स्कूल में छात्राओं से अश्लील हरकतें: पुलिस की सुस्ती से समझौते का दबाव बना रहा आरोपी शिक्षक, दहशत में पीड़ित
आगरा में स्कूल में छात्राओं से अश्लील हरकतें करने के मामले में पुलिस की सुस्ती से शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोपी पीड़ित परिवारों पर समझौते का दबाव बना रहा है।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में कंपोजिट विद्यालय में छात्राओं से अश्लील हरकतें करने के आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार आक्रोशित है। पुलिस की सुस्त कार्रवाई से आरोपी अभी तक सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा है। वह क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों के माध्यम से पीड़ित परिवारों पर समझौते का दबाव बना रहा है। इससे छात्राएं दहशत में हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब तक शिक्षक की गिरफ्तारी नहीं हो जाएगी, हम अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया था
मामला शमसाबाद थाना क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय लहरा का है। यहां शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ अश्लील हरकत का यह मामला 12 मई को उस समय खुला जब कुछ पीड़ित छात्राओं के अभिभावक स्कूल शिकायत लेकर पहुंचे। गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल में ताला जड़ दिया था। तब स्थानीय पुलिस शिक्षक को पकड़कर थाने ले गई थी। पूछताछ के बाद आरोपी शिक्षक को छोड़ दिया गया।
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आरोपी शिक्षक समझौते का बना रहा दबाव
इसके बाद पीड़ित छात्राएं चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस के माध्यम से आगरा आईं। यहां उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त के सामने सारा प्रकरण बताया। छात्राओं के कोर्ट में बयान भी हो चुके हैं, लेकिन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़ित छात्रा के परिजन ने बताया कि आरोपी शिक्षक अपने मिलने वालों के माध्यम से समझौते का दबाव बना रहा है।यह भी पढ़ेंः- सुबह उठकर सीधे थाने पहुंची सास: बोली-साहब! मेरे पैर नहीं छूती बीटेक पास बहू, बात सुनकर पुलिस
16 जून से फिर खुल जाएंगे विद्यालय
वहीं एक अन्य पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व उनको, समाज के विधायक के यहां बुलाकर समझौते की बात कही गई। इससे उन्होंने साफ इनकार कर दिया। ग्रामीणों को इस बात का भी डर सता रहा है कि अभी 16 जून से विद्यालय फिर खुल जाएंगे। ऐसे में बच्चियों को स्कूल भेजने से उनके साथ अनहोनी की आशंका भी परिजनों को सता रही है। उनका कहना है कि जब तक आरोपी शिक्षक सलाखों के पीछे नहीं जाता वह अपनी बच्चियों को स्कूल नहीं भेजेंगे।यह भी पढ़ेंः- UP: पहले बोले अपने हाथ से खाना खिलाओ...फिर कोठरी में खींचा और लगा ली कुंडी, चचेरे भाई और
रखे जाएं शिकायती पेटी
चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस ने जिले के शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख स्कूलों में शिकायत बॉक्स रखने की मांग की है। इसके लिए मॉनीटरिंग कमेटी बनाई जाए, जिसमें महाविद्यालय के प्रवक्ता, शिक्षक प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, महिला पुलिस अधिकारी तथा बाल अधिकार कार्यकर्ता रखे जाएं। कमेटी की मौजूदगी में शिकायत पेटी खोलकर समस्याओं का निस्तारण किया जाए। साथ ही विद्यार्थियों को यह आश्वस्त किया जाए कि उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा तभी इस प्रकार के मामलों में कमी आएगी।यह भी पढ़ेंः- संबंध नहीं बनाने की इच्छा भी है बीमारी: घबराएं नहीं, इलाज संभव है, पढ़ें विशेषज्ञों की सलाह, कारण