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UP: सेंट जोंस कॉलेज की छात्राओं का कमाल, आलू के छिलके और गेहूं के डंठल से बनाया बायो-प्लास्टिक;  होगा ये फायदा

Fri, 21 Jul 2023 02:25 PM IST
धीरेन्द्र सिंह हितेश सिंह, आगरा
हितेश सिंह, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 21 Jul 2023 02:25 PM IST
सार

सेंट जोंस कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग की दो शोधार्थी ने आलू के छिलके और गेहूं के डंठल से बायो-प्लास्टिक तैयार किया है। यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगी। यह इस्तेमाल करने के बाद दो माह में खुद नष्ट हो जाएगी।

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St. John College students made bio-plastic from potato peels and wheat stalks
bio-plastic from potato peels - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पर्यावरण पर प्लास्टिक के दुष्परिणाम को देखते हुए सेंट जोंस कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग की दो शोधार्थियों ने आलू के छिलके और गेहूं की डंठल से बायोप्लास्टिक तैयार की है। यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगी। यह इस्तेमाल करने के बाद दो माह में खुद नष्ट हो जाएगी।

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शोधार्थी हुमरा इकबाल और पूजा शर्मा शोध निर्देशक प्रो. मंजुला आर थॉमस के निर्देशन में तीन वर्ष से बायोप्लास्टिक पर काम कर रहीं हैं। हुमरा ने बताया कि उन्होंने दो तरह की बायोप्लास्टिक तैयार की है। पहली आलू के छिलके से और दूसरी गेहूं के डंठल से। दोनों ही अपशिष्ट पदार्थ (वेस्ट मैटेरियल) हैं।

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आलू के छिलके या गेहूं के डंठल लेने के बाद उसे धुलकर उसे पाउडर रूप में परिवर्तित किया। इसके बाद स्टार्च आइसोलेट किया। उसके बाद बायोप्लास्टिक तैयार किया। बायोप्लास्टिक की मजबूती के लिए जिंक के नैनो पार्टिकल का इस्तेमाल किया गया है। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसपी सिंह का कहना है कि शोध कार्य सराहनीय है। यदि हम बायोप्लास्टिक को इस्तेमाल में ला सकें तो प्रकृति के नुकसान को कम किया जा सकता है। इस शोध कार्य में अपशिष्ट का सदुपयोग भी हो रहा है।

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प्रॉपर्टी टेस्टिंग का चल रहा काम

प्रो. मंजुला आर थॉमस ने बताया कि शोधार्थी की ओर से बायोप्लास्टिक तैयार कर ली गई है। अब इसकी प्रॉपर्टी टेस्टिंग का काम चल रहा है। इसमें देखा जाएगा कि बायोप्लास्टिक पानी या आग के संपर्क में आने के बाद कितनी देर टिक सकती है। शोध कार्य में यह भी प्रयास किया जा रहा कि बायोप्लास्टिक तैयार करने में खर्च कम हो। यह शोध कार्य समाज के लिए उपयोगी साबित होगा। बायोप्लास्टिक को चलन में लाकर प्लास्टिक पर रोक लगाई जा सकती है।

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