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खेरेश्वर मंदिर समिति पर गलत पट्टा आवंटन का आरोप, शासन से रिपोर्ट तलब
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श्री खेरेश्वर धाम संचालन समिति पर नियमों की अनदेखी करने और अध्यक्ष व महामंत्री द्वारा अपनी-अपनी पत्नियों को पट्टे आवंटित कर देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि समिति ने राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में जमीन अधिग्रहण का गलत तरीके से मुआवजा भी ले लिया। इस पर शासन स्तर पर हुई शिकायत के बाद मंदिर में रिसीवर नियुक्त करने के साथ ही फर्जी तरीके से लिए गए जमीन के मुआवजे और पट्टों को वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, समिति ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
अलीगढ़- दिल्ली हाईवे पर लोधा चौराहे के पास बना श्री खेरेश्वर धाम मंदिर जिले प्रमुख मंदिरों में से एक है। करीब एक माह पहले शासन स्तर पर मंदिर समिति के खिलाफ अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। आरोप है कि खेरेश्वर धाम मंदिर समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह एवं महामंत्री ऋषिओम शर्मा ने मंदिर की जमीन का अपनी-अपनी पत्नियों के नाम 100-100 वर्ग गज का पट्टा करा दिया गया, जबकि यह नियमों के खिलाफ है। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग में अधिग्रहित की गई श्रेणी- 6 (2) की जमीन का समिति के अध्यक्ष ने 23.91 लाख रुपये का मुआवजा भी ले लिया। आरोप है कि समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष सावन के महीने में विभिन्न नामों से रसीद छपवाकर अवैध रूप से चंदा की उगाही की जाती है। शासन ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में प्रशासन स्तर से इसकी जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ियां पाई गई थीं।
अब शासन स्तर से विशेष सचिव एसपी उपाध्याय ने फिर से डीएम इंद्र विक्रम को पत्र भेजा है, जिसमें अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही, मंदिर में रिसीवर नियुक्त करने के साथ ही फर्जी तरीके से लिए गए जमीन के मुआवजे और पट्टों को वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने इस पत्र की पुष्टि की है। कहा कि कार्रवाई करते हुए शासन को जल्द रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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उधर, मंदिर समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि समिति द्वारा कोई भी गलत काम नहीं किया गया है। मंदिर की जमीन के पट्टे की बात पूरी तरह से गलत है। मंदिर समिति को जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा भी कोर्ट के आदेश पर दिया गया है।
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अलीगढ़- दिल्ली हाईवे पर लोधा चौराहे के पास बना श्री खेरेश्वर धाम मंदिर जिले प्रमुख मंदिरों में से एक है। करीब एक माह पहले शासन स्तर पर मंदिर समिति के खिलाफ अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। आरोप है कि खेरेश्वर धाम मंदिर समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह एवं महामंत्री ऋषिओम शर्मा ने मंदिर की जमीन का अपनी-अपनी पत्नियों के नाम 100-100 वर्ग गज का पट्टा करा दिया गया, जबकि यह नियमों के खिलाफ है। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग में अधिग्रहित की गई श्रेणी- 6 (2) की जमीन का समिति के अध्यक्ष ने 23.91 लाख रुपये का मुआवजा भी ले लिया। आरोप है कि समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष सावन के महीने में विभिन्न नामों से रसीद छपवाकर अवैध रूप से चंदा की उगाही की जाती है। शासन ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में प्रशासन स्तर से इसकी जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ियां पाई गई थीं।
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अब शासन स्तर से विशेष सचिव एसपी उपाध्याय ने फिर से डीएम इंद्र विक्रम को पत्र भेजा है, जिसमें अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही, मंदिर में रिसीवर नियुक्त करने के साथ ही फर्जी तरीके से लिए गए जमीन के मुआवजे और पट्टों को वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने इस पत्र की पुष्टि की है। कहा कि कार्रवाई करते हुए शासन को जल्द रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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उधर, मंदिर समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि समिति द्वारा कोई भी गलत काम नहीं किया गया है। मंदिर की जमीन के पट्टे की बात पूरी तरह से गलत है। मंदिर समिति को जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा भी कोर्ट के आदेश पर दिया गया है।