{"_id":"5b2ab9504f1c1b214d8b77f0","slug":"101529526608-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाजियाबाद में हत्या के बाद घर पहुंची लाश, मचा कोहराम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गाजियाबाद में हत्या के बाद घर पहुंची लाश, मचा कोहराम
Updated Thu, 21 Jun 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
हरदुआगंज क्षेत्र के तालानगरी रॉयल होम्स के युवक हर्ष की गाजियाबाद में हत्या के बाद बुधवार शाम उसका शव घर पहुंचने पर परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि परिजन हत्या के कारणों को लेकर अंजान बने हुए हैं।
मगर हरदुआगंज पुलिस रिकार्ड पर गौर करें तो युवक पिछले माह मई में तालानगरी की एक फैक्ट्री में हुई 30 लाख की चोरी के मुकदमे में जेल गया था और उससे एक लैपटॉप भी बरामद हुआ था। अभी उसका एक साथी फरार चल रहा है। इस तरह अचानक युवक की हत्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अंदेशा है कि कहीं उस चोरी में माल के बंटवारे के विवाद में यह हत्या तो नहीं हुई।
हर्ष के बड़े भाई ने बताया कि हर्ष की किन कारणों से हत्या की गई है, इसकी जानकारी अभी नहीं हो पा रही है। वहां पुलिस इसकी जांच पड़ताल में जुटी हुई है। वहीं हर्ष का शव तालानगरी स्थित रॉयल होम्स आने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर्ष के बड़े भाई ने बताया कि वह दो भाइयों व एक बहन के बीच सभी का लाडला था।
विज्ञापन
हर्ष का किसी से कोई विवाद नहीं था। इधर, इंस्पेक्टर हरदुआगंज डॉ. विनोद सिंह के अनुसार तालानगरी की फैक्ट्री में 5 मई की रात हुई चोरी में 16 मई को हर्ष को लैपटॉप सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अभी उसका एक साथी फरार चल रहा है। जिसकी तलाश की जा रही है।
ड्यूटी ज्वाइन करने से एक घंटे पहले हर्ष को मिली मौत
नौकरी की तलाश में अलीगढ़ से गाजियाबाद पहुंचे हर्ष (23) की ड्यूटी ज्वाइन करने से एक घंटे पहले ही हत्या कर दी गई। करीब 10 दिन से बहन और जीजा के पास प्रताप विहार ई-ब्लाक में रह रहे हर्ष को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के टोल ब्रिज पर नौकरी मिली थी और मंगलवार रात 12 बजे से उसे ज्वाइन करना था, लेकिन क्या पता था कि नौकरी से पहले उसे मौत मिल जाएगी। मृतक के पिता ने विजयनगर थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस की ओर से बताई जा रही पुरानी रंजिश की बात से भी इंकार किया है।
हरदुआगंज रॉयल होम्स ताला नगरी निवासी राकेश सिंह का बेटे हर्ष की मंगलवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे विजयनगर के सम्राट चौक के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली उसके दाहिने हाथ से होती हुई सीने में लगी थी। दिल में गोली लगने से उसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। हरदुआगंज स्थित पावर प्लांट में सर्वेयर पद पर कार्यरत पिता राकेश को बेटे की मौत की सूचना मिली तो देर रात वह गाजियाबाद पहुंचे।
राकेश सिंह ने बताया कि हर्ष बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई पूरी कर चुका था और नौकरी के लिए प्रताप विहार में जीजा मोनू राणा के पास आया हुआ था। उन्होंने बताया कि हर्ष को ईस्टन पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे स्थित टोल ब्रिज पर नौकरी मिल गई थी। मंगलवार रात 12 बजे उसे दादरी टोल ब्रिज पर ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। इससे पहले उन्हें बेटे की मौत की खबर मिल गई। राकेश सिंह ने हर्ष की किसी से पुरानी रंजिश की बात से इंकार किया है। उनका कहना है कि पुलिस हत्या को रंजिश से जोड़कर बता रही है, लेकिन असल में वारदात किसी झगड़े की वजह से हुई है।
मंगलवार रात ही अलीगढ़ से लौटा था
पिता राकेश सिंह ने बताया कि हर्ष को ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए शैक्षिक मूल प्रमाण पत्र लेने थे। इसके लिए वह मंगलवार शाम चार बजे अलीगढ़ पहुंचा था। पिता ने बताया कि प्रमाणपत्र देने के बाद उन्होंने बेटे को शाम छह बजे गाजियाबाद के लिए बस में बैठाया था। रात करीब साढ़े नौ बजे वह प्रताप विहार पहुंच गया था। इसके दो घंटे बाद ही गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
