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शाह जमाल के निजी नर्सिंग होम में चल रहा था कोरोना संक्रमितों का इलाज
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देहली गेट क्षेत्र के नीवरी में मिले कोरोना पॉजिटिव को लेकर जाती टीम।
- फोटो : CITY OFFICE
शहर के कोतवाली और देहली गेट इलाके में कोरोना वायरस संक्रमित दो मामले मिलने के बाद खलबली मची है। आशंका जताई जा रही है कि अभी और संक्रमित मामले सामने आ सकते हैं।
जानकारी मिली है कि इन मरीजों का क्षेत्र के ही एक निजी नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था, जिसके बाद इस अस्पताल के स्टॉफ व वहां पर आने वाले मरीज व उनके तीमारदार भी संदेह के घेरे में आ गए हैं।
मामले में निजी हॉस्पिटल की लापरवाही को लेकर जनहित मानव अधिकार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद पांडे की ओर से लिखे पत्र में प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज की बात कही गई है। विनोद के अनुसार, इस निजी नर्सिंग होम में जेएन मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करने के लिए आते हैं। उन्हीं की देखरेख में मरीज का इलाज चल रहा था। सोमवार को वही डॉक्टर इन मरीजों को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंच गए और सामान्य वार्ड में रखने की कवायद होने लगी, लेकिन वहां जगह न होने पर आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहां पर जांच में इनको पॉजिटिव पाया गया।
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विनोद का कहना है कि इस तरह संक्रमण के फैलने का खतरा जेएन मेडिकल कॉलेज में भी हो गया। एक डॉक्टर जो कि महामारी की गंभीरता को अच्छी तरह समझते हैं, उनके स्तर से भी लापरवाही बरती गई। उन्होंने कहा कि संबंधित डॉक्टर से जवाब तलब होना चाहिए। साथ ही जिस नर्सिंग होम में कोरोना संक्रमण के मरीज भर्ती थे वह सील होना चाहिए। वहां की केस हिस्ट्री निकाल कर उनके संबंध में भी पूरी जांच की जानी चाहिए।
सीएमओ बीपी कल्याणी ने कहा कि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ कार्र्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा इस हॉस्पिटल में पिछले 10- 15 दिनों में जो भी मरीज भर्ती थे, जो भी उनके तीमारदार थे और जो भी लोग वहां आए गए थे उन सभी की हिस्ट्री निकाली जा रही है। संबंधित डॉक्टर के खिलाफ भी कार्यवाही करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है और यहां पर सामूहिक रूप से सैंपल का काम शुरू किया जाएगा । एक एक आदमी का सैंपल लिया जाएगा । संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की हिस्ट्री को दर्ज किया जाएगा। इस प्रकार यहां से शुरू हुए संक्रमण को पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया जाएगा।
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जानकारी मिली है कि इन मरीजों का क्षेत्र के ही एक निजी नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था, जिसके बाद इस अस्पताल के स्टॉफ व वहां पर आने वाले मरीज व उनके तीमारदार भी संदेह के घेरे में आ गए हैं।
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मामले में निजी हॉस्पिटल की लापरवाही को लेकर जनहित मानव अधिकार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद पांडे की ओर से लिखे पत्र में प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज की बात कही गई है। विनोद के अनुसार, इस निजी नर्सिंग होम में जेएन मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करने के लिए आते हैं। उन्हीं की देखरेख में मरीज का इलाज चल रहा था। सोमवार को वही डॉक्टर इन मरीजों को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंच गए और सामान्य वार्ड में रखने की कवायद होने लगी, लेकिन वहां जगह न होने पर आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहां पर जांच में इनको पॉजिटिव पाया गया।
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विनोद का कहना है कि इस तरह संक्रमण के फैलने का खतरा जेएन मेडिकल कॉलेज में भी हो गया। एक डॉक्टर जो कि महामारी की गंभीरता को अच्छी तरह समझते हैं, उनके स्तर से भी लापरवाही बरती गई। उन्होंने कहा कि संबंधित डॉक्टर से जवाब तलब होना चाहिए। साथ ही जिस नर्सिंग होम में कोरोना संक्रमण के मरीज भर्ती थे वह सील होना चाहिए। वहां की केस हिस्ट्री निकाल कर उनके संबंध में भी पूरी जांच की जानी चाहिए।
सीएमओ बीपी कल्याणी ने कहा कि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ कार्र्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा इस हॉस्पिटल में पिछले 10- 15 दिनों में जो भी मरीज भर्ती थे, जो भी उनके तीमारदार थे और जो भी लोग वहां आए गए थे उन सभी की हिस्ट्री निकाली जा रही है। संबंधित डॉक्टर के खिलाफ भी कार्यवाही करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है और यहां पर सामूहिक रूप से सैंपल का काम शुरू किया जाएगा । एक एक आदमी का सैंपल लिया जाएगा । संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की हिस्ट्री को दर्ज किया जाएगा। इस प्रकार यहां से शुरू हुए संक्रमण को पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया जाएगा।