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हत्या के मामले में एक को आजीवन दूसरे को जीवनदान
Updated Sat, 10 Feb 2018 01:57 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के बन्ना देवी क्षेत्र के अशोक नगर में प्लाट में कूड़ा डालने के विवाद में दो नामजद समेत चार आरोपियों ने घर में घुसकर फायरिंग कर एक युवक की हत्या कर दी थी। उसके परिजन गंभीर रूप से घायल हुए थे। कोर्ट ने इस मामले में एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और दूसरे को बरी कर दिया है।
अभियोजन पक्ष क े अधिवक्ता एडीजीसी ठा. गोपाल सिंह राना के अनुसार 25 दिसंबर 2006 में रात को पीड़ित वीरेंद्र सिंह पुत्र कल्लू अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। तभी वहां आरोपी वीरेंद्र सिंह निवासी गांव कोंडरा थाना हरदुआगंज, शंकर पंडित उर्फ शंकर लाल अपने दो साथियों के साथ आए।
चारों ने मिलकर उसके पिता को आवाज दी तो पीड़ित ने दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही शंकर समेत अन्य आरोपी घर के अंदर घुस आए। आरोपी वीरेंद्र ने वादी के भाई अनोज को तथा शंकर ने उसके पिता कल्लू के ऊपर तमंचे से फायर कर दिया। गोली लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
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उपचार के दौरान अनोज ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर शव का पोस्टमार्टम कराया। विवेचना के दौरान पुलिस ने वारदात में वीरेंद्र की नामजदगी झूठी पाई और शंकर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। इधर, शंकर को कोर्ट ने जमानत दे दी और वह बाहर है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 12 के न्यायाधीश प्रमोद कुमार त्यागी ने शंकर पंडित को धारा उम्रकैद व 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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महानगर के बन्ना देवी क्षेत्र के अशोक नगर में प्लाट में कूड़ा डालने के विवाद में दो नामजद समेत चार आरोपियों ने घर में घुसकर फायरिंग कर एक युवक की हत्या कर दी थी। उसके परिजन गंभीर रूप से घायल हुए थे। कोर्ट ने इस मामले में एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और दूसरे को बरी कर दिया है।
अभियोजन पक्ष क े अधिवक्ता एडीजीसी ठा. गोपाल सिंह राना के अनुसार 25 दिसंबर 2006 में रात को पीड़ित वीरेंद्र सिंह पुत्र कल्लू अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। तभी वहां आरोपी वीरेंद्र सिंह निवासी गांव कोंडरा थाना हरदुआगंज, शंकर पंडित उर्फ शंकर लाल अपने दो साथियों के साथ आए।
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चारों ने मिलकर उसके पिता को आवाज दी तो पीड़ित ने दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही शंकर समेत अन्य आरोपी घर के अंदर घुस आए। आरोपी वीरेंद्र ने वादी के भाई अनोज को तथा शंकर ने उसके पिता कल्लू के ऊपर तमंचे से फायर कर दिया। गोली लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
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उपचार के दौरान अनोज ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर शव का पोस्टमार्टम कराया। विवेचना के दौरान पुलिस ने वारदात में वीरेंद्र की नामजदगी झूठी पाई और शंकर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। इधर, शंकर को कोर्ट ने जमानत दे दी और वह बाहर है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 12 के न्यायाधीश प्रमोद कुमार त्यागी ने शंकर पंडित को धारा उम्रकैद व 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।