हरदुआगंज क्षेत्र के तालानगरी रॉयल होम्स के युवक हर्ष की गाजियाबाद में हत्या के बाद बुधवार शाम उसका शव घर पहुंचने पर परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि परिजन हत्या के कारणों को लेकर अंजान बने हुए हैं।
मगर हरदुआगंज पुलिस रिकार्ड पर गौर करें तो युवक पिछले माह मई में तालानगरी की एक फैक्ट्री में हुई 30 लाख की चोरी के मुकदमे में जेल गया था और उससे एक लैपटॉप भी बरामद हुआ था। अभी उसका एक साथी फरार चल रहा है। इस तरह अचानक युवक की हत्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अंदेशा है कि कहीं उस चोरी में माल के बंटवारे के विवाद में यह हत्या तो नहीं हुई।
विज्ञापन
हर्ष के बड़े भाई ने बताया कि हर्ष की किन कारणों से हत्या की गई है, इसकी जानकारी अभी नहीं हो पा रही है। वहां पुलिस इसकी जांच पड़ताल में जुटी हुई है। वहीं हर्ष का शव तालानगरी स्थित रॉयल होम्स आने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर्ष के बड़े भाई ने बताया कि वह दो भाइयों व एक बहन के बीच सभी का लाडला था।
विज्ञापन
हर्ष का किसी से कोई विवाद नहीं था। इधर, इंस्पेक्टर हरदुआगंज डॉ. विनोद सिंह के अनुसार तालानगरी की फैक्ट्री में 5 मई की रात हुई चोरी में 16 मई को हर्ष को लैपटॉप सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अभी उसका एक साथी फरार चल रहा है। जिसकी तलाश की जा रही है।
ड्यूटी ज्वाइन करने से एक घंटे पहले हर्ष को मिली मौत
नौकरी की तलाश में अलीगढ़ से गाजियाबाद पहुंचे हर्ष (23) की ड्यूटी ज्वाइन करने से एक घंटे पहले ही हत्या कर दी गई। करीब 10 दिन से बहन और जीजा के पास प्रताप विहार ई-ब्लाक में रह रहे हर्ष को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के टोल ब्रिज पर नौकरी मिली थी और मंगलवार रात 12 बजे से उसे ज्वाइन करना था, लेकिन क्या पता था कि नौकरी से पहले उसे मौत मिल जाएगी। मृतक के पिता ने विजयनगर थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस की ओर से बताई जा रही पुरानी रंजिश की बात से भी इंकार किया है।
हरदुआगंज रॉयल होम्स ताला नगरी निवासी राकेश सिंह का बेटे हर्ष की मंगलवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे विजयनगर के सम्राट चौक के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली उसके दाहिने हाथ से होती हुई सीने में लगी थी। दिल में गोली लगने से उसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। हरदुआगंज स्थित पावर प्लांट में सर्वेयर पद पर कार्यरत पिता राकेश को बेटे की मौत की सूचना मिली तो देर रात वह गाजियाबाद पहुंचे।
राकेश सिंह ने बताया कि हर्ष बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई पूरी कर चुका था और नौकरी के लिए प्रताप विहार में जीजा मोनू राणा के पास आया हुआ था। उन्होंने बताया कि हर्ष को ईस्टन पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे स्थित टोल ब्रिज पर नौकरी मिल गई थी। मंगलवार रात 12 बजे उसे दादरी टोल ब्रिज पर ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। इससे पहले उन्हें बेटे की मौत की खबर मिल गई। राकेश सिंह ने हर्ष की किसी से पुरानी रंजिश की बात से इंकार किया है। उनका कहना है कि पुलिस हत्या को रंजिश से जोड़कर बता रही है, लेकिन असल में वारदात किसी झगड़े की वजह से हुई है।
मंगलवार रात ही अलीगढ़ से लौटा था
पिता राकेश सिंह ने बताया कि हर्ष को ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए शैक्षिक मूल प्रमाण पत्र लेने थे। इसके लिए वह मंगलवार शाम चार बजे अलीगढ़ पहुंचा था। पिता ने बताया कि प्रमाणपत्र देने के बाद उन्होंने बेटे को शाम छह बजे गाजियाबाद के लिए बस में बैठाया था। रात करीब साढ़े नौ बजे वह प्रताप विहार पहुंच गया था। इसके दो घंटे बाद ही गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।