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सीबीएसई स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री पर रोक
अमर उजाला ब्यूरो/कौशल कुमार ओझा
Updated Tue, 09 Feb 2016 01:48 AM IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबंधित स्कूलों के अंदर और इसके बाहर दो सौ मीटर की परिधि में चिप्स, समोसा, चॉकलेट्स, पीज्जा एवं बर्गर समेत अन्य जंक फूड की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस बारे में बोर्ड ने स्कूल प्रशासन को आदेश जारी कर इसका सौ प्रतिशत पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने देश के स्कूलों और इसके आसपास एक सर्वे कराया था। यह सर्वे ‘ फूड्स हाई इन फैट, साल्ट एवं शुगर (एचएफएसएस) एंड प्रमोशन ऑफ हेल्दी स्नैक्स इन स्कूल्स ऑफ इंडिया’ के तहत कराया गया था। इसकी रिपोर्ट आने के बाद सीबीएसई सचिव ने स्कूलों के अंदर और इसके दो सौ मीटर की परिधि में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगा दी है।
इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन को दी गई है। खाद्य पदार्थों में एचएफएसएस की अधिकता भविष्य में टाइप टू डायबिटीज, हाइपरटेंशन, डाइस्लिपिडेमिया, क्रोनिक इन्फ्लामेशन एवं हाइपर इंसुलिनेमिया जैसी गंभीर बीमारियों का सबब बन सकती है। यह बच्चों के शारीरिक-मानसिक विकास भी रोड़ा हटका सकती हैं।
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सीबीएसई जंक फूड को लेकर बेहद गंभीर है। स्कूल से दो सौ मीटर की परिधि में जंक फूड की बिक्री न हो, यह सुनिश्चित करना है। हमलोग स्वयं प्रयास करेंगे और प्रशासन से भी सहयोग की अपील करेंगे। स्कूल के आसपास आने वाले ठेल- ढकेल वालों को भी रोका जाएगा। बच्चों एवं अभिभावकों को समझाएंगे कि जंक फूड्स का सेवन न करें।
- श्याम कुंतैल, प्रधानाचार्य ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल।
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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने देश के स्कूलों और इसके आसपास एक सर्वे कराया था। यह सर्वे ‘ फूड्स हाई इन फैट, साल्ट एवं शुगर (एचएफएसएस) एंड प्रमोशन ऑफ हेल्दी स्नैक्स इन स्कूल्स ऑफ इंडिया’ के तहत कराया गया था। इसकी रिपोर्ट आने के बाद सीबीएसई सचिव ने स्कूलों के अंदर और इसके दो सौ मीटर की परिधि में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगा दी है।
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इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन को दी गई है। खाद्य पदार्थों में एचएफएसएस की अधिकता भविष्य में टाइप टू डायबिटीज, हाइपरटेंशन, डाइस्लिपिडेमिया, क्रोनिक इन्फ्लामेशन एवं हाइपर इंसुलिनेमिया जैसी गंभीर बीमारियों का सबब बन सकती है। यह बच्चों के शारीरिक-मानसिक विकास भी रोड़ा हटका सकती हैं।
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सीबीएसई जंक फूड को लेकर बेहद गंभीर है। स्कूल से दो सौ मीटर की परिधि में जंक फूड की बिक्री न हो, यह सुनिश्चित करना है। हमलोग स्वयं प्रयास करेंगे और प्रशासन से भी सहयोग की अपील करेंगे। स्कूल के आसपास आने वाले ठेल- ढकेल वालों को भी रोका जाएगा। बच्चों एवं अभिभावकों को समझाएंगे कि जंक फूड्स का सेवन न करें।
- श्याम कुंतैल, प्रधानाचार्य ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल।