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बिल्डरों की मनमानी, फायर ब्रिगेड ने डाला ‘पानी’
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Sun, 23 Apr 2017 02:33 AM IST
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अभिषेक शर्मा
सरकार बदलने के बाद से अब बिल्डरों की मनमानी पर शिकंजा कसता जा रहा है। अग्निशमन विभाग ने बड़ी इमारतों के निर्माण में सेटबेक नहीं छोड़ने और दो की जगह एक जीना बनाने के प्रकरण में अदालत की मदद से बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
सीजेएम की अदालत में पहला वाद नंबर 2670/2017 सरकार बनाम भूपेंद्र सिंह अधिभोगी स्वामी मैसर्स वैष्णो बांकनेर अपार्टमेंट जनकपुरी थाना क्वार्सी के नाम से दर्ज हुआ है।
इस मामले में अग्निशमन अधिकारियों ने लगातार बिल्डर को नोटिस देते हुए नियमानुसार ही निर्माण कार्य पूरा करने को कहा था, लेकिन इसके बाद भी उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
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अक्तूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अग्निशमन की ओर से दिए सात नोटिस में से एक भी जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया है। दूसरे प्रकरण में वाद नंबर 2671/2017 सरकार बनाम देवेश कुमार गोयल स्वामी उन्नति कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड सेंट्रल पार्क रामसुधा अर्पाटमेंट, स्वर्ण जयंती नगर को भी इसी तरह से 7 नोटिस दिए गए हैं।
जिसमें कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस प्रकरण में भी 6 मार्च 2017 को अग्निशमन अधिकारी संजय कुमार जायसवाल की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
किसी भी बड़े भवन या इमारत में अग्निकांड से बचने के लिए (सेटबेक) पूरा रास्ता छोड़ना होता है, ताकि किसी भी अनहोनी में अग्निशमन का वाहन अंदर जाकर चारों ओर से बिल्डिंग में रहने वालों की जानमाल बचा सके। अगर सेटबेक नहीं छोड़ा गया है तो फिर अग्निशमन की एनओसी नहीं मिलती है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ही इसकी ताकीद कर दी जाती है। इसके अलावा बड़े भवनों में दो जीने बनाए जाते हैं। इन दोनों बिल्डरों को भी एनओसी में यह शर्त दी गई थीं। मगर दोनों इमारतों में सेटबेक और जीने का मानक पूरा नहीं है इसलिए नोटिस भेजे गए हैं। अब आगे की कार्रवाई हो रही है।
- विवेक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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सरकार बदलने के बाद से अब बिल्डरों की मनमानी पर शिकंजा कसता जा रहा है। अग्निशमन विभाग ने बड़ी इमारतों के निर्माण में सेटबेक नहीं छोड़ने और दो की जगह एक जीना बनाने के प्रकरण में अदालत की मदद से बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
सीजेएम की अदालत में पहला वाद नंबर 2670/2017 सरकार बनाम भूपेंद्र सिंह अधिभोगी स्वामी मैसर्स वैष्णो बांकनेर अपार्टमेंट जनकपुरी थाना क्वार्सी के नाम से दर्ज हुआ है।
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इस मामले में अग्निशमन अधिकारियों ने लगातार बिल्डर को नोटिस देते हुए नियमानुसार ही निर्माण कार्य पूरा करने को कहा था, लेकिन इसके बाद भी उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
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अक्तूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अग्निशमन की ओर से दिए सात नोटिस में से एक भी जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया है। दूसरे प्रकरण में वाद नंबर 2671/2017 सरकार बनाम देवेश कुमार गोयल स्वामी उन्नति कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड सेंट्रल पार्क रामसुधा अर्पाटमेंट, स्वर्ण जयंती नगर को भी इसी तरह से 7 नोटिस दिए गए हैं।
जिसमें कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस प्रकरण में भी 6 मार्च 2017 को अग्निशमन अधिकारी संजय कुमार जायसवाल की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
किसी भी बड़े भवन या इमारत में अग्निकांड से बचने के लिए (सेटबेक) पूरा रास्ता छोड़ना होता है, ताकि किसी भी अनहोनी में अग्निशमन का वाहन अंदर जाकर चारों ओर से बिल्डिंग में रहने वालों की जानमाल बचा सके। अगर सेटबेक नहीं छोड़ा गया है तो फिर अग्निशमन की एनओसी नहीं मिलती है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ही इसकी ताकीद कर दी जाती है। इसके अलावा बड़े भवनों में दो जीने बनाए जाते हैं। इन दोनों बिल्डरों को भी एनओसी में यह शर्त दी गई थीं। मगर दोनों इमारतों में सेटबेक और जीने का मानक पूरा नहीं है इसलिए नोटिस भेजे गए हैं। अब आगे की कार्रवाई हो रही है।
- विवेक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी