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राशन कालाबाजारी करने वालों पर गैंगस्टर लगेगी
Updated Mon, 20 Aug 2018 01:36 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राशन की कालाबाजारी के मामले लगातार पकड़े जा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक कुल राशन का पांच से सात फीसदी कालाबाजारी में चला जाता है, जो गरीबों के हक का है। हाल ही में जिला प्रशासन ने जिले के दस बड़े राशन माफिया घोषित किए थे।
अब पुलिस प्रशासन इन पर सख्त कार्रवाई करने के मूड में आ गया है। एसएसपी अजय साहनी ने कहा है कि अब राशन की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस मुकदमा दर्ज होने के साथ गैंगेस्टर पर लगेगी। जिसमें जिला प्रशासन का सहयोग भी होगा। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने भी इसके लिए पूर्व में निर्देश दिया है।
एसएसपी ने बताया कि अभी तक राशन की कालाबाजारी पकड़े जाने वाले मामलों में विवेचना, जांच और अदालत की पैरवी में कई मामलों में बहुत समय लग जाता था अब ऐसा नहीं होगा।
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ऐसे मुकदमों को भी वरीयता के क्रम में रख कर उनकी पैरवी की जाएगी ताकि वह जल्द से जल्द निपट सके और आरोपियों को सज हो सके।
गौर हो कि राशन की कालाबाजारी के मामले में वर्तमान में कई वर्षों तक मुकदमों की सुनवाई के कारण राशन माफिया का हौसला बढ़ता रहा है। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर सात से दस साल तक की सजा का प्रावधान है।
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राशन की कालाबाजारी के मामले लगातार पकड़े जा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक कुल राशन का पांच से सात फीसदी कालाबाजारी में चला जाता है, जो गरीबों के हक का है। हाल ही में जिला प्रशासन ने जिले के दस बड़े राशन माफिया घोषित किए थे।
अब पुलिस प्रशासन इन पर सख्त कार्रवाई करने के मूड में आ गया है। एसएसपी अजय साहनी ने कहा है कि अब राशन की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस मुकदमा दर्ज होने के साथ गैंगेस्टर पर लगेगी। जिसमें जिला प्रशासन का सहयोग भी होगा। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने भी इसके लिए पूर्व में निर्देश दिया है।
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एसएसपी ने बताया कि अभी तक राशन की कालाबाजारी पकड़े जाने वाले मामलों में विवेचना, जांच और अदालत की पैरवी में कई मामलों में बहुत समय लग जाता था अब ऐसा नहीं होगा।
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ऐसे मुकदमों को भी वरीयता के क्रम में रख कर उनकी पैरवी की जाएगी ताकि वह जल्द से जल्द निपट सके और आरोपियों को सज हो सके।
गौर हो कि राशन की कालाबाजारी के मामले में वर्तमान में कई वर्षों तक मुकदमों की सुनवाई के कारण राशन माफिया का हौसला बढ़ता रहा है। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर सात से दस साल तक की सजा का प्रावधान है।