर बवाल खड़ा हो गया था। यहां दो समुदायों में जमकर पथराव हुआ था। फायरिंग भी कर दी गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस पार्टी पर पथराव फायरिंग कर दी गई थी। पुलिस और उपद्रवियों के बीच करीब एक घंटे तक फायरिंग हुई थी। इससे लोग इतनी भयभीत हो गए कि अपने घरों से भी बाहर निकलने में डर रहे हैं। हालांकि इलाके में पुलिस के अलावा पीएसी, आरएएफ व आरआरएफ तैनात है। दो दिन बाद भी लोगों में दहशत दिखी।
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स्थानीय लोगों के साथ-साथ दुकानदार भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके चलते बुधवार को किसी भी दुकानदार ने दुकानें नहीं खोलीं और सीधे-सीधे बात कही कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। तब तक बाजार नहीं खुलेंगे। बाजार बंदी के कारण इलाके में तनाव कुछ ज्यादा ही दिखाई दिया।
इधर, इस मामले में समुदाय विशेष की ओर से एक मुकदमा अनवार हैदर ने और दर्ज कराया है, जिसमें 15 नामजद और 50 के करीब अज्ञात आरोपी हिंदू पक्ष के बनाए गए हैं। इन लोगों पर आतिशबाजी करने और विरोध पर मारपीट, पथराव करने जैसे आरोप हैं। इसके अलावा नितिन की ओर से लूट की दी गई तहरीर पर भी कोतवाली में दो नामजदों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
तीसरा मुकदमा हमले का जिला अस्पताल में भर्ती घायल अमित उर्फ रिंकू की ओर से दर्ज कर लिया गया है। इन मुकदमों की पुष्टि खुद इंस्पेक्टर कोतवाली जावेद खान ने की है। वहीं दोपहर में संजीव राजा और राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ आदि भाजपाई इलाके में जायजा ले गए।
चूंकि वहां किसी बाहरी के बिना अनुमति जाने पर प्रतिबंध है। इसके चलते एसओ सासनी गेट व सीओ प्रथम ने इन लोगों से बातचीत की और उन्हें वापस भेज दिया। हालांकि यह लोग कुछ देर ही रुके।