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अब अलीगढ़ पर एनआईए की नजर, एजेंसियां सतर्क
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अमरोहा, मेरठ और संभल के बाद अब अलीगढ़ भी एनआईए के रडार पर आ गया है। संकेत हैं कि एनआईए की टीम कभी भी यहां सर्च के लिए आ सकती है।
इस इनपुट के मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। शहर के संवेदनशील, मिश्रित आबादी वाले इलाकों के अलावा जिले के मिश्रित आबादी वाले कस्बों पर भी नजर रखी जा रही है।
यह बात जगजाहिर है कि अलीगढ़ में समय-समय पर दहशतगर्द पनाह पाते रहे हैं। जब तब देश में बड़ी घटनाएं हुई हैं, तब तब यहां किसी न किसी रूप से पनाह पाने या मदद मिलने के संकेत मिले हैं।
इसी कड़ी में अब अलीगढ़ में कुछ सर्च के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अभी तक अधिकारिक जानकारी या पुष्टि नहीं हो पा रही है। वहीं इसे पीएम की संभावित रैली से पहले चौकसी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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अमरोहा, हापुड़ और मेरठ में एनआईए और यूपी एटीएस द्वारा पकड़े गए आतंकियों और उनसे बरामद भारी विस्फोटक सामग्री के बाद अलीगढ़ में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
अलीगढ़ में पिछले दिनों रहे मन्नान वानी और सिमी के पुराने कनेक्शन को देखते हुए खुफिया एजेंसियों का यहां पर स्वाभाविक रूप से फोकस हो गया है। होटलों, सार्वजनिक स्थानों, बाहर से आकर किराए पर रह रहे लोगों पर पुलिस खुफिया तरीके से नजर रख रही है।
हालांकि पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश खुफिया एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गया। मगर स्थानीय स्तर पर सघन नजर रखने के लिए कहा गया है। एजेंसियों के स्तर से सार्वजनिक स्थान, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्राइवेट बस स्टैंड आदि पर खुफिया तरीके से निगरानी की जा रही है। वहीं मिश्रित आबादी वाले इलाकों व कस्बों पर विशेष फोकस है। कबाड़घरों पर भी नजर रखी जा रही है।
इधर, एसएसपी अजय कुमार साहनी इतना ही कहते हैं कि अभी उन तक किसी एजेंसी के स्तर से मदद नहीं मांगी गई है। अगर मांगी जाएगी तो हर संभव मदद की जाएगी।
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अमरोहा, मेरठ और संभल के बाद अब अलीगढ़ भी एनआईए के रडार पर आ गया है। संकेत हैं कि एनआईए की टीम कभी भी यहां सर्च के लिए आ सकती है।
इस इनपुट के मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। शहर के संवेदनशील, मिश्रित आबादी वाले इलाकों के अलावा जिले के मिश्रित आबादी वाले कस्बों पर भी नजर रखी जा रही है।
यह बात जगजाहिर है कि अलीगढ़ में समय-समय पर दहशतगर्द पनाह पाते रहे हैं। जब तब देश में बड़ी घटनाएं हुई हैं, तब तब यहां किसी न किसी रूप से पनाह पाने या मदद मिलने के संकेत मिले हैं।
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इसी कड़ी में अब अलीगढ़ में कुछ सर्च के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अभी तक अधिकारिक जानकारी या पुष्टि नहीं हो पा रही है। वहीं इसे पीएम की संभावित रैली से पहले चौकसी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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अमरोहा, हापुड़ और मेरठ में एनआईए और यूपी एटीएस द्वारा पकड़े गए आतंकियों और उनसे बरामद भारी विस्फोटक सामग्री के बाद अलीगढ़ में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
अलीगढ़ में पिछले दिनों रहे मन्नान वानी और सिमी के पुराने कनेक्शन को देखते हुए खुफिया एजेंसियों का यहां पर स्वाभाविक रूप से फोकस हो गया है। होटलों, सार्वजनिक स्थानों, बाहर से आकर किराए पर रह रहे लोगों पर पुलिस खुफिया तरीके से नजर रख रही है।
हालांकि पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश खुफिया एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गया। मगर स्थानीय स्तर पर सघन नजर रखने के लिए कहा गया है। एजेंसियों के स्तर से सार्वजनिक स्थान, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्राइवेट बस स्टैंड आदि पर खुफिया तरीके से निगरानी की जा रही है। वहीं मिश्रित आबादी वाले इलाकों व कस्बों पर विशेष फोकस है। कबाड़घरों पर भी नजर रखी जा रही है।
इधर, एसएसपी अजय कुमार साहनी इतना ही कहते हैं कि अभी उन तक किसी एजेंसी के स्तर से मदद नहीं मांगी गई है। अगर मांगी जाएगी तो हर संभव मदद की जाएगी।