यमुना में भैंसों के नहलाने की ये कैसी जिद: निगम कर्मियों की रेकी में जुटे पशुपालक, फिर भी पकड़ीं गईं 17 भैंस
यमुना में गंदगी फैलाने और भैंसों के नहलाने पर रोक है, इसके बाद भी पशुपालक अलग ही जिद पर अड़े हुए हैं। हद तो तब हो गई जब भैंसों को यमुना में नहालाने के लिए पशुपालकों ने निगम कर्मियों की टीम की रेकी शुरू कर दी।
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यमुना में भेंसों को नहलाने वालों में नगर निगम की कार्रवाई से अफरा-तफरी मच गई है। रविवार को टीम भैंस पकड़ने जाती, उससे पहले ही पशु पालक नगर निगम के बाहर खड़े होकर वीडियो कॉलिंग से रेकी करने लगे। टीम की पल-पल की जानकारी वीडियो कॉलिंग से यमुना पर बैठे पशुपालकों को देते रहे। रेकी करने आए लोगों को निगम कर्मियों ने खदेड़ा। फिर नदी पर जाकर 17 भैंस और पकड़ीं।
यमुना में है रोक
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यमुना में भैंसों को नहलाने, कूड़ा डालने व नालों से गंदगी बहाने पर रोक है। 7 जून को अनुश्रवण समिति बैठक में मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने जुर्माना वसूलने के आदेश दिए। नगर निगम टीम ने शनिवार से अभियान शुरू किया। पहले दिन भैंस पकड़ने के दौरान पशु पालकों ने निगम कर्मियों से मारपीट व पथराव किया। दो भैंसे छुड़ा ले गए।
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निगम के बाहर खड़े हो गए पशुपालक
रविवार को दूसरे दिन सुबह सात बजे से फिर टीम कार्रवाई के लिए निकलती। उससे पहले ही कुछ पशुपालक नगर निगम के बाहर खड़े हो गए। वहां से मोबाइल पर वीडियो कॉल करते हुए टीम की पल-पल की जानकारी यमुना किनारे पर खड़े पशुपालकों को देते नजर आए। नगर निगम कर्मियों ने वीडियो कॉलिंग पर रेकी करते लोगों को खदेड़ा। फिर टीम हाथी घाट पहुंची। जहां स्ट्रेची ब्रिज के पास 17 भैंसें पकड़ी गई। नदी के बीच में धोबी घाट बंद मिला। दूसरे किनारे पर एत्माउद्दौला की तरफ कपड़े धोए जा रहे थे। जिन्हें चेतावनी दी गई। कूड़ा फेंकने वाला कोई व्यक्ति मौके पर नहीं मिला।
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दो दिन में 33 भैंस पकड़ी
नगर निगम ने यमुना गंदगी फैला रही 33 भैंसों को दो दिन में पकड़ा है। प्रति भैंस 20 हजार रुपये जुर्माना है। जिसके कारण कोई भैंस को छुड़ाने नहीं आया। 33 भैंसों को कांजी हाउस में रखा है।
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नालों पर मूंदी आंखें
एक तरफ भैंस, कूड़ा व गंदगी फेंकने पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन यमुना को मलिन बना रहे नालों पर अफसर आंख मूंदे हुए हैं। नालों के रास्ते मल-मूत्र यमुना में बह रहा है। नदी में जल नहीं है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने नालों को गिरने से रोकने के आदेश दिए हैं। जिनका पालन नहीं हो पा रहा।