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बिटिया के गांव में पूरे दिन पसरा रहा सन्नाटा
Wed, 14 Oct 2020 11:14 PM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Wed, 14 Oct 2020 11:14 PM IST
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बिटिया के गांव में तैनात पुलिस बल।
- फोटो : ब्यूूराे
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बिटिया के गांव में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर बिटिया के गांव तक बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। घर पर भी सुरक्षा चाक चौबंद रही। हालांकि कुछ लोग सांत्वना प्रकट करने के लिए बिटिया के घर पहुंचे।
दो सप्ताह से बिटिया का गांव छावनी में तब्दील है। आगरा रोड से बिटिया के गांव को जाने वाले रास्ते पर बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी तैनात है। यही स्थिति बुधवार को भी बनी रही। राजनेताओं व समाजसेवियों का आगमन काफी कम हो गया है। ऐसे में बुधवार को गांव में सन्नाटा छाया रहा।
वैसे भी सुबह ही बिटिया के पिता व दो भाइयों को सीबीआई ने पूछताछ के लिए अपने पास बुला लिया था। इस दौरान पूरे दिन गांव में सन्नाटा छाया रहा। कुछ लोग जरूर बिटिया के परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। आरोपियोें के घरों पर भी खामोशी पसरी रही। आसपास के इलाके में जरूर सामान्य दिनचर्या गति पकड़ रही है।
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जातीय तनाव बरकरार, खुफिया तंत्र सक्रिय
बिटिया के साथ हुई दरिंदगी व उसकी हत्या के बाद पुलिस की सख्ती के चलते अब सभाएं, पंचायतें तो नहीं हो रहीं, फिर भी इलाके में जातीय तनाव देखा जा सकता है। लोगों की टकटकी सीबीआई की जांच पर है। वहीं खुफिया तंत्र बेहद सतर्क है। खुफिया तंत्र ऐसे लोगों को चिह्नित कर रहा है, जिनकी वजह से शांति व्यवस्था में पलीता लग सकता है।
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दो सप्ताह से बिटिया का गांव छावनी में तब्दील है। आगरा रोड से बिटिया के गांव को जाने वाले रास्ते पर बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी तैनात है। यही स्थिति बुधवार को भी बनी रही। राजनेताओं व समाजसेवियों का आगमन काफी कम हो गया है। ऐसे में बुधवार को गांव में सन्नाटा छाया रहा।
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वैसे भी सुबह ही बिटिया के पिता व दो भाइयों को सीबीआई ने पूछताछ के लिए अपने पास बुला लिया था। इस दौरान पूरे दिन गांव में सन्नाटा छाया रहा। कुछ लोग जरूर बिटिया के परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। आरोपियोें के घरों पर भी खामोशी पसरी रही। आसपास के इलाके में जरूर सामान्य दिनचर्या गति पकड़ रही है।
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जातीय तनाव बरकरार, खुफिया तंत्र सक्रिय
बिटिया के साथ हुई दरिंदगी व उसकी हत्या के बाद पुलिस की सख्ती के चलते अब सभाएं, पंचायतें तो नहीं हो रहीं, फिर भी इलाके में जातीय तनाव देखा जा सकता है। लोगों की टकटकी सीबीआई की जांच पर है। वहीं खुफिया तंत्र बेहद सतर्क है। खुफिया तंत्र ऐसे लोगों को चिह्नित कर रहा है, जिनकी वजह से शांति व्यवस्था में पलीता लग सकता है।