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690 पंचायतों में सचिवालय बनाने के लिए भवन ही नहीं
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आगरा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सचिवालय बनेगा, लेकिन सचिवालय बनाने के लिए भवन नहीं हैं। 690 ग्राम पंचायतों में कोई भी ऐसी नहीं जो सचिवालय के मानकों पर खरी उतरे। सभी बड़ी बाधा आठ कक्ष का मानक है। आठ कक्ष का कोई भवन 15 ब्लॉक की 690 ग्राम पंचायतों में उपलब्ध नहीं है।
पंचायत घरों को सचिवालय में तब्दील करने की कवायद विकास भवन में शुरू हो गई है। पहले चरण में 100 सचिवालय बनाए जाएंगे। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या सचिवालय के लिए भवन नहीं मिलने से खड़ी हो गई है। हर पंचायत घर की पैमाइश कराई जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने बताया कि कोई भी भवन ऐसा नहीं है जो सचिवालय के लिए उपयुक्त हो। सचिवालय में आठ कक्ष होने चाहिए। जिनमें एक कंप्यूटर कक्ष, एक सभाकक्ष, सचिव, प्रशासन व राजस्वकर्मियों के लिए अलग-अलग कक्षों की जरूरत है। सीडीओ ने बताया कि चार या पांच कक्ष वाले पंचायत घरों का विस्तार कराया जाएगा। अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कर सचिवालय बनाए जाएंगे।
एक छत के नीचे मिलेंगी सभी विभागों की सुविधाएं
आय, जाति, निवास प्रमाणपत्रों के अलावा खसरा-खतौनी, भूलेख व राशन कार्ड आदि के लिए अब ग्रामीणों को तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। तहसील की सभी राजस्व सेवाएं उन्हें सचिवालय में मिलेंगी। एक छत के नीचे राजस्व के अलावा पेंशन, पुष्टाहार, स्वास्थ्य, श्रम योजनाएं उपलब्ध होंगी। सचिवालय में पंचायत सचिव के अलावा प्रधान, लेखपाल, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता बैठेंगी। सबसे बड़ी बात प्रत्येक सचिवालय में जनसेवा केंद्र होगा। जहां सभी प्रकार की ऑनलाइन सुविधाएं ग्रामीणों को मुफ्त मिलेंगी।
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बड़े भवन हो रहे चिह्नित
आगामी छह महीने में आगरा का पहला ग्राम सचिवालय शुरू हो सकता है। सीडीओ ए मनिकन्डन ने बताया कि 690 पंचायत हैं। पहले चरण में 100 ऐसी पंचायत छांटी गई हैं जिनमें पंचायत घर बड़े हैं। बड़े भवनों में ग्राम निधि से कक्षों का निर्माण कराया जाएगा। भवनों में बदलाव के बाद दूसरे चरण में जिले में करीब 300 सचिवालय शुरू हो सकते हैं। तीसरी चरण में 690 पंचायतों में सचिवालय तैयार हो जाएंगे।
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पंचायत घरों को सचिवालय में तब्दील करने की कवायद विकास भवन में शुरू हो गई है। पहले चरण में 100 सचिवालय बनाए जाएंगे। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या सचिवालय के लिए भवन नहीं मिलने से खड़ी हो गई है। हर पंचायत घर की पैमाइश कराई जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने बताया कि कोई भी भवन ऐसा नहीं है जो सचिवालय के लिए उपयुक्त हो। सचिवालय में आठ कक्ष होने चाहिए। जिनमें एक कंप्यूटर कक्ष, एक सभाकक्ष, सचिव, प्रशासन व राजस्वकर्मियों के लिए अलग-अलग कक्षों की जरूरत है। सीडीओ ने बताया कि चार या पांच कक्ष वाले पंचायत घरों का विस्तार कराया जाएगा। अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कर सचिवालय बनाए जाएंगे।
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एक छत के नीचे मिलेंगी सभी विभागों की सुविधाएं
आय, जाति, निवास प्रमाणपत्रों के अलावा खसरा-खतौनी, भूलेख व राशन कार्ड आदि के लिए अब ग्रामीणों को तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। तहसील की सभी राजस्व सेवाएं उन्हें सचिवालय में मिलेंगी। एक छत के नीचे राजस्व के अलावा पेंशन, पुष्टाहार, स्वास्थ्य, श्रम योजनाएं उपलब्ध होंगी। सचिवालय में पंचायत सचिव के अलावा प्रधान, लेखपाल, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता बैठेंगी। सबसे बड़ी बात प्रत्येक सचिवालय में जनसेवा केंद्र होगा। जहां सभी प्रकार की ऑनलाइन सुविधाएं ग्रामीणों को मुफ्त मिलेंगी।
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बड़े भवन हो रहे चिह्नित
आगामी छह महीने में आगरा का पहला ग्राम सचिवालय शुरू हो सकता है। सीडीओ ए मनिकन्डन ने बताया कि 690 पंचायत हैं। पहले चरण में 100 ऐसी पंचायत छांटी गई हैं जिनमें पंचायत घर बड़े हैं। बड़े भवनों में ग्राम निधि से कक्षों का निर्माण कराया जाएगा। भवनों में बदलाव के बाद दूसरे चरण में जिले में करीब 300 सचिवालय शुरू हो सकते हैं। तीसरी चरण में 690 पंचायतों में सचिवालय तैयार हो जाएंगे।