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अलीगढ़ जेल से मोबाइल पर दी आगरा के व्यापारियों को धमकी

Mon, 25 Mar 2019 01:37 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: राजेश सिंह Updated Mon, 25 Mar 2019 01:37 AM IST
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Thousands of Agra traders threatened on mobile from Aligarh jail
mobile user - फोटो : Amar Ujala
आगरा शहर में वर्ष 2012 में सराफों को निशाना बनाकर उनको सिलसिलेवार गोली मारने वाले कुख्यात गैंगेस्टर विनय वर्मा उर्फ बिल्लू ने अलीगढ़ जेल से आगरा के व्यापारी को फोन पर धमकी दे डाली है। यह खुलासा होने पर कारागार प्रशासन हरकत में आ गया और जांच करते हुए कुख्यात गैंगेस्टर को मोबाइल मुहैया कराने वाले जेल के बंदी रक्षक को निलंबित कर उसे फिरोजाबाद जेल से संबद्ध कर दिया है।
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वहीं यहां जेल में निरुद्ध विनय उर्फ बिल्लू को अतिसंवेदनशील श्रेणी के बंदियों में शुमार कर उसे कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है। विनय की धमकी के संबंध में आगरा के हरि पर्वत में मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें आगरा पुलिस बंदी रक्षक सिपाही की भूमिका की भी जांच कर रही है। 
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जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि आगरा के थाना हरी पर्वत इलाके का रहने वाला विनय उर्फ बिल्लू शातिर अपराधी है। उस पर 2012 में कई सराफों को वहां गोली मारने का आरोप लगा था। उसे आगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस पर वहां के थाना हरी पर्वत में उस पर जानलेवा हमले और गैंगेस्टर के कई मामले दर्ज हैं। इनमें से ही एक मुकदमे में विनय को 10 साल की सजा भी हो चुकी है।
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कई साल पहले प्रशासनिक आधार पर विनय को आगरा से एटा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद  दिसंबर 2016 में एटा से अलीगढ़ में शिफ्ट किया गया है। तब से वह वह अलीगढ़ जेल में है। अलीगढ़ जेल में तैनात बंदी रक्षक सिपाही नरेंद्र भदौरिया की कभी आगरा जेल में पोस्टिंग थी।

उस समय विनय भी वहीं पर था। उस समय विनय और नरेंद्र की अच्छी पहचान हो गई। यहां पर भी जब विनय और नरेंद्र मिले तो विनय ने नरेंद्र से मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की पेशकश की। जिसके बाद गत 17 मार्च को नरेंद्र भदौरिया ने विनय को मोबाइल दे दिया और 18 मार्च को वापस ले लिया। 

इस अवधि में विनय ने आगरा के कुछ व्यापारियों को धमकी दी और धमकी में अपने मुकदमे वापसी के लिए सेटलमेंट के लिए कहा। भयभीत आगरा के व्यापारियों ने वहां पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद आगरा से एसटीएफ की टीम अलीगढ़ आई और कारागार प्रशासन के सहयोग से पूरे मामले की जांच की। जांच में सिपाही द्वारा मोबाइल उपलब्ध कराना और विनय द्वारा धमकी दिया जाना सही पाया गया।


जिसके बाद  सिपाही नरेंद्र भदौरिया को निलंबित करते हुए उसे फिरोजाबाद की जेल से संबद्ध कर दिया गया है। जबकि अपराधी विनय को अतिसंवेदनशील मानते हुए कड़ी निगरानी में रखा दिया है। उस पर 24 घंटे जेल स्टाफ शिफ्ट वाइज नजर रखे हुए है। जेल अधीक्षक के अनुसार इस संबंध में आगरा के हरि पर्वत में मुकदमा व्यापारी द्वारा दर्ज कराया गया है, उसमें सिपाही की भूमिका को शामिल किया जा रहा है।
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